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पुलिस और मिल प्रशासन बैकफुट पर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:15 AM IST
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नांगल थाना गेट पर भाकियू की पंचायत में बोलते जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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नांगलसोती में भारतीय किसान यूनियन के उग्र रूप के आगे चीनी मिल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को बैकफुट पर जाना पड़ा। मिल प्रशासन ने किसान नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने एवं सीओ ने भाकियू जिलाध्यक्ष के परिजनों से अभद्रता करने वाले एसआई के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, तो भाकियू ने सामूहिक गिरफ्तारी का फैसला वापस ले लिया।
भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह एवं जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता बृहस्पतिवार सुबह नांगल थाने पर गिरफ्तारी देने पहुंचे। थानाध्यक्ष आरके सिंह द्वारा गिरफ्तार न करने पर भाकियू कार्यकर्ता थाने के गेट पर ही बैठ गए। जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह की अध्यक्षता में भाकियू की पंचायत शुरू हो गई। बलराम सिंह ने कहा कि खाकी ने अपनी गरिमा खोई है। मौजूदा हालात के लिए खुद नांगल पुलिस जिम्मेदार है। किसान हित के लिए आवाज उठाने वाले किसान नेताओं और उनके परिजनों के साथ अभद्रता कर पुलिस ने नीति विरुद्घ काम किया है।
जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि किसानों की समस्या और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना अपराध है, तो यह अपराध मैं बार बार करता रहूंगा। गुस्साए किसानों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बीच प्रदर्शनकारियों की वीडियोग्राफी कर रहे एसआई मुकेेश कुमार से किसानों की तीखी नोकझोंक भी हुई। थानाध्यक्ष आरके सिंह ने बीचबचाव कर मामला निपटाया। अवनीश कुमार के संचालन में हुई पंचायत में बाबूराम तोमर, मदन चौहान, हुकम सिंह, नीटू चौधरी, वीर सिंह डवास, बलिहार सिंह, माकपा नेता रामपाल सिंह, फुरकान, आफाक, शकूर, समरपाल, रंजीत, दिनेश, संदीप, तपराज, धर्मेंद्र राणा सहित सैकड़ों किसान शामिल हुए।
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सीओ, डीजीएम और किसानों में हुई वार्ता
दोपहर 2:45 बजे सीओ ब्रजराज सिंह, उत्तम शुगर मिल के डीजीएम (गन्ना) सुशील खोखर एवं किसान नेताओं बलराम सिंह, सरदार इकबाल सिंह, विनोद परमार, सुनील प्रधान, रामअवतार सिंह, सूरपाल सिंह, सत्यपाल के बीच वार्ता हुई, जिसमें डीजीएम ने दर्ज मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया। उधर, सीओ ब्रजराज सिंह ने अभद्रता करने वाले एसआई के खिलाफ लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात कही। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने सामूहिक गिरफ्तारी का फैसला वापस लेने की घोषणा की।
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भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह एवं जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता बृहस्पतिवार सुबह नांगल थाने पर गिरफ्तारी देने पहुंचे। थानाध्यक्ष आरके सिंह द्वारा गिरफ्तार न करने पर भाकियू कार्यकर्ता थाने के गेट पर ही बैठ गए। जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह की अध्यक्षता में भाकियू की पंचायत शुरू हो गई। बलराम सिंह ने कहा कि खाकी ने अपनी गरिमा खोई है। मौजूदा हालात के लिए खुद नांगल पुलिस जिम्मेदार है। किसान हित के लिए आवाज उठाने वाले किसान नेताओं और उनके परिजनों के साथ अभद्रता कर पुलिस ने नीति विरुद्घ काम किया है।
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जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि किसानों की समस्या और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना अपराध है, तो यह अपराध मैं बार बार करता रहूंगा। गुस्साए किसानों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बीच प्रदर्शनकारियों की वीडियोग्राफी कर रहे एसआई मुकेेश कुमार से किसानों की तीखी नोकझोंक भी हुई। थानाध्यक्ष आरके सिंह ने बीचबचाव कर मामला निपटाया। अवनीश कुमार के संचालन में हुई पंचायत में बाबूराम तोमर, मदन चौहान, हुकम सिंह, नीटू चौधरी, वीर सिंह डवास, बलिहार सिंह, माकपा नेता रामपाल सिंह, फुरकान, आफाक, शकूर, समरपाल, रंजीत, दिनेश, संदीप, तपराज, धर्मेंद्र राणा सहित सैकड़ों किसान शामिल हुए।
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सीओ, डीजीएम और किसानों में हुई वार्ता
दोपहर 2:45 बजे सीओ ब्रजराज सिंह, उत्तम शुगर मिल के डीजीएम (गन्ना) सुशील खोखर एवं किसान नेताओं बलराम सिंह, सरदार इकबाल सिंह, विनोद परमार, सुनील प्रधान, रामअवतार सिंह, सूरपाल सिंह, सत्यपाल के बीच वार्ता हुई, जिसमें डीजीएम ने दर्ज मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया। उधर, सीओ ब्रजराज सिंह ने अभद्रता करने वाले एसआई के खिलाफ लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात कही। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने सामूहिक गिरफ्तारी का फैसला वापस लेने की घोषणा की।