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जैविक खेती की मुहिम रंग लाई
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 02 Mar 2017 12:07 AM IST
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बिजनौर में जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुहिम रंग ला रही है। धामपुर तथा अफजलगढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक रकबे में जैविक खेती हो रही है। गन्ने की जैविक खेती में गौ मूत्र से बीज का उपचार रामबाण साबित हो रहा है।
डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार वर्ष 2012-2013 तक जैविक खेती का रकबा शून्य था। विभाग ने जैविक खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित किया। किसानों को जैविक खेती के फायदे गिनाए गए। जमीन को बंजर होने से बचाने व वायु को प्रदूषण मुक्त करने के लिए रासायनिक खाद की जगह नीम की खली, गोबर का खाद, हरी खाद तथा मैली डालने पर बल दिया गया। विभाग के प्रयास रंग लाया। अब जिले में करीब दो हजार बीघा रकबे में जैविक खेती हो रही है। अफजलगढ़ के वरुण अग्रवाल तथा धामपुर के विजय जैन करीब 400 बीघा में गन्ने की जैविक खेती कर रहे हैं। गन्ने के बीज का गौमूत्र से उपचार करके बुवाई करने पर किसी भी तरह के पेस्टीसाइड की जरूरत नहीं है।
नाथाडोई गांव लिया गोद
बिजनौर में डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार गन्ना विभाग ने धामपुर शुगर मिल के नाथाडोई गांव को गन्ना उत्पादन बढ़ोत्तरी के लिए गोद लिया है। इस गांव में सिंचाई के साधन नहीं हैं। गांव के 80 प्रतिशत किसान सामान्य प्रजाति का गन्ना बोते हैं। गोष्ठी करके किसानों को 94184, 5191, 88014, तथा 118 प्रजाति बोने की सलाह दी गई है। धामपुर शुगर मिल को बीज व ट्रेंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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यूपी में नंबर वन
बिजनौर में डीसीओ के अनुसार बहादरपुर शुगर मिल ने गन्ना रिकवरी में अपने ही पिछले रिकार्ड तोड़ दिए हैं। मिल की रिकवरी 13.25 प्रतिशत हो गई है। पिछले साल रिकवरी 13.22 प्रतिशत थी। इसी के साथ मिल की गन्ना रिकवरी में यूपी में नंबर वन हो गई है। बुधवार को बहादरपुर शुगर मिल ने 13 करोड़, बुंदकी ने 11 करोड़, स्योहरा ने 12.5 करोड़, चांदपुर ने 11 करोड़, धामपुर ने 25 करोड़, बिजनौर ने आठ करोड़, बरकातपुर में साढ़े चार करोड़, बिलाई ने तीन करोड़, नजीबाबाद शुगर मिल ने साढ़े छह करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है।
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डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार वर्ष 2012-2013 तक जैविक खेती का रकबा शून्य था। विभाग ने जैविक खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित किया। किसानों को जैविक खेती के फायदे गिनाए गए। जमीन को बंजर होने से बचाने व वायु को प्रदूषण मुक्त करने के लिए रासायनिक खाद की जगह नीम की खली, गोबर का खाद, हरी खाद तथा मैली डालने पर बल दिया गया। विभाग के प्रयास रंग लाया। अब जिले में करीब दो हजार बीघा रकबे में जैविक खेती हो रही है। अफजलगढ़ के वरुण अग्रवाल तथा धामपुर के विजय जैन करीब 400 बीघा में गन्ने की जैविक खेती कर रहे हैं। गन्ने के बीज का गौमूत्र से उपचार करके बुवाई करने पर किसी भी तरह के पेस्टीसाइड की जरूरत नहीं है।
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नाथाडोई गांव लिया गोद
बिजनौर में डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार गन्ना विभाग ने धामपुर शुगर मिल के नाथाडोई गांव को गन्ना उत्पादन बढ़ोत्तरी के लिए गोद लिया है। इस गांव में सिंचाई के साधन नहीं हैं। गांव के 80 प्रतिशत किसान सामान्य प्रजाति का गन्ना बोते हैं। गोष्ठी करके किसानों को 94184, 5191, 88014, तथा 118 प्रजाति बोने की सलाह दी गई है। धामपुर शुगर मिल को बीज व ट्रेंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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यूपी में नंबर वन
बिजनौर में डीसीओ के अनुसार बहादरपुर शुगर मिल ने गन्ना रिकवरी में अपने ही पिछले रिकार्ड तोड़ दिए हैं। मिल की रिकवरी 13.25 प्रतिशत हो गई है। पिछले साल रिकवरी 13.22 प्रतिशत थी। इसी के साथ मिल की गन्ना रिकवरी में यूपी में नंबर वन हो गई है। बुधवार को बहादरपुर शुगर मिल ने 13 करोड़, बुंदकी ने 11 करोड़, स्योहरा ने 12.5 करोड़, चांदपुर ने 11 करोड़, धामपुर ने 25 करोड़, बिजनौर ने आठ करोड़, बरकातपुर में साढ़े चार करोड़, बिलाई ने तीन करोड़, नजीबाबाद शुगर मिल ने साढ़े छह करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है।