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Bijnor News: अमावस्या पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर किया पितरों का तर्पण
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श्रद्धा और संचयन... गंगा बैराज पर पितरों के तर्पण के बाद स्नान करते श्रद्धालुओं और उनके द्वारा
बिजनौर/जलीलपुर। पितृ विसर्जन अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। बिजनौर बैराज समेत गंगा के अन्य घाटों पर भीड़ लगी रही। दोपहर होने तक गंगा स्नान करने का सिलसिला जारी रहा। स्नान-दान के साथ पितरों का तर्पण करते हुए मंगल कामना की।
शनिवार को पितृ विसर्जन अमावस्या को लेकर बिजनौर बैराज पर तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दिया। वहीं मां गंगा को पुष्प दीप और धूप आदि अर्पित किए। साथ ही पितर देवताओं को जलदान के साथ तर्पण किया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान करने के बाद अपने पितरों के निमित्त तर्पण, पूजा-अर्चना और पिंडदान किया। श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को दान-पुण्य कर पूर्वजों की आत्मा की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बिजनौर बैराज के अलावा विदुरकुटी दारानगर गंज, नांगलसोती, रावली और बालावाली घाट पर श्रद्धालुओं ने पहुंचकर गंगा स्नान किया।
उधर चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग पर बने गंगा पुल के निकट सुबह चार बजे से श्रद्धालु गंगा घाट पहुंचने शुरू हो गए थे। पांच बजे से गंगा पुल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने लगी। बाइक खड़ी करने की जगह न मिलने पर सैकड़ों श्रद्धालु अपनी बाइक गंगा पुल पर खड़ी कर गंगा स्नान को चले गए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण गंगा पुल पर जाम के हालात हो गए। करीब तीन घंटा वाहनों का आवागमन बंद रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने भारी वाहनों को पांडवनगर पुलिस चौकी से पहले ही रोक दिया। श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने पर भारी वाहनों को आगे भेजा गया।
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पक्का गंगा घाट न होने से श्रद्धालु रहे परेशान
जलीलपुर और हस्तिनापुर के बीच गंगा पर पुल और सड़क बन जाने के बाद से धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की भारी पहुंचने लगी हैं। श्रद्धालु गंगा पुल के निकट धार्मिक अनुष्ठान करते हैं व वहीं बिना व्यवस्थाओं के गंगा स्नान करते हैं। पक्का गंगा घाट न होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। श्रद्धालु विमल शर्मा, सुनील कुमार, संदीप शर्मा, प्रदीप कुमार, सोनू सिंह आदि ने गंगा पुल के निकट पक्का स्नान घाट बनवाया जाए।
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शनिवार को पितृ विसर्जन अमावस्या को लेकर बिजनौर बैराज पर तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दिया। वहीं मां गंगा को पुष्प दीप और धूप आदि अर्पित किए। साथ ही पितर देवताओं को जलदान के साथ तर्पण किया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान करने के बाद अपने पितरों के निमित्त तर्पण, पूजा-अर्चना और पिंडदान किया। श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को दान-पुण्य कर पूर्वजों की आत्मा की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बिजनौर बैराज के अलावा विदुरकुटी दारानगर गंज, नांगलसोती, रावली और बालावाली घाट पर श्रद्धालुओं ने पहुंचकर गंगा स्नान किया।
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उधर चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग पर बने गंगा पुल के निकट सुबह चार बजे से श्रद्धालु गंगा घाट पहुंचने शुरू हो गए थे। पांच बजे से गंगा पुल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने लगी। बाइक खड़ी करने की जगह न मिलने पर सैकड़ों श्रद्धालु अपनी बाइक गंगा पुल पर खड़ी कर गंगा स्नान को चले गए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण गंगा पुल पर जाम के हालात हो गए। करीब तीन घंटा वाहनों का आवागमन बंद रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने भारी वाहनों को पांडवनगर पुलिस चौकी से पहले ही रोक दिया। श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने पर भारी वाहनों को आगे भेजा गया।
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पक्का गंगा घाट न होने से श्रद्धालु रहे परेशान
जलीलपुर और हस्तिनापुर के बीच गंगा पर पुल और सड़क बन जाने के बाद से धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की भारी पहुंचने लगी हैं। श्रद्धालु गंगा पुल के निकट धार्मिक अनुष्ठान करते हैं व वहीं बिना व्यवस्थाओं के गंगा स्नान करते हैं। पक्का गंगा घाट न होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। श्रद्धालु विमल शर्मा, सुनील कुमार, संदीप शर्मा, प्रदीप कुमार, सोनू सिंह आदि ने गंगा पुल के निकट पक्का स्नान घाट बनवाया जाए।

श्रद्धा और संचयन... गंगा बैराज पर पितरों के तर्पण के बाद स्नान करते श्रद्धालुओं और उनके द्वारा

श्रद्धा और संचयन... गंगा बैराज पर पितरों के तर्पण के बाद स्नान करते श्रद्धालुओं और उनके द्वारा