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Bijnor News: गेट की जंजीर तोड़कर कलक्ट्रेट में घुसे किसान, किया प्रदर्शन
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बिजनौर कलक्ट्रेट में जाने के लिए गेट को धकेलते भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता। स्रोत वीडियो ग्रैब
बिजनौर। भाकियू टिकैत के बैनर तले किसानों की भीड़ ने कलक्ट्रेट के गेट की जंजीर को तोड़ डाला और अंदर दाखिल हो गए। उन्होंने धान और गन्ना खरीद को लेकर किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाया। वहीं काकरोच जनता पार्टी के समर्थन में भी ज्ञापन दिया।
शनिवार को भाकियू टिकैत जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान के नेतृत्व में किसान गन्ना समिति में एकत्र हुए। इसके बाद पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पर पहुंचे। कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन पर पाबंदी के चलते गेट को बंद किया गया था। ऐसे में किसानों की भीड़ ने धक्का देकर गेट में पड़ी जंजीर को तोड़ दिया। गेट खुलते ही नारेबाजी करते हुए किसान कलक्ट्रेट में दाखिल हो गए। किसानों ने प्रदर्शन करने के बाद दो अलग अलग ज्ञापन एसडीएम को सौंपे। एक ज्ञापन में कहा गया कि धान खरीद के लिए सभी क्रय केंद्रों को चालू किया जाए। चीनी मिलों से निकलने वाली मैली को किसानों को उचित दाम पर देना चाहिए। गन्ना क्रय केंद्रों पर होने वाली घटतौली पर रोक लगाने की मांग उठाई।
वहीं राष्ट्रपति को संबोधित दूसरे ज्ञापन में कहा गया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नागरिकों के मताधिकार की बहाली तथा निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल चुनाव कराने की व्यवस्था नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को समान राजनीतिक अधिकार, सम्मान और अपनी सरकार चुनने का अवसर प्रदान करने वाली संवैधानिक व्यवस्था है। इस लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति देश के किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित, पिछड़े, गरीब और वंचित वर्गों सहित प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार में निहित है। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल और शिकायतें सामने आई हैं। विभिन्न रिपोर्टों में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने तथा निर्वाचन आयोग के भीतर प्रक्रिया को लेकर उठाई गई आपत्तियों का उल्लेख हुआ है। जिन नागरिकों के नाम गलत तरीके से अथवा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना हटाए गए पाए जाएं, उनके नाम समयबद्ध तरीके से मतदाता सूची में पुनः शामिल किए जाने चाहिए।
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इस दौरान मुकेश जंघाला, बाबूराम तोमर, कोमन सिंह, गजेंद्र सिंह, मुनेंद्र काकरान, अजय बालियान, नरदेव सिंह, संदीप त्यागी, आशू चौधरी, डॉ विजय, अरुण कुमार, नीटू चौधरी, रजनीश अहलावत, कवराज सिंह आदि शामिल रहे।
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शनिवार को भाकियू टिकैत जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान के नेतृत्व में किसान गन्ना समिति में एकत्र हुए। इसके बाद पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पर पहुंचे। कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन पर पाबंदी के चलते गेट को बंद किया गया था। ऐसे में किसानों की भीड़ ने धक्का देकर गेट में पड़ी जंजीर को तोड़ दिया। गेट खुलते ही नारेबाजी करते हुए किसान कलक्ट्रेट में दाखिल हो गए। किसानों ने प्रदर्शन करने के बाद दो अलग अलग ज्ञापन एसडीएम को सौंपे। एक ज्ञापन में कहा गया कि धान खरीद के लिए सभी क्रय केंद्रों को चालू किया जाए। चीनी मिलों से निकलने वाली मैली को किसानों को उचित दाम पर देना चाहिए। गन्ना क्रय केंद्रों पर होने वाली घटतौली पर रोक लगाने की मांग उठाई।
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वहीं राष्ट्रपति को संबोधित दूसरे ज्ञापन में कहा गया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नागरिकों के मताधिकार की बहाली तथा निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल चुनाव कराने की व्यवस्था नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को समान राजनीतिक अधिकार, सम्मान और अपनी सरकार चुनने का अवसर प्रदान करने वाली संवैधानिक व्यवस्था है। इस लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति देश के किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित, पिछड़े, गरीब और वंचित वर्गों सहित प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार में निहित है। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल और शिकायतें सामने आई हैं। विभिन्न रिपोर्टों में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने तथा निर्वाचन आयोग के भीतर प्रक्रिया को लेकर उठाई गई आपत्तियों का उल्लेख हुआ है। जिन नागरिकों के नाम गलत तरीके से अथवा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना हटाए गए पाए जाएं, उनके नाम समयबद्ध तरीके से मतदाता सूची में पुनः शामिल किए जाने चाहिए।
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इस दौरान मुकेश जंघाला, बाबूराम तोमर, कोमन सिंह, गजेंद्र सिंह, मुनेंद्र काकरान, अजय बालियान, नरदेव सिंह, संदीप त्यागी, आशू चौधरी, डॉ विजय, अरुण कुमार, नीटू चौधरी, रजनीश अहलावत, कवराज सिंह आदि शामिल रहे।

बिजनौर कलक्ट्रेट में जाने के लिए गेट को धकेलते भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता। स्रोत वीडियो ग्रैब