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हड़ताल से हटने काे तैयार नहीं कर्मचारी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 13 Sep 2016 01:09 AM IST
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बिजनौर कलेक्ट्रेट में बेमियादी धरना देकर नारेेबाजी करतीं आश्ााएं।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में जिलेभर में एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मेसिस्ट, आशाओं और रोजगार सेवकों से लेकर अन्य कर्मचारी अपनी मांगोंं को लेकर हड़ताल पर चल रहे हैं। इसके चलते स्वास्थ्य से लेकर अन्य जरूरी सेवाएं प्रभावित हैं। इसक बावजूद कर्मचारी हड़ताल से हटने को तैयार नहीं हैं।
सीएमओ कार्यालय पर सोमवार को सातवें दिन भी धरना जारी रहा। संविदा कर्मचारियों ने कहा कि नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन समेत कई अन्य मांगों को लेकर आंदोलन अभी आगे भी चलेगा। धरनास्थल पर चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एलटी, बीपीएम, बीसीपीएम, एएनएम, डेंटल सहित अन्य मौजूद रहे।सीएचसी अफजलगढ़, पीएचसी कासमपुरगढ़ी पर तैनात संविदाकर्मी सात दिन से हड़ताल पर है। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मरीज बिना खून की जांच कराए वापस लौट रहे हैं। एएनएम व स्टाफ नर्स के हड़ताल से गांव में होने वाले टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। गर्भवती महिलाओं की सामान्य जांचे, डिलीवरी जैसी सेवाएं प्रभावित हो गई है।विभिन्न पदों पर तैनात संविदा स्वास्थ्यकर्मी नियमितीकरण, समान काम, समान वेतन, एचआर पालिसी लागू करना आदि मांगो के चलते हड़ताल पर हैं। जिसमें एएनएम, स्टाफ नर्स, डॉक्टर, एलटी फार्मासिस्ट, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि जिनमें शहनाज, रेनु, संकेत, ममता, संजय, स्वेता, पीयूष, मनोज कुमार, निकिल कुमार, हेमंत कुमार, सीमा कुशवाहा, प्रतिभा, अल्का, सुनील आदि रहे। चिकित्सा प्रभारी डा. रजनीश का कहना है कि यदि हड़ताल कर रहे संविदाकर्मी काम पर वापस नहीं हुए तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को रिपोर्ट होगी।
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डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर वेतन विसंगति दूर करने समेत अन्य कई मांगों को लेकर तीसरे दिन भी फार्मेसिस्टों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। इसके साथ ही मांगे पूरी नही होने पर 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी। इस मौके पर राजेश कुमार रवि, आनंद प्रकाश, नरेश चंद रूडौला, सतेंद्र अमौली, जेडी सकलानी, राम सिंह और अशोक भंडारी आदि मौजूद रहे। उधर, आशाओं ने राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट ने धरना-प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वह पिछले दस वर्षों से ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन से जुड़ी हुुई हैं, लेकिन केंद्र व प्रदेश सरकार हमें हमारे काम के बदले कुछ भी धनराशि नहीं दे रही है। आशाएं सर्दी, गर्मी व बरसात में अपना काम ईमानदारी से करती हैं। आशाओं को जब तक राज्य कर्मचारी घोषित नहीं किया जाएगा, वह अनिश्चित कालीन धरना-प्रदर्शन करेंगी। आंदोलन काे सफल बनाने का आह्वान किया गया है।
उन्होंने कहा कि आशाआंे ने इससे पहले भी कई चरणों में आंदोलन किया था। सरकार की आेर से कई मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया। लेकिन अब सुनवाई नहीं हो पाई। धरने में हृदेश शर्मा, रेखा सैनी समेत जिले की कई अन्य आशाएं मौजूद रहीं।
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सीएमओ कार्यालय पर सोमवार को सातवें दिन भी धरना जारी रहा। संविदा कर्मचारियों ने कहा कि नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन समेत कई अन्य मांगों को लेकर आंदोलन अभी आगे भी चलेगा। धरनास्थल पर चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एलटी, बीपीएम, बीसीपीएम, एएनएम, डेंटल सहित अन्य मौजूद रहे।सीएचसी अफजलगढ़, पीएचसी कासमपुरगढ़ी पर तैनात संविदाकर्मी सात दिन से हड़ताल पर है। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मरीज बिना खून की जांच कराए वापस लौट रहे हैं। एएनएम व स्टाफ नर्स के हड़ताल से गांव में होने वाले टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। गर्भवती महिलाओं की सामान्य जांचे, डिलीवरी जैसी सेवाएं प्रभावित हो गई है।विभिन्न पदों पर तैनात संविदा स्वास्थ्यकर्मी नियमितीकरण, समान काम, समान वेतन, एचआर पालिसी लागू करना आदि मांगो के चलते हड़ताल पर हैं। जिसमें एएनएम, स्टाफ नर्स, डॉक्टर, एलटी फार्मासिस्ट, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि जिनमें शहनाज, रेनु, संकेत, ममता, संजय, स्वेता, पीयूष, मनोज कुमार, निकिल कुमार, हेमंत कुमार, सीमा कुशवाहा, प्रतिभा, अल्का, सुनील आदि रहे। चिकित्सा प्रभारी डा. रजनीश का कहना है कि यदि हड़ताल कर रहे संविदाकर्मी काम पर वापस नहीं हुए तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को रिपोर्ट होगी।
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डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर वेतन विसंगति दूर करने समेत अन्य कई मांगों को लेकर तीसरे दिन भी फार्मेसिस्टों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। इसके साथ ही मांगे पूरी नही होने पर 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी। इस मौके पर राजेश कुमार रवि, आनंद प्रकाश, नरेश चंद रूडौला, सतेंद्र अमौली, जेडी सकलानी, राम सिंह और अशोक भंडारी आदि मौजूद रहे। उधर, आशाओं ने राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट ने धरना-प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वह पिछले दस वर्षों से ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन से जुड़ी हुुई हैं, लेकिन केंद्र व प्रदेश सरकार हमें हमारे काम के बदले कुछ भी धनराशि नहीं दे रही है। आशाएं सर्दी, गर्मी व बरसात में अपना काम ईमानदारी से करती हैं। आशाओं को जब तक राज्य कर्मचारी घोषित नहीं किया जाएगा, वह अनिश्चित कालीन धरना-प्रदर्शन करेंगी। आंदोलन काे सफल बनाने का आह्वान किया गया है।
उन्होंने कहा कि आशाआंे ने इससे पहले भी कई चरणों में आंदोलन किया था। सरकार की आेर से कई मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया। लेकिन अब सुनवाई नहीं हो पाई। धरने में हृदेश शर्मा, रेखा सैनी समेत जिले की कई अन्य आशाएं मौजूद रहीं।