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‘किसान हित में नहीं गन्ना क्रय केंद्र की नई नीति’

Fri, 23 Oct 2020 12:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2020 12:08 AM IST
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New policy of sugarcane purchasing center not in farmer interest'
‘किसान हित में नहीं गन्ना क्रय केंद्र की नई नीति’
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बिजनौर। राष्ट्रीय लोकदल रुहेलखंड क्षेत्र अध्यक्ष प्रवीण सिंह देशवाल ने कहा कि गन्ना आयुक्त ने गन्ना केंद्र की नई नीति किसानों के हित में नहीं बनाई है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर लगातार किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि सरकार ने क्रय केंद्र स्थापित करने से संबंधित पुरानी नीति से छेड़छाड़ की तो राष्ट्रीय लोकदल चुप नहीं बैठेगी, आंदोलन करने को बाध्य होगी।

उन्होंने कहा कि पहले धान खरीद केंद्र नहीं चल रहे थे, अब गन्ना सीजन शुरू होने वाला है। गन्ना क्रय केंद्रों को समाप्त कर दूसरे केंद्रों में मिलाए जाने का फरमान जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर किसान गन्ना सेंटर पर अपना भैंसा बुग्गी अथवा बैलगाड़ी में लादकर ले जाते हैं। दूरदराज के किसानों को चीनी मिलों तक की दूरी न तय करनी पड़े, इसलिए गन्ना क्रय केंद्र स्थापित किए जाते हैं। मगर अब नई नीति के तहत दो से तीन गन्ना क्रय केंद्रों को मिलाकर एक जगह क्रय केंद्र बनाया जाना प्रस्तावित है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की नीति किसान हित में न होकर चीनी मिल मालिकों के हित में है। उन्होंने बताया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश गन्ना बेल्ट है। गन्ना क्रय केंद्रों का इस प्रकार बनाए जाने से किसानों को अपना गन्ना बेचने में परेशानी आएगी। देशवाल ने मांग की है कि गन्ना क्रय केंद्रों की मनमानी स्थापना न होकर किसान हित में हो। कोई क्रय केंद्र समाप्त न किया जाए। ऐसा न होने पर राष्ट्रीय लोकदल आंदोलन करने को बाध्य होगी।
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