Bijnor: रावण और कुंभकरण के पुतले बना रहे मुस्लिम कारीगर, पांच दशक से यामीन ने संभाली कमान
बिजनाैर में रावण और कुंभकरण के पुतलों का निर्माण करीब पांच दशक से ज्यादा से मुस्लिम कारीगर कर रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश के बिजनाैर में विजयदशमी पर्व पर रामरीला मैदान में 35 फीट के रावण और 30 फीट के कुंभकरण के पुतलों का दहन होगा। इन पुतलों का निर्माण करीब पांच दशक से ज्यादा से मुस्लिम कारीगर कर रहे हैं।
रामसेवक मंडल श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विकास गुप्ता उर्फ रॉकी ने बताया कि शुरू में मोहल्ला शाहचंदन निवासी अब्दुल्ला पुतलों को बनाया करते थे। इसके बाद उनके परिवार के ही इश्तियाक ने कमान संभाली।
पिछले करीब पांच दशक से इसी परिवार के यामीन ने इस काम को संभाल रखा था। अब करीब छह सात साल से अमरोहा जनपद के मंडी धनौरा निवासी जमील अहमद पुतले बनाने का काम कर रहे हैं।
जमील अहमद(62) ने बताया कि उन्होंनेे पुतला बनाने का काम बुलंदशहर में उस्ताद यामीन से सीखा था। उस्ताद का इंतकाल हो गया है। जमील अहमद ने बताया कि उन्होंने इस कार्य में अपने पुत्र अकरम और नईम खान को भी लगा रखा है।
ये सामान लगता है पुतले बनाने में
कारीगर जमील अहमद ने बताया कि 35 फीट के रावण और 30 फीट के कुंभकरण के पुतले को तैयार करने में करीब एक माह का समय लगता है। करीब 120 लकड़ी के बांस, मैदा, शरीर बनाने में काले रंग के कागज व चेहरा बनाने में रंगीन कागज, कपड़ा, पटाखों का इस्तेमाल किया जाता है।