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माह ए रमजान : अकीदतमदों ने अदा की जुमे की नमाज
Fri, 31 Mar 2023 11:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 31 Mar 2023 11:58 PM IST
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- मुल्क में अमन व शांति के लिए मांगी गई दुआएं
- महिलाओं ने घरों में अदा की जुमे की नमाज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/ गजरौला शिव। माह ए रमजान के दूसरे जुमे की नमाज शांति के साथ अदा की गई। अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन और शांति की दुआ मांगी। मस्जिदों के बाहर पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था रही। महिलाओं ने घरों में रहकर जुमे की नमाज अदा की। मौसम ठंडा होने से बच्चों और बूढ़ों ने भी रोज रखें।
बिजनौर की रेलवे स्टेशन वाली जामा मस्जिद में नमाज से पूर्व नमाजियों को खिताब करते हुए मौलाना अरशद ने फरमाया कि माह-ए-रमजानुल मुबारक बड़ा ही बरकत वाला महीना है। इस माह में तीन अशरे होते हैं । रमजान का पहला अशरा (शुरू के 10 दिन) रहमत का होता है, जो चल रहा है। दूसरा अशरा दो दिन बाद शुरू होने वाला है। इस अशरे में अल्लाह की ओर से बेपनाह रहमतें नाजिल होती हैं ।
उन्होंने कहा कि रमजान इबादत का महीना है, इस महीने जितनी इबादत की जाये कम है। मुसलमान कुरान की तिलावत करें, रोजे रखे, तरावीह (विशेष नमाज) कसरत के साथ पढ़े। खैरात, जकात निकाल कर गरीबों को दें, ताकि वे भी ईद की खुशियों में शामिल हो जाये।
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उन्होंने कहा कि रमजान में एक नेकी का सवाब फर्ज के बराबर और फर्ज का सवाब 70 फरजों के बराबर दिया जाता है। शुक्रवार का दिन ठंडा होने से बुजुर्गों व बच्चों ने भी रोजे रखे। सुबह से ही जुमे की नमाज के लिए मस्जिदों में साफ सफाई की गई थी, नमाज पढ़ने के लिए चटाई बिछाई गई थी। जगह कम होने के कारण मस्जिदों की छतों पर भी जुमे की नमाज अदा की गई ।
बिजनौर में काजीपाड़ा मरकज वाली मस्जिद, चाहशीरी जामा मस्जिद, सिविल लाइंस की तकिया वाली मस्जिद, सराय वाली मस्जिद, कचहरी वाली मस्जिद, जजी चौक मस्जिद, स्टेशन वाली मस्जिद, जेल के पीछे वाली आदि मस्जिदों में रमजान माह के दूसरे जुमे की नमाज शांति एवं अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने मुल्क में अमन व शांति के लिए दुआएं मांगी। उधर देहात की गजरौला शिव, झलरा, जंदरपुर, मंडावली आदि देहात की मस्जिदों में भी मुकद्दस रमजान माह के दूसरे जुमे की नमाज के लिए मस्जिदों में भी नमाजियों की भारी भीड़ रही।
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- महिलाओं ने घरों में अदा की जुमे की नमाज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/ गजरौला शिव। माह ए रमजान के दूसरे जुमे की नमाज शांति के साथ अदा की गई। अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन और शांति की दुआ मांगी। मस्जिदों के बाहर पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था रही। महिलाओं ने घरों में रहकर जुमे की नमाज अदा की। मौसम ठंडा होने से बच्चों और बूढ़ों ने भी रोज रखें।
बिजनौर की रेलवे स्टेशन वाली जामा मस्जिद में नमाज से पूर्व नमाजियों को खिताब करते हुए मौलाना अरशद ने फरमाया कि माह-ए-रमजानुल मुबारक बड़ा ही बरकत वाला महीना है। इस माह में तीन अशरे होते हैं । रमजान का पहला अशरा (शुरू के 10 दिन) रहमत का होता है, जो चल रहा है। दूसरा अशरा दो दिन बाद शुरू होने वाला है। इस अशरे में अल्लाह की ओर से बेपनाह रहमतें नाजिल होती हैं ।
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उन्होंने कहा कि रमजान इबादत का महीना है, इस महीने जितनी इबादत की जाये कम है। मुसलमान कुरान की तिलावत करें, रोजे रखे, तरावीह (विशेष नमाज) कसरत के साथ पढ़े। खैरात, जकात निकाल कर गरीबों को दें, ताकि वे भी ईद की खुशियों में शामिल हो जाये।
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उन्होंने कहा कि रमजान में एक नेकी का सवाब फर्ज के बराबर और फर्ज का सवाब 70 फरजों के बराबर दिया जाता है। शुक्रवार का दिन ठंडा होने से बुजुर्गों व बच्चों ने भी रोजे रखे। सुबह से ही जुमे की नमाज के लिए मस्जिदों में साफ सफाई की गई थी, नमाज पढ़ने के लिए चटाई बिछाई गई थी। जगह कम होने के कारण मस्जिदों की छतों पर भी जुमे की नमाज अदा की गई ।
बिजनौर में काजीपाड़ा मरकज वाली मस्जिद, चाहशीरी जामा मस्जिद, सिविल लाइंस की तकिया वाली मस्जिद, सराय वाली मस्जिद, कचहरी वाली मस्जिद, जजी चौक मस्जिद, स्टेशन वाली मस्जिद, जेल के पीछे वाली आदि मस्जिदों में रमजान माह के दूसरे जुमे की नमाज शांति एवं अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने मुल्क में अमन व शांति के लिए दुआएं मांगी। उधर देहात की गजरौला शिव, झलरा, जंदरपुर, मंडावली आदि देहात की मस्जिदों में भी मुकद्दस रमजान माह के दूसरे जुमे की नमाज के लिए मस्जिदों में भी नमाजियों की भारी भीड़ रही।