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हृदय और मस्तिष्क को बीमार कर सकता है अकेलापन
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हृदय और मस्तिष्क को बीमार कर सकता है अकेलापन
बिजनौर। अकेलेपन से कई प्रकार की बीमारियां हमारे शरीर के भीतर प्रवेश कर सकती हैं। अधिक समय तक अकेला रहने से व्यक्ति को हृदय और मस्तिष्क घात जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ये ही नहीं इससे चिंताएं, अवसाद और तनाव जैसी समस्याएं भी होती हैं। इसलिए इन सबसे बचने के लिए अपनी दिनचर्या में सुबह की सैर तथा योगासन आदि को अवश्य शामिल करें।
वर्तमान में चल रही कोरोना महामारी के कारण लोग एक-दूसरे से नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में सामाजिक दूरी बनाकर रखना बेहद ही जरूरी है। इसके दूसरे पहलू को देखें तो लॉकडाउन और सामाजिक दूरी बनाने से लोगों में मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्या होना आम बात हो गई है। नगर के वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि यदि आपके परिवार का कोई भी सदस्य अकारण ही अधिक समय तक अकेला रहता है, तो वह किसी परेशानी का शिकार हो सकता है। अकेलेपन की चपेट में आने के प्रमुख कारण बढ़ता वर्क लोड और एकांत परिवार आदि शामिल हैं। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए अपने साथियों का ध्यान रख सकते हैं।
ऑर्थोपेडिक स्पाइन सर्जन डॉ. अमित नारायण के अनुसार वर्तमान में चल रही कोरोना महामारी के कारण हर आदमी अकेलापन महसूस करने लगा है। घर से बाहर निकलें तो कोरोना का डर और घर के भीतर रहें तो अकेलेपन के कारण चिड़चिड़ापन आदि की समस्याएं। उन्होंने बताया कि लक्षणों के आधार पर हम इसकी पहचान कर सकते हैं। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए अपनों के संपर्क में हर समय रहना अनिवार्य है। साथ ही योगाभ्यास और पुस्तकों का अध्ययन कर भी ऐसी तमाम समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।
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ये हैं बीमारियों के लक्षण
1. डिप्रेशन में रहना व आत्महत्या के लिए मन में विचार आना।
2. भूख कम अथवा अधिक लगना।
3. हर समय थकान रहना और कमजोरी महसूस करना।
4. किसी भी काम में मन न लगना।
5. शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द महसूस होना।
6. सही ढंग से नींद न आना।
7. रात में नींद न आना और घबराहट होना।
इन समस्याओं से बचने के लिए करें ये काम
1. योग करना, ध्यान लगाना, संगीत सुनना।
2. रिश्तेदारों के संपर्क में रहकर आपस में अपनी समस्या को साझा करना।
3. पिक्चर देखना, पुरानी एलबम आदि देखकर काम चला सकते हैं।
4. जरूरत पड़ने पर मनोचिकित्सक की सलाह लेना।
5. मॉर्निंग वॉक करें, योगाभ्यास करें।
6. दिन में खूब पानी पीएं।
7. अपने दोस्तों से और रिश्तेदारों से संबंध बनाए रखें।
8. किसी बात को लेकर हर्ट न करें।
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बिजनौर। अकेलेपन से कई प्रकार की बीमारियां हमारे शरीर के भीतर प्रवेश कर सकती हैं। अधिक समय तक अकेला रहने से व्यक्ति को हृदय और मस्तिष्क घात जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ये ही नहीं इससे चिंताएं, अवसाद और तनाव जैसी समस्याएं भी होती हैं। इसलिए इन सबसे बचने के लिए अपनी दिनचर्या में सुबह की सैर तथा योगासन आदि को अवश्य शामिल करें।
वर्तमान में चल रही कोरोना महामारी के कारण लोग एक-दूसरे से नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में सामाजिक दूरी बनाकर रखना बेहद ही जरूरी है। इसके दूसरे पहलू को देखें तो लॉकडाउन और सामाजिक दूरी बनाने से लोगों में मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्या होना आम बात हो गई है। नगर के वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि यदि आपके परिवार का कोई भी सदस्य अकारण ही अधिक समय तक अकेला रहता है, तो वह किसी परेशानी का शिकार हो सकता है। अकेलेपन की चपेट में आने के प्रमुख कारण बढ़ता वर्क लोड और एकांत परिवार आदि शामिल हैं। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए अपने साथियों का ध्यान रख सकते हैं।
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ऑर्थोपेडिक स्पाइन सर्जन डॉ. अमित नारायण के अनुसार वर्तमान में चल रही कोरोना महामारी के कारण हर आदमी अकेलापन महसूस करने लगा है। घर से बाहर निकलें तो कोरोना का डर और घर के भीतर रहें तो अकेलेपन के कारण चिड़चिड़ापन आदि की समस्याएं। उन्होंने बताया कि लक्षणों के आधार पर हम इसकी पहचान कर सकते हैं। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए अपनों के संपर्क में हर समय रहना अनिवार्य है। साथ ही योगाभ्यास और पुस्तकों का अध्ययन कर भी ऐसी तमाम समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।
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ये हैं बीमारियों के लक्षण
1. डिप्रेशन में रहना व आत्महत्या के लिए मन में विचार आना।
2. भूख कम अथवा अधिक लगना।
3. हर समय थकान रहना और कमजोरी महसूस करना।
4. किसी भी काम में मन न लगना।
5. शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द महसूस होना।
6. सही ढंग से नींद न आना।
7. रात में नींद न आना और घबराहट होना।
इन समस्याओं से बचने के लिए करें ये काम
1. योग करना, ध्यान लगाना, संगीत सुनना।
2. रिश्तेदारों के संपर्क में रहकर आपस में अपनी समस्या को साझा करना।
3. पिक्चर देखना, पुरानी एलबम आदि देखकर काम चला सकते हैं।
4. जरूरत पड़ने पर मनोचिकित्सक की सलाह लेना।
5. मॉर्निंग वॉक करें, योगाभ्यास करें।
6. दिन में खूब पानी पीएं।
7. अपने दोस्तों से और रिश्तेदारों से संबंध बनाए रखें।
8. किसी बात को लेकर हर्ट न करें।