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Bijnor News: मांग पूरी न होने पर लेखपालों ने छोड़ा सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप
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धामपुर के तहसील सभा कक्ष में संपन्न हुई बैठक में मौजूद उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की जिला अध्यक्ष
- जिले की सभी पांच तहसीलों में 460 लेखपाल हैं कार्यरत
- 24 को जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन आंदोलन होगा शुरू, 14 को निकलेगी बाइक रैली
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/धामपुर। पूरी न करने पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का आंदोलन तेज हो गया है। प्रांतीय आह्वान पर बृहस्पतिवार को जिले की सभी तहसीलों में कार्यरत 460 लेखपालों ने अधिकारियों के सरकारी ग्रुप को छोड़ दिया है। लेखपाल मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन समय के लिए ऑनलाइन कार्य नहीं करेंगे।
जिला अध्यक्ष अंजलि त्यागी का कहना है कि अब आंदोलन का दूसरे चरण शुरू हो गया है। अब लेखपाल कोई भी कार्य ऑनलाइन नहीं करेंगे। पहले लेखपालों ने सिर्फ अतिरिक्त बस्ते जमा किए थे। चाहे सरकार व जनता को कितनी भी परेशानी हो। जब सरकार उनकी नहीं सुन रही है तो संगठन के पास इसके अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। धामपुर के तहसील के सभा कक्ष में उत्तर प्रदेश लेखपाल के कार्यकर्ताओं की तहसील स्तरीय बैठक हुई।
जिलाध्यक्ष अंजलि त्यागी ने लेखपालों की वेतन विसंगति को दूर करने, 2800 पे ग्रेड देने, लेखपाल के पद को टेक्निकल घोषित करने, पदोन्नति करने, अंतर मंडलीय तबादला करने, यात्रा भत्ता बढ़ाने सहित कई अन्य मांग की। सरकार उनकी मांगों को नहीं सुन रही है।
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आंदोलन के इसी चरण में 10 अक्तूबर को तहसील मुख्यालय पर लेखपाल काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। 12 को रक्तदान शिविर लगेगा। इसके बाद 14 को जनपद मुख्यालय पर बाइक रैली और 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन होगा। वहीं, 23 को तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन और 24 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की बात कही।
उन्होंने लेखपालों से एकजुटता बनाए रखते हुए सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है। बिजनौर तहसील मंत्री प्रीतम सिंह ने कहा कि संघ के आह्वान पर ग्रुप छोड़ दिया है। ऑनलाइन कार्य पूरी तरह से बंद है। बैठक में प्रदीप कुमार, अशोक कुमार, अक्षय त्यागी, सुरेंद्र चौहान, चंद्रशेखर सिंह, गजेंद्र सिंह, प्रीति, ललिता, संदीप शर्मा, गजेंद्र सिंह आदि बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
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- 24 को जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन आंदोलन होगा शुरू, 14 को निकलेगी बाइक रैली
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/धामपुर। पूरी न करने पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का आंदोलन तेज हो गया है। प्रांतीय आह्वान पर बृहस्पतिवार को जिले की सभी तहसीलों में कार्यरत 460 लेखपालों ने अधिकारियों के सरकारी ग्रुप को छोड़ दिया है। लेखपाल मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन समय के लिए ऑनलाइन कार्य नहीं करेंगे।
जिला अध्यक्ष अंजलि त्यागी का कहना है कि अब आंदोलन का दूसरे चरण शुरू हो गया है। अब लेखपाल कोई भी कार्य ऑनलाइन नहीं करेंगे। पहले लेखपालों ने सिर्फ अतिरिक्त बस्ते जमा किए थे। चाहे सरकार व जनता को कितनी भी परेशानी हो। जब सरकार उनकी नहीं सुन रही है तो संगठन के पास इसके अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। धामपुर के तहसील के सभा कक्ष में उत्तर प्रदेश लेखपाल के कार्यकर्ताओं की तहसील स्तरीय बैठक हुई।
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जिलाध्यक्ष अंजलि त्यागी ने लेखपालों की वेतन विसंगति को दूर करने, 2800 पे ग्रेड देने, लेखपाल के पद को टेक्निकल घोषित करने, पदोन्नति करने, अंतर मंडलीय तबादला करने, यात्रा भत्ता बढ़ाने सहित कई अन्य मांग की। सरकार उनकी मांगों को नहीं सुन रही है।
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आंदोलन के इसी चरण में 10 अक्तूबर को तहसील मुख्यालय पर लेखपाल काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। 12 को रक्तदान शिविर लगेगा। इसके बाद 14 को जनपद मुख्यालय पर बाइक रैली और 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन होगा। वहीं, 23 को तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन और 24 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की बात कही।
उन्होंने लेखपालों से एकजुटता बनाए रखते हुए सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है। बिजनौर तहसील मंत्री प्रीतम सिंह ने कहा कि संघ के आह्वान पर ग्रुप छोड़ दिया है। ऑनलाइन कार्य पूरी तरह से बंद है। बैठक में प्रदीप कुमार, अशोक कुमार, अक्षय त्यागी, सुरेंद्र चौहान, चंद्रशेखर सिंह, गजेंद्र सिंह, प्रीति, ललिता, संदीप शर्मा, गजेंद्र सिंह आदि बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।