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Bijnor News: लाखों हो गए खर्च...नहीं मिला उपचार
Mon, 24 Feb 2025 12:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 24 Feb 2025 12:07 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुध न लिए जाने के कारण लाखों की लागत से बना स्वास्थ्य उप केंद्र खंडहर मे
धामपुर। धामपुर- नूरपुर मार्ग स्थित सरकथल माधो गांव में स्वास्थ्य विभाग की केंद्र निर्माण योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण कराया गया। केंद्र के निर्माण में लगभग 7.50 लाख रुपये की लागत आई।
इस केंद्र के निर्माण के साथ ही लोगों की उम्मीद जगी कि अब उन्हें कई किलोमीटर दूर जाने के बजाए गांव में ही उपचार मिल जाएगा। लेकिन डेढ़ दशक बाद भी केंद्र पर कोई डॉक्टर अथवा कर्मचारी तक नहीं आया। इस दौरान केंद्र के खिड़की दरवाजे तक चोर उखाड़कर ले गए। इमारत भी खंडहर में तब्दील हो गई।
नरेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, दुष्यंत कुमार, महावीर सिंह, रविदत्त, कौशल कुमार, पंकज कुमार, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि अस्पताल चालू करने के लिए उन्होंने क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी से लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर और जनप्रतिनिधियों तक के चक्कर लगाए। लेकिन कोई भी सकारात्मक परिणाम नहीं निकला और उनकी उम्मीदों पर पानी तक फिर गया।
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डिप्टी सीएमओ सुशील कुमार के अनुसार केंद्र को चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पत्राचार भी किया जा रहा है। आने वाले आदेशों के साथ ही स्टाफ आदि की तैनाती कराई जाएगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अंकित कुमार का कहना है कि उनके द्वारा अस्पताल को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन कुछ लोगों के विरोध किए जाने के कारण मामला अटका है। इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है।
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इस केंद्र के निर्माण के साथ ही लोगों की उम्मीद जगी कि अब उन्हें कई किलोमीटर दूर जाने के बजाए गांव में ही उपचार मिल जाएगा। लेकिन डेढ़ दशक बाद भी केंद्र पर कोई डॉक्टर अथवा कर्मचारी तक नहीं आया। इस दौरान केंद्र के खिड़की दरवाजे तक चोर उखाड़कर ले गए। इमारत भी खंडहर में तब्दील हो गई।
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नरेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, दुष्यंत कुमार, महावीर सिंह, रविदत्त, कौशल कुमार, पंकज कुमार, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि अस्पताल चालू करने के लिए उन्होंने क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी से लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिजनौर और जनप्रतिनिधियों तक के चक्कर लगाए। लेकिन कोई भी सकारात्मक परिणाम नहीं निकला और उनकी उम्मीदों पर पानी तक फिर गया।
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डिप्टी सीएमओ सुशील कुमार के अनुसार केंद्र को चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पत्राचार भी किया जा रहा है। आने वाले आदेशों के साथ ही स्टाफ आदि की तैनाती कराई जाएगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अंकित कुमार का कहना है कि उनके द्वारा अस्पताल को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन कुछ लोगों के विरोध किए जाने के कारण मामला अटका है। इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है।