{"_id":"57868b2a4f1c1b027d13f0ad","slug":"kataria-was-loyalty-reward","type":"story","status":"publish","title_hn":"कटारिया को मिला वफादारी का इनाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कटारिया को मिला वफादारी का इनाम
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 14 Jul 2016 12:10 AM IST
विज्ञापन
अशोक कटारिया।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में भाजपा के प्रदेश महामंत्री बने अशोक कटारिया को पार्टी ने वफादारी का इनाम दिया है। अशोक कटारिया की वेस्ट यूूपी के गुर्जर बिरादरी में गहरी पकड़ है। वेस्ट यूपी से कटारिया अकेले प्रदेश महामंत्री बनाए गए हैं। बिजनौर जिले की राजनीति में अशोक कटारिया की अलग पहचान है।
छात्र राजनीति से बिना विरासत के भाजपा की राजनीति करने वाले अशोक कटारिया का पार्टी में बड़ा सम्मान मिला है। कटारिया वर्ष 2000 से 2004 तक भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्हें छह साल तक भाजपा का प्रदेश मंत्री बना दिया गया। वर्ष 2013 से 2016 तक अशोक कटारिया भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। अब उन्हें भाजपा का प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। अशोक कटारिया के प्रदेश महामंत्री बनने से उनके समर्थक गदगद है। भाजपा में अशोक कटारिया की गिनती जमीन से जुड़े नेताओं में होती है।
अशोक कटारिया ने पिछले लोकसभा चुनाव में बिजनौर की लोकसभा सीट से टिकट भी मांगा था, पर उन्हें टिकट नहीं मिला। वेस्ट यूपी की गुर्जर बिरादरी में उनकी गहरी पकड़ है। माना जा रहा है कि विधान सभा चुनाव में गुर्जर बिरादरी को साधने के लिए भाजपा ने अशोक कटारिया को महामंत्री बनाने का दांव खेला है।
विज्ञापन
अशोक कटारिया 1980 के बाद पहलेे ऐसे नेता हैं जों वेस्ट यूपी से भाजपा के प्रदेश महामंत्री बने हैं। भाजपा के संगठन को उठाने में उन्होंने बहुत काम किया है। उनकी मेहनत व वफादारी को देख ही भाजपा ने अशोक कटारिया को यह जिम्मेदारी सौंपी है। कटारिया से भाजपा को काफी उम्मीदें हैं। कटारिया भी जुझारू नेता होने के कारण पार्टी के लोगों को किसी स्तर पर निराशनहीं करेंगे। वह हमेशा प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। विधान सभा चुनाव के मद्देनजर उनको पार्टी की कामयाबी के लिए पूरी टीम के साथ जुटना होगा। चुनाव में ही उनके कद की असली परीक्षा होगी।
विज्ञापन
छात्र राजनीति से बिना विरासत के भाजपा की राजनीति करने वाले अशोक कटारिया का पार्टी में बड़ा सम्मान मिला है। कटारिया वर्ष 2000 से 2004 तक भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्हें छह साल तक भाजपा का प्रदेश मंत्री बना दिया गया। वर्ष 2013 से 2016 तक अशोक कटारिया भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। अब उन्हें भाजपा का प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। अशोक कटारिया के प्रदेश महामंत्री बनने से उनके समर्थक गदगद है। भाजपा में अशोक कटारिया की गिनती जमीन से जुड़े नेताओं में होती है।
विज्ञापन
अशोक कटारिया ने पिछले लोकसभा चुनाव में बिजनौर की लोकसभा सीट से टिकट भी मांगा था, पर उन्हें टिकट नहीं मिला। वेस्ट यूपी की गुर्जर बिरादरी में उनकी गहरी पकड़ है। माना जा रहा है कि विधान सभा चुनाव में गुर्जर बिरादरी को साधने के लिए भाजपा ने अशोक कटारिया को महामंत्री बनाने का दांव खेला है।
विज्ञापन
अशोक कटारिया 1980 के बाद पहलेे ऐसे नेता हैं जों वेस्ट यूपी से भाजपा के प्रदेश महामंत्री बने हैं। भाजपा के संगठन को उठाने में उन्होंने बहुत काम किया है। उनकी मेहनत व वफादारी को देख ही भाजपा ने अशोक कटारिया को यह जिम्मेदारी सौंपी है। कटारिया से भाजपा को काफी उम्मीदें हैं। कटारिया भी जुझारू नेता होने के कारण पार्टी के लोगों को किसी स्तर पर निराशनहीं करेंगे। वह हमेशा प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। विधान सभा चुनाव के मद्देनजर उनको पार्टी की कामयाबी के लिए पूरी टीम के साथ जुटना होगा। चुनाव में ही उनके कद की असली परीक्षा होगी।