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Bijnor News: पीलीडैम के पास जंगलसफारी बना देगी पर्यटन को खास, जल्द होगा विकास
Wed, 10 May 2023 03:35 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 10 May 2023 03:35 PM IST
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ये आराम का मामला है। अमानगढ़ में पेड़ पर आराम फरमाता गुलदार।
बिजनौर। पीलीडैम पर जलक्रीड़ा के साथ अमानगढ़ भी पर्यटकों को रिझाएगा। पर्यटक पीली बांध पर जलक्रीड़ा के साथ-साथ जंगल सफारी का आनंद भी ले पाएंगे। अमानगढ़ की बात करें तो यहां के 27 से ज्यादा बाघ और सौ से ज्यादा हाथियों को देखने के लिए रोजाना 50 से पर्यटक पहुंचते हैं।
राज्य बंटवारे के बाद अमानगढ़ टाइगर रिजर्व बिजनौर के हिस्से में आया। इसमें पर्यटकों के लिए 30 किलोमीटर की जंगल सफारी का ट्रैक तैयार किया गया है, जिस पर रोजाना जिप्सी से लेकर गाइड पर्यटकों को घुमाते हैं। इसी ट्रैक के साथ अब पीली डैम को भी जोड़ने की तैयारी है। तक सभी का शुल्क भी निर्धारित कर दिया है।
अमानगढ़ की गोद प्रकृति ने पेड़-पौधों व सुंदर वन्यजीवों से भरी हुई है। क्षेत्रफल की बात करें तो अमानगढ़ का रकबा एक लाख बीघा जमीन से अधिक है। उत्तराखंड बनने से पहले यह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का बफर जोन होता था।
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अमानगढ़ वन रेंज में हर वो वन्य जीव मौजूद हैं, जिसे देखने लोग हजारों रुपये खर्च कर कार्बेट पार्क जाते हैं। वहां पर 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं। इसके अलावा भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर जैसे जीव भी दिखाई देते हैं। यहां पर चीतल, हिरण के दर्जनों की संख्या में झुंड दिखाई पड़ते हैं।
अमानगढ़ में वन्यजीवों की स्थिति
वन्य जीव संख्या
बाघ 27
हाथी 100
गुलदार 45
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074
(नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)
अमानगढ़ में पर्यटन
- 9580 हेक्टेयर रकबा है अमानगढ़ में
- 2280 रुपये देने होंगे जिप्सी के लिए
- 200 रुपये प्रति पर्यटक प्रवेश शुल्क
- 400 रुपये गाइड के लिए प्रति फेरे पर
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राज्य बंटवारे के बाद अमानगढ़ टाइगर रिजर्व बिजनौर के हिस्से में आया। इसमें पर्यटकों के लिए 30 किलोमीटर की जंगल सफारी का ट्रैक तैयार किया गया है, जिस पर रोजाना जिप्सी से लेकर गाइड पर्यटकों को घुमाते हैं। इसी ट्रैक के साथ अब पीली डैम को भी जोड़ने की तैयारी है। तक सभी का शुल्क भी निर्धारित कर दिया है।
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अमानगढ़ की गोद प्रकृति ने पेड़-पौधों व सुंदर वन्यजीवों से भरी हुई है। क्षेत्रफल की बात करें तो अमानगढ़ का रकबा एक लाख बीघा जमीन से अधिक है। उत्तराखंड बनने से पहले यह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का बफर जोन होता था।
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अमानगढ़ वन रेंज में हर वो वन्य जीव मौजूद हैं, जिसे देखने लोग हजारों रुपये खर्च कर कार्बेट पार्क जाते हैं। वहां पर 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं। इसके अलावा भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर जैसे जीव भी दिखाई देते हैं। यहां पर चीतल, हिरण के दर्जनों की संख्या में झुंड दिखाई पड़ते हैं।
अमानगढ़ में वन्यजीवों की स्थिति
वन्य जीव संख्या
बाघ 27
हाथी 100
गुलदार 45
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074
(नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)
अमानगढ़ में पर्यटन
- 9580 हेक्टेयर रकबा है अमानगढ़ में
- 2280 रुपये देने होंगे जिप्सी के लिए
- 200 रुपये प्रति पर्यटक प्रवेश शुल्क
- 400 रुपये गाइड के लिए प्रति फेरे पर