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पुनर्मतगणना में जितेंद्र सिंह ने मारी बाजी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:54 PM IST
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जीत के बाद खुशी मनाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में एसडीएम कोर्ट में गांव चौकपुरी के प्रधान पद के लिए हुई पुनर्मतगणना में जितेंद्र सिंह ने बाजी मार ली। उन्हें चार मतों से विजयी घोषित कर दिया गया। मतगणना के दौरान जितेंद्र सिंह के 602 और उदयवीर सिंह के 598 वोट निकले। इस दौरान कलक्ट्रेट में भारी गहमागहमी रही।
हल्दौर ब्लाक के गांव चौकपुरी निवासी प्रधान पद के पराजित प्रत्याशी जितेंद्र सिंह ने एसडीएम कोर्ट में याचिका दाखिल करके कहा था कि गांव में नौ दिसंबर 2015 को हुए पंचायत चुनाव और उसके बाद मतगणना में खूब धांधली हुई। मतदान के दौरान जितेंद्र सिंह को 601 और उदयवीर को 622 मत मिले थे। आरोप है कि मतगणना के दौरान खूब गड़बड़ी की गई और उदयवीर सिंह को गलत तरीके से प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया। मतदाता सूची में पांच मृत लोगों के नाम थे और 24 डबल मतदाता थे। 40 मतदाताओं की आयु 18 साल से कम थी। पांच छह ऐसे मतदाता रहे जो सात-आठ साल पहले गांव से अपना सब कुछ बेचकर चले गए थे।
चुनाव से पहले उन्होंने एडीएम से इन अनियमितताओं की जांच के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया था। 21 मार्च को उसे मतगणना में गलत तरीके से पराजित कर दिया गया। प्रधान उदयवीर सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा था कि चुनाव में कोई धांधली नहीं हुई, चुनाव सही तरीके से हुआ है।
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इस मामले में एसडीएम कोर्ट में सुनवाई पर विलंब होने पर जितेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने इस मामले में जल्द सुनवाई के एसडीएम को निर्देश दिए। एसडीएम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मतपत्रों का निरीक्षण और गणना कराने के आदेश दिए थे।
बुधवार को कलक्ट्रेट की एसडीएम कोर्ट में मतपत्रों की गणना हुई। पुनर्मतगणना के दौरान जितेंद्र सिंह को 602 और उदयवीर सिंह को 598 वोट मिले। चार वोटों से जितेंद्र सिंह विजयी घोषित हुए। मतगणना एडीएम सत्येंद्र कुमार, तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार की देखरेख में हुई। जितेंद्र सिंह की ओर से अधिवक्ता मनोज सेठी, उदयवीर सिंह की ओर से अधिवक्ता नवीन किशोर शर्मा भी मतगणना में मौजूद रहे। सुरक्षा के लिहाज से बड़ी तादाद में पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। मतगणना की पुलिस ने वीडियोग्राफी कराई। मतगणना सुबह करीब दस बजे शुरू होकर दो बजे समाप्त हुई।
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हल्दौर ब्लाक के गांव चौकपुरी निवासी प्रधान पद के पराजित प्रत्याशी जितेंद्र सिंह ने एसडीएम कोर्ट में याचिका दाखिल करके कहा था कि गांव में नौ दिसंबर 2015 को हुए पंचायत चुनाव और उसके बाद मतगणना में खूब धांधली हुई। मतदान के दौरान जितेंद्र सिंह को 601 और उदयवीर को 622 मत मिले थे। आरोप है कि मतगणना के दौरान खूब गड़बड़ी की गई और उदयवीर सिंह को गलत तरीके से प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया। मतदाता सूची में पांच मृत लोगों के नाम थे और 24 डबल मतदाता थे। 40 मतदाताओं की आयु 18 साल से कम थी। पांच छह ऐसे मतदाता रहे जो सात-आठ साल पहले गांव से अपना सब कुछ बेचकर चले गए थे।
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चुनाव से पहले उन्होंने एडीएम से इन अनियमितताओं की जांच के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया था। 21 मार्च को उसे मतगणना में गलत तरीके से पराजित कर दिया गया। प्रधान उदयवीर सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा था कि चुनाव में कोई धांधली नहीं हुई, चुनाव सही तरीके से हुआ है।
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इस मामले में एसडीएम कोर्ट में सुनवाई पर विलंब होने पर जितेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने इस मामले में जल्द सुनवाई के एसडीएम को निर्देश दिए। एसडीएम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मतपत्रों का निरीक्षण और गणना कराने के आदेश दिए थे।
बुधवार को कलक्ट्रेट की एसडीएम कोर्ट में मतपत्रों की गणना हुई। पुनर्मतगणना के दौरान जितेंद्र सिंह को 602 और उदयवीर सिंह को 598 वोट मिले। चार वोटों से जितेंद्र सिंह विजयी घोषित हुए। मतगणना एडीएम सत्येंद्र कुमार, तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार की देखरेख में हुई। जितेंद्र सिंह की ओर से अधिवक्ता मनोज सेठी, उदयवीर सिंह की ओर से अधिवक्ता नवीन किशोर शर्मा भी मतगणना में मौजूद रहे। सुरक्षा के लिहाज से बड़ी तादाद में पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। मतगणना की पुलिस ने वीडियोग्राफी कराई। मतगणना सुबह करीब दस बजे शुरू होकर दो बजे समाप्त हुई।