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स्वास्थ्य विभाग पर भारी पड़ रहा बुखार
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बुखार।
- फोटो : ??????
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स्वास्थ्य विभाग पर भारी पड़ रहा बुखार
बिजनौर। जिले में डेंगू और वायरल का प्रकोप जारी है। अब तक बुखार से लगभग 20 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि एक वृद्ध की डेंगू से मौत होने का मामला सामने आया है। इसके अलावा दो और नए लोगों की डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट आ चुकी है। अब जिले में डेंगू रोगियों की संख्या 35 हो चुकी है। इसके बावजूद अफसर डेंगू मानने से इंकार करते हैं।
करीब एक माह से जिला डेंगू, वायरल, मलेरिया से तप रहा है। यह बीमारी स्वास्थ्य विभाग पर भारी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग बुखार, वायरल, मलेरिया और डेंगू को कंट्रोल नहीं कर पा रहा है। जिले में हर जगह बुखार फैला हुआ है। इसके बावजूद डेंगू और वायरल आदि रोकने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हुआ है। डेंगू पॉजिटिव होने की बात पूछने पर अधिकारी जिले में डेंगू होने की बात से इंकार करते हैं। जबकि लगातार बुखार और डेंगू का प्रकोप जिले में जारी है। जिला अस्पताल से लेकर गांव देहात के अन्य सरकारी अस्पतालों तथा प्राइवेट नर्सिंग होम तक में बुखार के मरीजों की संख्या काफी है। जिले में फैल रहे बुखार से लोगों में दहशत व्याप्त है।
बुखार की रोकथाम के नाम पर स्वास्थ्य विभाग शिविरों के लगाने की बात कहकर अपने जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ता है। कहने को तो शासन के निर्देश पर दो से 30 सितंबर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया गया। लेकिन इसमें केवल खानापूर्ति के अलावा कुछ नतीजा नहीं निकल पाया। अभियान के दौरान अफसर केवल फोटोग्राफ और सेल्फी लेकर ही शासन-प्रशासन के व्हाट्सएप ग्रुपों में फोटो सेंड करने में मशगूल रहे। लोगों का आरोप है कि अगर सही से इस अभियान का संचालन किया जाता या फिर अच्छी तरह से आमजन मानस को जागरूक किया जाता तो ये नौबत ही नहीं आती। जिले में हर रोज कहीं न कहीं से बुखार से मौतें होने के मामले सामने आते हैं। इन पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं।
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डरें नहीं सरकारी अस्पताल में कराएं इलाज
सीएमओ डाक्टर विजय कुमार यादव ने बताया कि दिन और रात के तापमान में अस्थिरता होने से वायरल तेजी से फैल रहा है। बुखार होने पर डरें नहीं और न ही अन्य लोगों में इसका भय फैलाएं। घबराने वाली कोई बात नहीं है। तुरंत अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी रक्त की जांच कराएं और उपचार शुरू करा दें। जिला अस्पताल के सीएमएस एवं फिजिशियन डॉ. सुखवीर सिंह ने बताया कि प्रत्येक सप्ताह करीब 200 मरीज वायरल के भर्ती किए जाते हैं और प्रति सप्ताह करीब एक हजार मरीजों को जांच के बाद दवाई लेते हैं।
अक्टूबर माह में बुखार से इन लोगों की हुई मौत
बिजनौर। केवल अक्टूबर माह में नांगल सोती निवासी आयशा, राजा का ताजपुर के अरशद, शहनाज, महेशपुर खेड़ी की पवित्रा, किरतपुर के मोहल्ला भुड्डी निवासी गुलनाज, मंडावर क्षेत्र के गांव काजीवाला निवासी विकास, हरफूल, मंडावर के असगर, यूसुफ, गांव छितावर निवासी नरेश के नौ वर्षीय पुत्र शिवा की बुखार से मौत हो चुकी है। जबकि गांव डैबलगढ़ निवासी वृद्ध लायकराम की डेंगू से मौत होने की पुष्टि हुई।
अब तक 35 में हो चुकी है डेंगू की पुष्टि
बिजनौर। जिले में अब तक कुल 35 लोगों के डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है। जबकि प्राइवेट लैब की रिपोर्ट पर नजर डाली जाए तो यह आंकड़ा सैकड़ों के भी पार निकलेगा।
डेंगू के लक्षण
1. बुखार आना, ठंड लगना।
2. मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द रहना।
3. कमजोरी महसूस करना।
4. लगातार चक्कर आते रहना।
5. रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या कम होना।
6. नाक या मसूड़ों में खून आना।
7. शौच या उल्टी में खून आना।
8. त्वचा पर नीले, काले रंग के चकत्ते पड़ना।
9. तेज बुखार के बावजूद शरीर ठंडा लगना।
10. नब्ज कमजोर चलना, मृत्यु की संभावना रहना।
बचाव के उपाय
1. बुखार होने पर तुरंत नजदीकि सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं।
2. पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
3. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग किया।
4. घरों और आसपास में पानी एकत्रित न होने दें।
5. मच्छर रोधी दवा का छिड़काव न करें।
6. रोजाना कीटाणुनाशक साबुन से नहाएं।
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बिजनौर। जिले में डेंगू और वायरल का प्रकोप जारी है। अब तक बुखार से लगभग 20 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि एक वृद्ध की डेंगू से मौत होने का मामला सामने आया है। इसके अलावा दो और नए लोगों की डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट आ चुकी है। अब जिले में डेंगू रोगियों की संख्या 35 हो चुकी है। इसके बावजूद अफसर डेंगू मानने से इंकार करते हैं।
करीब एक माह से जिला डेंगू, वायरल, मलेरिया से तप रहा है। यह बीमारी स्वास्थ्य विभाग पर भारी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग बुखार, वायरल, मलेरिया और डेंगू को कंट्रोल नहीं कर पा रहा है। जिले में हर जगह बुखार फैला हुआ है। इसके बावजूद डेंगू और वायरल आदि रोकने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हुआ है। डेंगू पॉजिटिव होने की बात पूछने पर अधिकारी जिले में डेंगू होने की बात से इंकार करते हैं। जबकि लगातार बुखार और डेंगू का प्रकोप जिले में जारी है। जिला अस्पताल से लेकर गांव देहात के अन्य सरकारी अस्पतालों तथा प्राइवेट नर्सिंग होम तक में बुखार के मरीजों की संख्या काफी है। जिले में फैल रहे बुखार से लोगों में दहशत व्याप्त है।
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बुखार की रोकथाम के नाम पर स्वास्थ्य विभाग शिविरों के लगाने की बात कहकर अपने जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ता है। कहने को तो शासन के निर्देश पर दो से 30 सितंबर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया गया। लेकिन इसमें केवल खानापूर्ति के अलावा कुछ नतीजा नहीं निकल पाया। अभियान के दौरान अफसर केवल फोटोग्राफ और सेल्फी लेकर ही शासन-प्रशासन के व्हाट्सएप ग्रुपों में फोटो सेंड करने में मशगूल रहे। लोगों का आरोप है कि अगर सही से इस अभियान का संचालन किया जाता या फिर अच्छी तरह से आमजन मानस को जागरूक किया जाता तो ये नौबत ही नहीं आती। जिले में हर रोज कहीं न कहीं से बुखार से मौतें होने के मामले सामने आते हैं। इन पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं।
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डरें नहीं सरकारी अस्पताल में कराएं इलाज
सीएमओ डाक्टर विजय कुमार यादव ने बताया कि दिन और रात के तापमान में अस्थिरता होने से वायरल तेजी से फैल रहा है। बुखार होने पर डरें नहीं और न ही अन्य लोगों में इसका भय फैलाएं। घबराने वाली कोई बात नहीं है। तुरंत अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी रक्त की जांच कराएं और उपचार शुरू करा दें। जिला अस्पताल के सीएमएस एवं फिजिशियन डॉ. सुखवीर सिंह ने बताया कि प्रत्येक सप्ताह करीब 200 मरीज वायरल के भर्ती किए जाते हैं और प्रति सप्ताह करीब एक हजार मरीजों को जांच के बाद दवाई लेते हैं।
अक्टूबर माह में बुखार से इन लोगों की हुई मौत
बिजनौर। केवल अक्टूबर माह में नांगल सोती निवासी आयशा, राजा का ताजपुर के अरशद, शहनाज, महेशपुर खेड़ी की पवित्रा, किरतपुर के मोहल्ला भुड्डी निवासी गुलनाज, मंडावर क्षेत्र के गांव काजीवाला निवासी विकास, हरफूल, मंडावर के असगर, यूसुफ, गांव छितावर निवासी नरेश के नौ वर्षीय पुत्र शिवा की बुखार से मौत हो चुकी है। जबकि गांव डैबलगढ़ निवासी वृद्ध लायकराम की डेंगू से मौत होने की पुष्टि हुई।
अब तक 35 में हो चुकी है डेंगू की पुष्टि
बिजनौर। जिले में अब तक कुल 35 लोगों के डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है। जबकि प्राइवेट लैब की रिपोर्ट पर नजर डाली जाए तो यह आंकड़ा सैकड़ों के भी पार निकलेगा।
डेंगू के लक्षण
1. बुखार आना, ठंड लगना।
2. मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द रहना।
3. कमजोरी महसूस करना।
4. लगातार चक्कर आते रहना।
5. रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या कम होना।
6. नाक या मसूड़ों में खून आना।
7. शौच या उल्टी में खून आना।
8. त्वचा पर नीले, काले रंग के चकत्ते पड़ना।
9. तेज बुखार के बावजूद शरीर ठंडा लगना।
10. नब्ज कमजोर चलना, मृत्यु की संभावना रहना।
बचाव के उपाय
1. बुखार होने पर तुरंत नजदीकि सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं।
2. पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
3. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग किया।
4. घरों और आसपास में पानी एकत्रित न होने दें।
5. मच्छर रोधी दवा का छिड़काव न करें।
6. रोजाना कीटाणुनाशक साबुन से नहाएं।