{"_id":"61f6bf2d7d974d571b1f2168","slug":"harassment-not-tolerated-under-the-guise-of-investigation-dhampur-news-mrt575205321","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘जांच की आड़ में उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘जांच की आड़ में उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं’
विज्ञापन
‘जांच की आड़ में उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं’
धामपुर। भाकियू तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह व कार्यकर्ताओं ने गन्ना विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर असंतोष जताया है। चेताया है कि गन्ना विभाग के अधिकारियों ने अभिलेखों की जांच की आड़ में निर्दोष किसानों का उत्पीड़न करने का प्रयास किया तो बख्शा नहीं जाएगा।
भाकियू तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, जिला महासचिव दुष्यंत, गजेंद्र सिंह टिकैत, महेंद्र सिंह ने बताया गया कि प्रदेश के गन्ना आयुक्त के आदेश पर पहली बार प्रदेश में किसानों से नए गन्ना सट्टे बनवाने को ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। बताया गया कि समिति में करीब तीन हजार से ज्यादा आवेदन आए। गन्ना विभाग की ओर से संज्ञान में आया है कि अभी तक क्षेत्र के 56 ऐसे किसानों के आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है जिनके आवेदन में जांच में अभिलेख फर्जी मिले हैं। यदि किसी किसान की ओर से ऐसा किया गया तो गन्ना विभाग की ओर से उसे ही दंडित किया जा सकता है।
चेताया कि जांच की आड़ में निर्दोष किसानों का उत्पीड़न किया गया तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
धामपुर। भाकियू तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह व कार्यकर्ताओं ने गन्ना विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर असंतोष जताया है। चेताया है कि गन्ना विभाग के अधिकारियों ने अभिलेखों की जांच की आड़ में निर्दोष किसानों का उत्पीड़न करने का प्रयास किया तो बख्शा नहीं जाएगा।
भाकियू तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, जिला महासचिव दुष्यंत, गजेंद्र सिंह टिकैत, महेंद्र सिंह ने बताया गया कि प्रदेश के गन्ना आयुक्त के आदेश पर पहली बार प्रदेश में किसानों से नए गन्ना सट्टे बनवाने को ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। बताया गया कि समिति में करीब तीन हजार से ज्यादा आवेदन आए। गन्ना विभाग की ओर से संज्ञान में आया है कि अभी तक क्षेत्र के 56 ऐसे किसानों के आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है जिनके आवेदन में जांच में अभिलेख फर्जी मिले हैं। यदि किसी किसान की ओर से ऐसा किया गया तो गन्ना विभाग की ओर से उसे ही दंडित किया जा सकता है।
विज्ञापन
चेताया कि जांच की आड़ में निर्दोष किसानों का उत्पीड़न किया गया तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।