{"_id":"6250777fb8af4a6ee74d3e96","slug":"hands-raised-to-pray-for-peace-bijnor-news-mrt5837415151","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमन की दुआ के लिए उठे हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमन की दुआ के लिए उठे हाथ
विज्ञापन
बिजनौर में रमजान के पहले जुमे की नमाज अदा करते अकीदतमंद।
- फोटो : BIJNOR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमन की दुआ के लिए उठे हाथ
बिजनौर/गजरौला शिव। रमजान माह के पहले जुमे की नमाज शहर, गांव, कस्बों में शांति व अकीदत के साथ अदा की गई। इस मौके पर अमन एवं खैर की दुआ के लिए लाखों हाथ उठे। चिलचिलाती धूप व गर्मी में भी बच्चों ने भी रोज रखें।
बिजनौर चाहशीरी की जामा मस्जिद के इमाम मौलाना वरीश अहमद ने नमाज से पूर्व नमाजियों को खिताब करते हुए कहा कि रमजान का पहला अशरा (शुरू के 10 दिन) जो चल रहे हैं, रहमतों का है। इस अशरे में अल्लाह की बेपनाह रहमतें बरसती हैं। मुसलमान जिस तरह से रोजे रखता है तरावीह (विशेष नमाज) पढ़ते हैं, सदका व खैरात करते हैं, ठीक इसी तरह जकात भी देते हैं। उन्होंने कहा कि रमजान में एक नेकी का सवाब फर्ज के बराबर और फर्ज का स्वभाव 70 फरजों के बराबर दिया जाता है। जिस तरह मुसलमानों पर रोजा, नमाज व हज फर्ज है इसी तरह माल की जकात देना भी फर्ज है। इस मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
बिजनौर में मोहल्ला चाहशीरी की जामा मस्जिद, मोहल्ला काजीपाड़ा की जामा मस्जिद, सिविल लाइंस की तकिया वाली मस्जिद, सराय वाली मस्जिद, कचहरी वाली मस्जिद, जजी चौक पर स्थित आदि मस्जिदों में रमजान माह के पहले जुमे की नमाज शांति एवं अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने मुल्क में अमन व शांति के लिए दुआएं मांगी। उधर, गजरौला शिव जंदरपुर, मंडावली, मधुसुदनपुर मंडावली आदि गांवों की मस्जिदों में भी मुकद्दस रमजान माह के पहले जुमे की नमाज के लिए मस्जिदों में भी नमाजियों की भारी भीड़ रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर/गजरौला शिव। रमजान माह के पहले जुमे की नमाज शहर, गांव, कस्बों में शांति व अकीदत के साथ अदा की गई। इस मौके पर अमन एवं खैर की दुआ के लिए लाखों हाथ उठे। चिलचिलाती धूप व गर्मी में भी बच्चों ने भी रोज रखें।
बिजनौर चाहशीरी की जामा मस्जिद के इमाम मौलाना वरीश अहमद ने नमाज से पूर्व नमाजियों को खिताब करते हुए कहा कि रमजान का पहला अशरा (शुरू के 10 दिन) जो चल रहे हैं, रहमतों का है। इस अशरे में अल्लाह की बेपनाह रहमतें बरसती हैं। मुसलमान जिस तरह से रोजे रखता है तरावीह (विशेष नमाज) पढ़ते हैं, सदका व खैरात करते हैं, ठीक इसी तरह जकात भी देते हैं। उन्होंने कहा कि रमजान में एक नेकी का सवाब फर्ज के बराबर और फर्ज का स्वभाव 70 फरजों के बराबर दिया जाता है। जिस तरह मुसलमानों पर रोजा, नमाज व हज फर्ज है इसी तरह माल की जकात देना भी फर्ज है। इस मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
विज्ञापन
बिजनौर में मोहल्ला चाहशीरी की जामा मस्जिद, मोहल्ला काजीपाड़ा की जामा मस्जिद, सिविल लाइंस की तकिया वाली मस्जिद, सराय वाली मस्जिद, कचहरी वाली मस्जिद, जजी चौक पर स्थित आदि मस्जिदों में रमजान माह के पहले जुमे की नमाज शांति एवं अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने मुल्क में अमन व शांति के लिए दुआएं मांगी। उधर, गजरौला शिव जंदरपुर, मंडावली, मधुसुदनपुर मंडावली आदि गांवों की मस्जिदों में भी मुकद्दस रमजान माह के पहले जुमे की नमाज के लिए मस्जिदों में भी नमाजियों की भारी भीड़ रही।
विज्ञापन