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Bijnor News: अंधेरे में खतरनाक हो रहे गुलदार, ग्रामीणों पर बढ़े हमले

Fri, 24 Mar 2023 12:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Fri, 24 Mar 2023 12:08 AM IST
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Guldars becoming dangerous in the dark, increased attacks on villagers
बिजनौर के ग्राम हादरपुर के जंगल में पिजंरे में फंसा गुलदार।
सुबह या फिर शाम को किए हमले, शौच करने जंगल गए लोग बन रहे आसान शिकार
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अंथाई शेख में गन्ने के खेत में मिले गुलदार के दो शावक, वन विभाग ने फिर से खेत में छुड़वाए

संवाद न्यूज एजेंसी

बिजनौर-नींदड़ू। जिला मुख्यालय से सटे गांव हैदरपुर में वन विभाग के पिंजरे में एक गुलदार फंस गया। अभी दो गुलदार और जंगल में ही घूम रहे हैं। नगीना क्षेत्र में भी गुलदार देखे जाने से दहशत का माहौल है। पिछले एक माह में वन विभाग पांच गुलदार को पकड़ चुका है। जिले में अब तक गुलदार द्वारा जो हमले हुए हैं, उनमें एक तथ्य समान है। अधिकांश हमले सुबह या फिर शाम पांच से आठ के बीच ही हुए हैं। खेत में काम करते समय या फिर शौच जाने वालों पर ही गुलदार ने सबसे ज्यादा हमले किए हैं।

जिले में अब तक गुलदार द्वारा जो हमले हुए हैं, उनमें एक तथ्य समान है। अधिकांश हमले सुबह या फिर शाम पांच से आठ के बीच ही हुए हैं। खेत में काम करते समय या फिर शौच जाने वालों पर ही गुलदार ने सबसे ज्यादा हमले किए हैं। विशेषज्ञों की माने तो सुबह और शाम के समय अकेले जंगल जाने से बचना चाहिए। रात के समय हाथ में टार्च और डंडा लेकर चलें। इस दौरान मोबाइल पर तेज आवाज से गाने भी चला सकते हैं।
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नींदडू-अंथाई संपर्क मार्ग पर अंथाई शेख निवासी विसाल अहमद का गन्ने का खेत है। बृहस्पतिवार को उसमें मजदूर गन्ना काट रहे थे। दोपहर में उन्हें खेत में मादा गुलदार दो शावकों के साथ नजर आई। मजदूरों को देखकर गुलदार शावकों को छोड़कर चली गई। युवक शावकों को पकड़कर गांव में ले आए। वन क्षेत्र अधिकारी गोविंद गंगवार ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा शावक पकड़ने की सूचना देने पर उन्होंने सबसे पहले मजदूरों को दूसरे खेत में गन्ना काटने को कहकर शावकों को उसी स्थान पर छुड़वाया, जहां से उन्हें पकड़ा था। मादा गुलदार अपने शावकों को वहां नहीं पाकर हिंसक हो सकती थी। किसानों से समूह में खेतों पर जाने के लिए कहा गया है।
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पांच किलोमीटर तक वर्चस्व रखता है गुलदार



-यूं तो गुलदार या टाइगर के वर्चस्व के नियम जंगल में ही चलते हैं, लेकिन गुलदार ने गन्ने के खेतों को ही अपना ठिकाना बना लिया तो यहां पर भी उसी तरह से काम करता नजर आ रहा है। अब तक जो भी सूचनाएं जा रही है, उनमें गुलदार एक के बाद दूसरे गांव दिखता है। इसका बड़ा कारण यह है कि गुलदार एक ही गन्ने के खेत में नहीं रहता, बल्कि शिकार करने और वर्चस्व कायम रखने के लिए करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र में घूमता रहता है। यह दायरा इससे भी बड़ा हो सकता है।

सबसे धूर्त और खतरनाक जीव है गुलदार

भले ही जंगल का राजा शेर को कहा जाता हो, लेकिन बात जब धूर्त और खतरनाक जीव की आती है तो वन विशेषज्ञ गुलदार का नाम ही लेते हैं। इसका कारण भी है, यह जानवर यदि आदमखोर हो जाए तो इसके हमलों का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है। यह अपने भार से दो से ढ़ाई गुना भारी शिकार को लेकर पेड़ पर भी चढ़ जाता है। यह हर तरह के जंगल, घास, खेत में छिपने में माहिर होता है। शिकार सहित ऊंचे-ऊचे पेड़ों पर चढ़ जाता है और पेड़ों के साथ ही आबादी के निकट झाड़ियों में छिपा रहता है। जबकि शेर या बाघ अपने भारी वजन के कारण ने तो पेड़ पर चढ़ सकते है और ना ही आसानी से स्वयं को छिपा सकते।



फरवरी से अब तक कहां कहां पकड़े गए गुलदार



-आठ फवरी को बिजनौर के दयालवाला में गुलदार पकड़ा

-20 फरवरी को नगीना रेंज के ग्राम किरतपुर में गुलदार पिंजरे में फंसा



-12 मार्च को नगीना रेंज के ग्राम शेखपुरा में गुलदार फिर पिंजरे में फंसा

20 मार्च को नगीना में ही काजीवाला में लगाए पिंजरे में गुलदार आया-



23 मार्च को बिजनौर के गांव ननपुरा हादरपुर में गुलदार पकड़ा गया





काजीवाला के जंगलों में वन विभाग ने लगाया पिंजरा

नगीना। क्षेत्र के ग्राम काजीवाला में गुलदार के हमले में हुई एक 40 वर्षीय महिला की मौत के बाद भले ही वन विभाग की टीम ने गुलदार को पिंजरे में कैद कर जंगल में छुड़वा दिया लेकिन गुलदार की लगातार गांव में दस्तक लोगों को डरा रही है। हालांकि वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में एक बार फिर पिंजरा लगा दिया है।


ग्रामीण टिकेंद्र कुमार उर्फ टीटू का कहना है कि बुधवार की रात्रि गुलदार की हलचल गांव में स्थित डॉ धर्मेंद्र कुमार के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी कैमरे में गुलदार की तस्वीर कैद होने के बाद गांव में गुलदार की मौजूदगी की बात पर मुहर लग गई। उधर वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा का कहना है कि ग्रामीणों की मांग पर गांव में पिंजरा लगाकर पूरी निगरानी की जा रही है। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीश चंद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ग्राम काजीवाला में गुलदार के हमले का शिकार हुई महिला के पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाए जाने की मांग की है।







फोटो समाचार
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