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भाजपा में बढ़ते दावेदारों ने बढ़ाई वर्तमान विधायकों की चिंता
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भाजपा में बढ़ते दावेदारों ने बढ़ाई वर्तमान विधायकों की चिंता
बिजनौर। कुछ दिन पहले महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास में जहां सीएम योगी चुनावी बिगुल फूंक गए, जिले में अभी से ही भाजपा खेमे में चुनावी तैयारी शुरू हो चुकी है। मौजूदा विधायकों की चिंता भी लगातार बढ़ते दावेदारों से बढ़ रही है। यदि सबसे ज्यादा दावेदारी की बात करें तो नूरपुर विधानसभा सबसे ऊपर है। इस सीट पर 20 से ज्यादा दावेदारों के नाम अब तक सामने आ चुके हैं। बिजनौर सदर सीट पर भी अब तक दावेदारों के नाम पांच से ज्यादा हो चुके हैं।
भले ही विधानसभा चुनाव अगले साल होने वाले हैं, लेकिन भाजपा में टिकट मांगने वालों की होड़ अभी से लगनी शुरू हो गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ जहां मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के दौरान मंच से जनता से भाजपा को जिताने की अपील कर गए। दावेदारों ने अपने बायोडाटा पार्टी में लगाने शुरू कर दिए हैं। नूरपुर विधानसभा की बात करें तो यहां पर उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था।
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के विधायक लोकेंद्र चौहान लगातार दूसरी बार जीते थे, उन्होंने सपा के नईमुल हसन को हराया था। लोकेंद्र चौहान की हादसे में मौत के बाद 2018 में उपचुनाव हुआ तो नईमुल हसन ने लोकेंद्र चौहान की पत्नी अवनी सिंह को हराया था। गठबंधन के कारण भाजपा को इसमें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार तस्वीर बदलने की उम्मीद में नूरपुर सीट पर भाजपा में दावेदारों की बाढ़ आ गई। पार्टी सूत्रों की माने तो अब तक 20 से ज्यादा बायोडाटा पार्टी के पास आ चुके हैं। क्षेत्र में खुद को दावेदार बताने वालों की संख्या 35 से ज्यादा बताई जा रही है। बिजनौर सदर सीट पर अब दावेदार बढ़ रहे हैं। यहां पर वर्तमान में सुचि मौसम चौधरी विधायक हैं। इस बार जहां एक बड़े मंत्री का नाम इस सीट पर दावेदारी के लिए चल रहा है। लोकल स्तर पर भी पांच से ज्यादा दावेदारों के नाम अब तक पार्टी के पास पहुंच चुके हैं। नगीना और नहटौर सीट पर भी दावेदारों की संख्या पांच से ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में जहां कई सालों से टिकट लेने के लिए कतार में खड़े नेताओं, इस बार भी टिकट का दावा कर रहे वर्तमान में विधायकों की चिंता बढ़ रही है। वहीं पार्टी सूत्रों की माने तो जिले में इस बार कुछ सीट पर बदल भी सकते हैं।
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दूसरी पार्टी से आए नेता, उभर रहे नए चेहरे
भाजपा में जिले के एक या दो नाम तो ऐसे हैं, जो कुछ ही महीनों में बड़ा चेहरा बन गए हैं। कुछ समय पहले हुए मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम योगी तक उनकी पहुंच ने उनके बढ़ते कद को बता दिया था। इसे लेकर पुराने नेताओं के खेमे में भी खूब चर्चा रही थी। दूसरी ओर हाल ही में भाजपा में दूसरी पार्टी से शामिल हुए कुछ कद्दावर नाम भी हैं। माना जा रहा है कि इनकी दावेदारी भी टिकट के लिए हो रही है।
अभी तक नूरपुर के लिए सबसे ज्यादा बायोडाटा आए हैं। अभी किसी का नाम तो नहीं लिया जा सकता, लेकिन संख्या 20 से ज्यादा है। बिजनौर, नहटौर, नगीना में भी दावेदारों की संख्या बढ़ रही है। टिकट किसे मिलेगा, यह तो पार्टी हाईकमान को तय करना है।
-सुभाष वाल्मीकि, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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बिजनौर। कुछ दिन पहले महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास में जहां सीएम योगी चुनावी बिगुल फूंक गए, जिले में अभी से ही भाजपा खेमे में चुनावी तैयारी शुरू हो चुकी है। मौजूदा विधायकों की चिंता भी लगातार बढ़ते दावेदारों से बढ़ रही है। यदि सबसे ज्यादा दावेदारी की बात करें तो नूरपुर विधानसभा सबसे ऊपर है। इस सीट पर 20 से ज्यादा दावेदारों के नाम अब तक सामने आ चुके हैं। बिजनौर सदर सीट पर भी अब तक दावेदारों के नाम पांच से ज्यादा हो चुके हैं।
भले ही विधानसभा चुनाव अगले साल होने वाले हैं, लेकिन भाजपा में टिकट मांगने वालों की होड़ अभी से लगनी शुरू हो गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ जहां मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के दौरान मंच से जनता से भाजपा को जिताने की अपील कर गए। दावेदारों ने अपने बायोडाटा पार्टी में लगाने शुरू कर दिए हैं। नूरपुर विधानसभा की बात करें तो यहां पर उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था।
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2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के विधायक लोकेंद्र चौहान लगातार दूसरी बार जीते थे, उन्होंने सपा के नईमुल हसन को हराया था। लोकेंद्र चौहान की हादसे में मौत के बाद 2018 में उपचुनाव हुआ तो नईमुल हसन ने लोकेंद्र चौहान की पत्नी अवनी सिंह को हराया था। गठबंधन के कारण भाजपा को इसमें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार तस्वीर बदलने की उम्मीद में नूरपुर सीट पर भाजपा में दावेदारों की बाढ़ आ गई। पार्टी सूत्रों की माने तो अब तक 20 से ज्यादा बायोडाटा पार्टी के पास आ चुके हैं। क्षेत्र में खुद को दावेदार बताने वालों की संख्या 35 से ज्यादा बताई जा रही है। बिजनौर सदर सीट पर अब दावेदार बढ़ रहे हैं। यहां पर वर्तमान में सुचि मौसम चौधरी विधायक हैं। इस बार जहां एक बड़े मंत्री का नाम इस सीट पर दावेदारी के लिए चल रहा है। लोकल स्तर पर भी पांच से ज्यादा दावेदारों के नाम अब तक पार्टी के पास पहुंच चुके हैं। नगीना और नहटौर सीट पर भी दावेदारों की संख्या पांच से ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में जहां कई सालों से टिकट लेने के लिए कतार में खड़े नेताओं, इस बार भी टिकट का दावा कर रहे वर्तमान में विधायकों की चिंता बढ़ रही है। वहीं पार्टी सूत्रों की माने तो जिले में इस बार कुछ सीट पर बदल भी सकते हैं।
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दूसरी पार्टी से आए नेता, उभर रहे नए चेहरे
भाजपा में जिले के एक या दो नाम तो ऐसे हैं, जो कुछ ही महीनों में बड़ा चेहरा बन गए हैं। कुछ समय पहले हुए मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम योगी तक उनकी पहुंच ने उनके बढ़ते कद को बता दिया था। इसे लेकर पुराने नेताओं के खेमे में भी खूब चर्चा रही थी। दूसरी ओर हाल ही में भाजपा में दूसरी पार्टी से शामिल हुए कुछ कद्दावर नाम भी हैं। माना जा रहा है कि इनकी दावेदारी भी टिकट के लिए हो रही है।
अभी तक नूरपुर के लिए सबसे ज्यादा बायोडाटा आए हैं। अभी किसी का नाम तो नहीं लिया जा सकता, लेकिन संख्या 20 से ज्यादा है। बिजनौर, नहटौर, नगीना में भी दावेदारों की संख्या बढ़ रही है। टिकट किसे मिलेगा, यह तो पार्टी हाईकमान को तय करना है।
-सुभाष वाल्मीकि, जिलाध्यक्ष, भाजपा