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बढ़ रहा शहर, बढ़ रही आबादी, अनियोजित विकास से बढ़ रही परेशानी

Sun, 31 Oct 2021 12:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 12:36 AM IST
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Growing city, increasing population, increasing problems due to unplanned development
बढ़ रहा शहर, बढ़ रही आबादी, अनियोजित विकास से बढ़ रही परेशानी
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बिजनौर। भले ही साल 1984 से चली आ रही पालिका के विस्तार की मांग पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी भी बढ़ते हुए शहर को मजबूत बनाने की जरूरत है। खासकर एक और आवासीय योजना एवं सड़कों का चौड़ीकरण बेहद जरूरी है, क्योंकि आज के समय में शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या सबसे बड़ा चिंता का विषय है।
दिसंबर 2020 में बिजनौर नगर पालिका का विस्तार करते हुए 13 गांव की 72 हजार आबादी को शामिल कर लिया गया। इससे पहले पुराने शहर की आबादी 93 हजार थी। नए इलाकों में तेजी से विकास कराए जाने की जरुरत पहले से ही है। क्योंकि कई गलियों में अभी तक सड़कें कच्ची हैं, नालियां नहीं है। इसके अलावा तमाम शहरी सुविधाओं का ढांचा भी नहीं था। इन इलाकों के विकास का जिम्मा पंचायतों के पास था। खैर, अब 33 नई सड़कों और 11 नालों को इसी महीने बनाया जाना है।
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तंग हो रहीं शहर की सड़कें
शहर की आबादी बढ़ी है। वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। पिछले तीन दशकों से गांव से शहर आने जाने वाले लोगों की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है, जिसका असर ये हुआ कि दिन के समय शहर की सड़कें तंग नजर आती है। भीड़ में वाहन रेंग रेंग कर चलने को मजबूर होते हैं। अभी तक शहर में सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने या चार लेन करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
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आवासीय योजना आए तो बात बनें
यूं तो शहर में कालोनाइजर कालोनी विकसित करते रहते हैं। शहर के चारों ओर कॉलोनी विकसित हो रही है। मनमाने दामों पर लोगों को मकान बनाने के लिए प्लॉट बेचे जाते हैं। ऐसे में एक और आवासीय योजना की जरुरत है। क्योंकि आवास विकास के बाद कोई योजना नहीं आई है।
दस साल पहले खत्म हुआ मास्टर प्लान
बिजनौर शहर के लिए बनाया गया मास्टर प्लान की वैधता दस साल पहले पूरी हो चुकी है। पिछले दस सालों में केवल प्रयास तो हुए, लेकिन आज तक मास्टर प्लान नया नहीं बन सका। इस समय भी प्रशासन स्तर पर नए मास्टर प्लान के लिए सर्वे की तैयारी चल रही है, लेकिन नया मास्टर प्लान कब बनेगा। इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

वर्जन
नए मास्टर प्लान के लिए सर्वे होना है। सर्वे कंपनी का चयन होने के बाद यह काम पूरा हो जाएगा। प्रयास किए जा रहे हैं कि नया मास्टर प्लान शीघ्र बने और लागू हो।
- विक्रमादित्य सिंह मलिक, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर
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