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Bijnor News: कागजों में हरे, धरातल पर सूखे पाैधे
Sat, 12 Jul 2025 11:42 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 12 Jul 2025 11:42 PM IST
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बिजनौर के ग्राम सलेमपुर खादर के पास जंगल में फेंकी गई पौध। स्रोत ग्रामीण
बिजनौर/छाछरी मोड़। यूं तो सरकार हरियाली बढ़ाने के लिए भारी भरकम बजट खर्च कर रही है, मगर विभागों की उदासीनता की वजह से पौधरोपण अभियान की जमीन पर तस्वीर बेहद धुंधली है। इसकी वागनी सलेमपुर खादर में देखने को मिली। यहां पर हजारों पौधे जमीन पर लगाने के बजाए इधर-उधर फेंक दिए गए। इस पता तब लगा जब किसानों ने अपने खेतों में पौधों के ढेर लगे देखे।
चांदपुर वन रेंज के तहत आने वाला गांव सलेमपुर खादर। इस गांव के आसपास खेती की जमीन के अलावा नदी का खादर इलाका भी है। अब इस गांव के किसान अपने खेतों में काम करने के लिए गए तो उन्हें फसलों के बीच में जगह-जगह पौधों के ढेर लगे मिले। सिर्फ खेत ही नहीं, बल्कि खादर की झाड़ियों में भी हजारों पौधे पड़े नजर आए।
लोगों का आरोप था कि इन पौधों को गड्ढे खोदकर लगाया जाना चाहिए था, मगर पौध लगाने के बजाए उन्हें फेंक दिया गया। इतना ही नहीं इन पौधों की जड़ से मिट्टी गायब है, जिसके चलते ये सूख भी गए हैं। बता दें कि नौ जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एक पेड़ मां के नाम अभियान में 37 करोड़ पौधों को रोपित किया गया था। अपने जिले में 73 लाख पौध रोपने का लक्ष्य था।
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वहीं गंगा खादर सलेमपुर, जहानाबाद सहित चयनित वन क्षेत्र के चार जगह वन विभाग चांदपुर को 96000 पौधे रोपित करने के लिए प्राप्त हुए थे, लेकिन सलेमपुर गंगा खादर सहित अन्य स्थानों पर अभियान के दौरान लगाए जाने वाले हजारों पौधों को रोपित नहीं किया गया, बल्कि अभियान में लगाए गए वन कर्मियों ने उन्हें वन क्षेत्र में जगह-जगह छुपा दिया। साथ ही कागजों पर खाना पूर्ति कर दी।
रेंजर दुष्यंत मावी ने बताया पौधे रोपित करने से पूर्व उनकी धुलाई कराई गई है और सुरक्षित ठिकानों पर रखा गया है, जिन्हें रोपित कराया जाएगा। यदि पौधों को जान पूछकर छुपाया अथवा फेंका गया है तो वह स्वयं मौके पर जाकर जांच करेंगे। दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।
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चांदपुर वन रेंज के तहत आने वाला गांव सलेमपुर खादर। इस गांव के आसपास खेती की जमीन के अलावा नदी का खादर इलाका भी है। अब इस गांव के किसान अपने खेतों में काम करने के लिए गए तो उन्हें फसलों के बीच में जगह-जगह पौधों के ढेर लगे मिले। सिर्फ खेत ही नहीं, बल्कि खादर की झाड़ियों में भी हजारों पौधे पड़े नजर आए।
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लोगों का आरोप था कि इन पौधों को गड्ढे खोदकर लगाया जाना चाहिए था, मगर पौध लगाने के बजाए उन्हें फेंक दिया गया। इतना ही नहीं इन पौधों की जड़ से मिट्टी गायब है, जिसके चलते ये सूख भी गए हैं। बता दें कि नौ जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एक पेड़ मां के नाम अभियान में 37 करोड़ पौधों को रोपित किया गया था। अपने जिले में 73 लाख पौध रोपने का लक्ष्य था।
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वहीं गंगा खादर सलेमपुर, जहानाबाद सहित चयनित वन क्षेत्र के चार जगह वन विभाग चांदपुर को 96000 पौधे रोपित करने के लिए प्राप्त हुए थे, लेकिन सलेमपुर गंगा खादर सहित अन्य स्थानों पर अभियान के दौरान लगाए जाने वाले हजारों पौधों को रोपित नहीं किया गया, बल्कि अभियान में लगाए गए वन कर्मियों ने उन्हें वन क्षेत्र में जगह-जगह छुपा दिया। साथ ही कागजों पर खाना पूर्ति कर दी।
रेंजर दुष्यंत मावी ने बताया पौधे रोपित करने से पूर्व उनकी धुलाई कराई गई है और सुरक्षित ठिकानों पर रखा गया है, जिन्हें रोपित कराया जाएगा। यदि पौधों को जान पूछकर छुपाया अथवा फेंका गया है तो वह स्वयं मौके पर जाकर जांच करेंगे। दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।