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काष्ठ उद्योग को प्रोत्साहन देगी सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:07 AM IST
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लकड़ी से बनीं वस्तुएं।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक जिला एक उत्पाद योजना’ में जिले के लकड़ी की नक्काशी उद्योग को शामिल किया है। मुगलकाल से यह उद्योग अपनी पहचान बनाए हुए है। योजना में शामिल होने के बाद प्रदेश सरकार इस उद्योग को प्रोत्साहन देगी और लकड़ी नक्काशी कला को निखारा जाएगी।
बिजनौर के नगीना क्षेत्र का काष्ठ कला उद्योग विदेशों तक में चमक बिखेरता रहा है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान धामपुर की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नगीना के काष्ठ कला उद्योग की प्रशंसा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उन्होंने अपनी मां के मुंह से नगीना की काष्ठ कला के बारे में सुना था, तब प्रधानमंत्री ने इस उद्योग को चमकाने का वादा भी किया था। आज स्थिति यह है कि काष्ठ कला उद्योग की चमक फीकी पड़ रही है।
कारीगर इससे मुंह मोड़ रहे हैं। कारोबार कम होता जा रहा है। कभी नगीना के शहर क्षेत्र में ही काष्ठ कला से जुड़ी छोटी-बड़ी करीब एक हजार इकाइयां थीं। अब इनकी संख्या घटकर 150 ही रह गई है। कारीगर भी पेशा बदलकर दूसरे कामों में लग गए। कभी इस उद्योग में दस हजार से अधिक मजदूरों को रोजगार मिलता था, लेकिन अब केवल दो हजार लोगों को ही रोजगार मिलता है। अब प्रदेश सरकार काष्ठ कला उद्योग को एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल कर रही है। प्रदेश सरकार इस उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को भी इससे लाभ होगा। किसान शीशम बोते हैं, उनके पेड़ महंगे दामों में बिकेंगे।
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बिजनौर के नगीना क्षेत्र का काष्ठ कला उद्योग विदेशों तक में चमक बिखेरता रहा है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान धामपुर की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नगीना के काष्ठ कला उद्योग की प्रशंसा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उन्होंने अपनी मां के मुंह से नगीना की काष्ठ कला के बारे में सुना था, तब प्रधानमंत्री ने इस उद्योग को चमकाने का वादा भी किया था। आज स्थिति यह है कि काष्ठ कला उद्योग की चमक फीकी पड़ रही है।
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कारीगर इससे मुंह मोड़ रहे हैं। कारोबार कम होता जा रहा है। कभी नगीना के शहर क्षेत्र में ही काष्ठ कला से जुड़ी छोटी-बड़ी करीब एक हजार इकाइयां थीं। अब इनकी संख्या घटकर 150 ही रह गई है। कारीगर भी पेशा बदलकर दूसरे कामों में लग गए। कभी इस उद्योग में दस हजार से अधिक मजदूरों को रोजगार मिलता था, लेकिन अब केवल दो हजार लोगों को ही रोजगार मिलता है। अब प्रदेश सरकार काष्ठ कला उद्योग को एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल कर रही है। प्रदेश सरकार इस उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को भी इससे लाभ होगा। किसान शीशम बोते हैं, उनके पेड़ महंगे दामों में बिकेंगे।
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