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आए दिन एटीएम दे रहा ग्राहकों को दगा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 31 Dec 2016 11:32 PM IST
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धामपुर एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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धामपुर में नोटबंदी के चलते कैश किल्लत की समस्या अभी सामान्य होती नजर नहीं आ रही है। शनिवार को भी बैँकों में कैश की किल्लत होने से ग्राहकों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। शनिवार को अधिकांश एटीएम बंद रहे। केवल दो बैंकों के एटीएम चालू रहे।
एचडीएफसी बैंक के एटीएम के बाहर लाइन में लगे पंकज कुमार, सविता रानी, शैली, यशी, विभा ने बताया कि उन्हें पिछले कई दिनों से करीब 50 हजार रुपये के कैश की जरूरत है। 15 दिन में आठ हजार रुपये ही बमुश्किल बैंक व एटीएम के जरिए प्राप्त हो सके हैं। इतनी रकम से उनका काम चलने वाला नहीं है। नौरंगाबाद के दिलावर सिंह ने बताया कि उनके भांजे की शादी है। उन्हें करीब एक लाख की रकम की जरूरत है। अभी तक इतनी रकम का प्रयास करने के बाद भी बंदोबस्त नहीं हो सका है। जैतरा के घनश्याम सिंह का कहना है कि नोटबंदी के चलते उनके पुत्र की जनवरी में होने वाली शादी हट गई। जबकि उनके बेटे की शादी 16 जनवरी को होने वाली थी। शादी के लिए मंडप भी छह माह पहले से बुक कर दिए गए थे। मगर, हाथ में पैसा न होने से उन्हें मजबूरी में शादी की तारीख बदलने को विवश होना पड़ा है। शनिवार को सभी बैँकों में कैश की किल्लत रही। एचडीएफसी, यूनियन बैंक के एटीएम को छोड़ नगर के बाकी एटीएम बंद रहे। इन बैंकों के अधिकारियों का कहना था कि जब लोगों की मांग के अनुसार कैश उपलब्ध नहीं है।
तो वे भी किया करें। उनका तो केवल इतना प्रयास रहता है कि कैश लेने को आया कोई ग्राहक बगैर कैश के बिना नहीं लौटे। लोगों को समझाकर किसी तरह से संतुष्ट करना पड़ रहा है।
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रेलवे स्टेशन पर स्थापित एसबीआई का एटीएम करीब एक माह से बंद है। अधिकारियों से पता करने के बाद भी संबंधित बैंक के अधिकारी कोई सही जानकारी नहीं दे रहे है।
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एचडीएफसी बैंक के एटीएम के बाहर लाइन में लगे पंकज कुमार, सविता रानी, शैली, यशी, विभा ने बताया कि उन्हें पिछले कई दिनों से करीब 50 हजार रुपये के कैश की जरूरत है। 15 दिन में आठ हजार रुपये ही बमुश्किल बैंक व एटीएम के जरिए प्राप्त हो सके हैं। इतनी रकम से उनका काम चलने वाला नहीं है। नौरंगाबाद के दिलावर सिंह ने बताया कि उनके भांजे की शादी है। उन्हें करीब एक लाख की रकम की जरूरत है। अभी तक इतनी रकम का प्रयास करने के बाद भी बंदोबस्त नहीं हो सका है। जैतरा के घनश्याम सिंह का कहना है कि नोटबंदी के चलते उनके पुत्र की जनवरी में होने वाली शादी हट गई। जबकि उनके बेटे की शादी 16 जनवरी को होने वाली थी। शादी के लिए मंडप भी छह माह पहले से बुक कर दिए गए थे। मगर, हाथ में पैसा न होने से उन्हें मजबूरी में शादी की तारीख बदलने को विवश होना पड़ा है। शनिवार को सभी बैँकों में कैश की किल्लत रही। एचडीएफसी, यूनियन बैंक के एटीएम को छोड़ नगर के बाकी एटीएम बंद रहे। इन बैंकों के अधिकारियों का कहना था कि जब लोगों की मांग के अनुसार कैश उपलब्ध नहीं है।
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तो वे भी किया करें। उनका तो केवल इतना प्रयास रहता है कि कैश लेने को आया कोई ग्राहक बगैर कैश के बिना नहीं लौटे। लोगों को समझाकर किसी तरह से संतुष्ट करना पड़ रहा है।
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रेलवे स्टेशन पर स्थापित एसबीआई का एटीएम करीब एक माह से बंद है। अधिकारियों से पता करने के बाद भी संबंधित बैंक के अधिकारी कोई सही जानकारी नहीं दे रहे है।