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Bijnor News: गजरौला अचपल समिति पर 45 सालों से निर्विरोध चुने जा रहे सभापति
Tue, 21 Mar 2023 12:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 21 Mar 2023 12:42 AM IST
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-समिति और संघ की प्रबंध कमेटी को लेकर गजरौला और स्वाहेड़ी के लोग निभा रहे भाईचारा
संवाद न्यूज एजेंसी
गजरौला शिव। जिले मे गजरौला अचपल सहकारी समिति ऐसी है, जिस पर पिछले 45 सालों से निर्विरोध सभापति निर्वाचित हो रहे हैं। गजरौला शिव सहकारी संघ पर भी ऐसा ही हाल है। इन दोनों संस्थाओं की कमेटियों को लेकर गजरौला और स्वाहेड़ी लोगों भाईचारा निभा रहे हैं। चुनाव के लिए कभी लड़े नहीं और निर्विरोध ही सभापति बनाते रहें। अब कामिनी दिवाकर राजपूत सभापति एवं राजवीर सिंह उपसभापति निर्विरोध ही निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
सहकारी समिति पर गजरौला के रहने वाले व्यक्ति को ही सभापति चुना जाता है, संघ पर स्वाहेड़ी के सेठ जय नारायण सिंह के परिवार का सदस्य ही सभापति बनाया जाता है। बीते 45 वर्षों से यह परंपरा आज भी चली आ रही है। गजरौला अचपल के किसान सेवा सहकारी समिति में रविवार को हुए सभापति के चुनाव में पहली बार महिला सीट पर गजरौला शिव के पूर्व प्रधान व समिति में प्रबंध निदेशक रहे महेंद्र सिंह की पुत्रवधू कामिनी देवी राजपूत सभापति व स्वाहेड़ी के राजवीर सिंह निर्विरोध उपसभापति चुने गए।
इस समिति के सभापति के चुनाव में गजरौला अचपल के कोमल सिंह तीन बार सभापति रहे, गजरौला शिव के गिरीश पाल भी तीन बार सभापति बने। इसके अलावा गजरौला शिव के ठाकुर सिंह दो बार और गजरौला अचपल के चुन्नी सिंह एक बार निर्विरोध सभापति रह चुके हैं। इसी परंपरा को कायम रखते हुए पहली बार समिति के चुनाव में महिला सीट पर कुलदीप सिंह एड की धर्मपत्नी व महेंद्र सिंह की पुत्र वधू कामिनी देवी राजपूत निर्विरोध रूप से सभापति तथा राजवीर सिंह उपसभापति निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गजरौला शिव। जिले मे गजरौला अचपल सहकारी समिति ऐसी है, जिस पर पिछले 45 सालों से निर्विरोध सभापति निर्वाचित हो रहे हैं। गजरौला शिव सहकारी संघ पर भी ऐसा ही हाल है। इन दोनों संस्थाओं की कमेटियों को लेकर गजरौला और स्वाहेड़ी लोगों भाईचारा निभा रहे हैं। चुनाव के लिए कभी लड़े नहीं और निर्विरोध ही सभापति बनाते रहें। अब कामिनी दिवाकर राजपूत सभापति एवं राजवीर सिंह उपसभापति निर्विरोध ही निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
सहकारी समिति पर गजरौला के रहने वाले व्यक्ति को ही सभापति चुना जाता है, संघ पर स्वाहेड़ी के सेठ जय नारायण सिंह के परिवार का सदस्य ही सभापति बनाया जाता है। बीते 45 वर्षों से यह परंपरा आज भी चली आ रही है। गजरौला अचपल के किसान सेवा सहकारी समिति में रविवार को हुए सभापति के चुनाव में पहली बार महिला सीट पर गजरौला शिव के पूर्व प्रधान व समिति में प्रबंध निदेशक रहे महेंद्र सिंह की पुत्रवधू कामिनी देवी राजपूत सभापति व स्वाहेड़ी के राजवीर सिंह निर्विरोध उपसभापति चुने गए।
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इस समिति के सभापति के चुनाव में गजरौला अचपल के कोमल सिंह तीन बार सभापति रहे, गजरौला शिव के गिरीश पाल भी तीन बार सभापति बने। इसके अलावा गजरौला शिव के ठाकुर सिंह दो बार और गजरौला अचपल के चुन्नी सिंह एक बार निर्विरोध सभापति रह चुके हैं। इसी परंपरा को कायम रखते हुए पहली बार समिति के चुनाव में महिला सीट पर कुलदीप सिंह एड की धर्मपत्नी व महेंद्र सिंह की पुत्र वधू कामिनी देवी राजपूत निर्विरोध रूप से सभापति तथा राजवीर सिंह उपसभापति निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
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