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धर्मकांटे पर हो रहा गजराज का वजन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 May 2017 02:00 AM IST
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बिजनौर में हाथियों को ले जाते महावत।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के कालागढ की हाथीशाला में गश्त का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हाथियों का वजन मुख्य मार्ग पर स्थित धर्मकांटे पर कराया जा रहा है। कालागढ़ के उपप्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी का कहना है कि गजराज स्वस्थ हैं।
कालागढ़ की हाथीशाला में 9 हाथियों को गश्त का प्रशिक्षण वन विभाग के महावत दे रहे हैं। इस दौरान उनके स्वास्थ्य का पूरी तरह ध्यान रखा जा रहा है। हालांकि यह गजराज कालागढ़ में कुछ ही समय के मेहमान हैं।
इन्हें यहां से कालागढ़ टाइगर रिजर्व, झिरना व कालागढ़ रेंज में गश्त के लिए भेजा जाना है। इस दौरान इन नौ हाथियों को सूखास्रोत, पुराना कालागढ़, कालागढ़ रेंज के वनों में गश्त का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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सुबह सवेरे इन हाथियों का वजन भिक्कावाला के सेंट मेरीस इंटर कॉलेज के सामने धर्मंकांटे पर तौला जा रहा है। उधर, कालागढ़ के मुख्य मार्ग पर इन हाथियों के चलने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल वाहन चालक गौस मौहम्मद का कहना है कि अभी यह हाथी नए हैं।
वाहनों को देखकर बिदक जाते हैं। महावत उनके उपर बैठे होते हैं और पैदल भी साथ रहते हैं। इसके चलते कई बार बस को सड़क से नीचे उतारना पड़ जाता है।
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कालागढ़ की हाथीशाला में 9 हाथियों को गश्त का प्रशिक्षण वन विभाग के महावत दे रहे हैं। इस दौरान उनके स्वास्थ्य का पूरी तरह ध्यान रखा जा रहा है। हालांकि यह गजराज कालागढ़ में कुछ ही समय के मेहमान हैं।
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इन्हें यहां से कालागढ़ टाइगर रिजर्व, झिरना व कालागढ़ रेंज में गश्त के लिए भेजा जाना है। इस दौरान इन नौ हाथियों को सूखास्रोत, पुराना कालागढ़, कालागढ़ रेंज के वनों में गश्त का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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सुबह सवेरे इन हाथियों का वजन भिक्कावाला के सेंट मेरीस इंटर कॉलेज के सामने धर्मंकांटे पर तौला जा रहा है। उधर, कालागढ़ के मुख्य मार्ग पर इन हाथियों के चलने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल वाहन चालक गौस मौहम्मद का कहना है कि अभी यह हाथी नए हैं।
वाहनों को देखकर बिदक जाते हैं। महावत उनके उपर बैठे होते हैं और पैदल भी साथ रहते हैं। इसके चलते कई बार बस को सड़क से नीचे उतारना पड़ जाता है।