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कई किसान नेता लखीमपुर रवाना हुए
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घटना पर रोष, किसान नेता लखीमपुर हुए रवाना
बिजनौर। लखीमपुर में हुई घटना का असर बिजनौर में भी नजर आ रहा है। यहां के किसान नेताओं के इसे लेकर आक्रोष है। हालांकि जिले में कहीं प्रदर्शन की तो सूचना नहीं है, लेकिन भाकियू नेता दिगंबर सिंह कई साथियों के साथ लखीमपुर रवाना हो गए। इसके अलावा भी कई अन्य नेेताओं के भी लखीमपुर जाने की बात कही जा रही है।
भाकियू नेता दिगंबर सिंह ने कहा कि मैं लखीमपुर के लिए निकल चुका हूं और रास्ते में हूं। वहां जो हुआ, वह सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा है। इसका हिसाब हम लखीमपुर जाकर ही लेंगे। हमने जिले के किसानों से धैर्य रहने को कहा है। रालोद के पूर्व सांसद मुंशीरामपाल ने कहा कि यह सत्ता की हठधर्मिता है। ऐसा तो अंग्रेजों के समय भी नहीं हुआ। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। हम किसानों को न्याय दिलाने के लिए लखीमपुर खीरी जा रहे हैं। रालोद के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रवीण देशवाल ने कहा कि किसानों के साथ बर्बरता पूर्ण सत्याग्रह को कुचला गया। यह कोई तरीका नहीं है। यह लोकतंत्र की हत्या है। हम रालोद प्रमुख जयंत चौधरी के निर्देश पर लखीमपुर जा रहे हैं। वहां पीड़ित परिवार से मिलेंगे। वहीं, रालोद के पूर्व विधायक चौधरी सुखवीर सिंह का कहना है कि हमें पार्टी की ओर से लखीमपुर खीरी रवाना होने के लिए कहा गया है। पूरी स्थिति का आकलन करेंगे और पार्टी हाइकमान को रिपोर्ट करेंगे। जो हुआ, बहुत गलत हुआ। यह अंग्रेजों के समय में भी नहीं हुआ है। लोकतंत्र नहीं बचा।
रालोद के प्रतिनिधि मंडल में तीन बिजनौर से
बिजनौर। रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने लखीमपुर खीरी में हुई घटना के आकलन को जो प्रतिनिधि मंडल बनाया गया है, उसमें तीन बिजनौर से हैं। इनमें पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रवीण देशवाल, पूर्व विधायक चौधरी सुखवीर सिंह, पूर्व सांसद मुंशी रामपाल शामिल हैं। इन सभी ने लखीमपुर खीरी की घटना पर रोष जताया। साथ ही कहा कि वह वहां की स्थिति से पार्टी हाईकमान को अवगत कराएंगे।
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बिजनौर। लखीमपुर में हुई घटना का असर बिजनौर में भी नजर आ रहा है। यहां के किसान नेताओं के इसे लेकर आक्रोष है। हालांकि जिले में कहीं प्रदर्शन की तो सूचना नहीं है, लेकिन भाकियू नेता दिगंबर सिंह कई साथियों के साथ लखीमपुर रवाना हो गए। इसके अलावा भी कई अन्य नेेताओं के भी लखीमपुर जाने की बात कही जा रही है।
भाकियू नेता दिगंबर सिंह ने कहा कि मैं लखीमपुर के लिए निकल चुका हूं और रास्ते में हूं। वहां जो हुआ, वह सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा है। इसका हिसाब हम लखीमपुर जाकर ही लेंगे। हमने जिले के किसानों से धैर्य रहने को कहा है। रालोद के पूर्व सांसद मुंशीरामपाल ने कहा कि यह सत्ता की हठधर्मिता है। ऐसा तो अंग्रेजों के समय भी नहीं हुआ। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। हम किसानों को न्याय दिलाने के लिए लखीमपुर खीरी जा रहे हैं। रालोद के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रवीण देशवाल ने कहा कि किसानों के साथ बर्बरता पूर्ण सत्याग्रह को कुचला गया। यह कोई तरीका नहीं है। यह लोकतंत्र की हत्या है। हम रालोद प्रमुख जयंत चौधरी के निर्देश पर लखीमपुर जा रहे हैं। वहां पीड़ित परिवार से मिलेंगे। वहीं, रालोद के पूर्व विधायक चौधरी सुखवीर सिंह का कहना है कि हमें पार्टी की ओर से लखीमपुर खीरी रवाना होने के लिए कहा गया है। पूरी स्थिति का आकलन करेंगे और पार्टी हाइकमान को रिपोर्ट करेंगे। जो हुआ, बहुत गलत हुआ। यह अंग्रेजों के समय में भी नहीं हुआ है। लोकतंत्र नहीं बचा।
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रालोद के प्रतिनिधि मंडल में तीन बिजनौर से
बिजनौर। रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने लखीमपुर खीरी में हुई घटना के आकलन को जो प्रतिनिधि मंडल बनाया गया है, उसमें तीन बिजनौर से हैं। इनमें पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रवीण देशवाल, पूर्व विधायक चौधरी सुखवीर सिंह, पूर्व सांसद मुंशी रामपाल शामिल हैं। इन सभी ने लखीमपुर खीरी की घटना पर रोष जताया। साथ ही कहा कि वह वहां की स्थिति से पार्टी हाईकमान को अवगत कराएंगे।
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