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आरआर मोरारका स्कूल की चार बसें सीज
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:11 AM IST
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नजीबाबाद में बुंदकी मार्ग जाम कर बैठे आरआर मोरारका स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक।
- फोटो : नजीबाबाद में बुंदकी मार्ग जाम कर बैठे आरआर मोरारका स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक।
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नजीबाबाद में आरआर मोरारका पब्लिक स्कूल प्रबंधन और स्कूल से संबद्ध बसों के मालिक के खिलाफ अभिभावक लामबंद हो गए। अभिभावकों ने बुंदकी मार्ग पर जाम लगाते हुए बच्चों को स्कूल ले जा रहीं तीन खटारा बसों को रोक दिया। नायब तहसीलदार के निर्देश पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को दुुर्घटनाग्रस्त हुई बस समेत चार स्कूल बसों को सीज कर दिया। अभिभावकों की तहरीर पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रशासन ने जाम खुलवाया।
आरआर मोरारका पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने शुक्रवार सुबह 9:30 बजे सुभाष नगर क्षेत्र में बुंदकी मार्ग पर जाम लगा दिया। अभिभावकों विनोद परमार, मनोज मंगल, ग्राम प्रधान नंदिनी राजपूत, भारती चौहान, नवनीत चतुर्वेदी, हिमांशु राजपूत, प्रमोद मित्तल ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जब अभिभावक स्कूल पहुंचे, तो स्कूल प्रबंधन ने गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाया। घटना से पल्ला झाड़ते हुए स्कूल प्रबंधन ने प्राइवेट बस संचालन से उनका कोई लेनादेना न होने की बात कही।
प्रदर्शनकारियों कुलदीप सिंह, शिखा परमार, रीता भुईयार, प्रीति राजपूत, अनु चौहान, रोजी, प्रीति राजपूत, दीप्ति का कहना था कि बच्चों को स्कूल ले जाने वाली बसों की हालत दयनीय है, जिससे बच्चों की जान जोखिम में रहती है। विनोद परमार, मनोज मंगल ने स्कूल प्रबंधन द्वारा ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में सुधार न करने पर बच्चों के नाम स्कूल से कटवा लेने की चेतावनी दी। प्रदर्शन की सूचना पर एसआई संजय त्यागी, मनोज कुमार, नीरज कुमार के नेतृत्व में काफी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की, मगर प्रदर्शनकारी नहीं माने। वे स्कूल प्रबंधन और बसों के मालिक को बुलाने की जिद पर अड़े थे।
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करीब 10:30 बजे नायब तहसीलदार सीके त्रिपाठी, द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज के प्रशासनिक प्रबंधक जीएस शेखावत एवं सुरक्षा अधिकारी ओंकार सिंह मौके पर पहुंच गए। अभिभावकों की नाराजगी को देखते हुए नायब तहसीलदार ने मौके पर खड़ी बसें और हादसे की शिकार बस को सीज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने चारों बसों को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला।
प्रदर्शन की वीडियो क्लिप बनाई
नजीबाबाद। प्रदर्शन में 100 से ज्यादा लोग शामिल थे। बौखलाए आदर्शनगर चौकी प्रभारी मनोज कुमार ने प्रदर्शनकारियों ने वीडियो क्लिप बनानी शुरू कर दी। जिस पर कुछ अभिभावकों ने नाराजगी भी जताई।
बसों पर नहीं मिले कागजात
नजीबाबाद। जामस्थल पर खड़ी तीन बसों में से एक भी बस पर पुलिस को कागजात नहीं मिले। एकमात्र बस पर फिटनेस का कागज मिला, वह भी अप्रैल 2017 को एक्सपायर हो चुका था। प्रदर्शनकारियों ने चालक अशोक, अमरजीत और अशोक को खरीखोटी सुनाई।
रद्द करना पड़ा यूनिट टेस्ट
नजीबाबाद। सैकड़ों बच्चों और स्टाफ के स्कूल न पहुंच पाने पर शुक्रवार को कक्षा छह से नौ तक व कक्षा 11 का यूनिट टेस्ट रद्द कर दिया गया। अभिभावकों ने मांग की है कि जब तक बच्चों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं होती, यूनिट टेस्ट रद रखे जाएं। कई शिक्षक-शिक्षिकाएं जाम खुलने के बाद स्कूल पहुंच पाए, जबकि 200 से ज्यादा बच्चों को परेशानी झेलकर घर लौटना पड़ा।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल गंभीर - प्रबंधक
नजीबाबाद। स्कूल प्रबंधक एसएस शेखावत ने स्पष्ट किया कि वास्तव में बसें स्कूल द्वारा संचालित नहीं की जा रही हैं। यह व्यवस्था अभिभावकों द्वारा प्राइवेट ट्रांसपोर्टर से संपर्क कर जुटाई गई है। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन बच्चों के सुरक्षित आवागमन के प्रति गंभीर रहता है। प्रत्येक 15 दिन बाद बसों की मेंटिनेंस की रिपोर्ट ली जाती है। प्रबंधक ने अभिभावकों से पीटीएम में आकर समस्या का हल तलाशने की अपील की।
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आरआर मोरारका पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने शुक्रवार सुबह 9:30 बजे सुभाष नगर क्षेत्र में बुंदकी मार्ग पर जाम लगा दिया। अभिभावकों विनोद परमार, मनोज मंगल, ग्राम प्रधान नंदिनी राजपूत, भारती चौहान, नवनीत चतुर्वेदी, हिमांशु राजपूत, प्रमोद मित्तल ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जब अभिभावक स्कूल पहुंचे, तो स्कूल प्रबंधन ने गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाया। घटना से पल्ला झाड़ते हुए स्कूल प्रबंधन ने प्राइवेट बस संचालन से उनका कोई लेनादेना न होने की बात कही।
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प्रदर्शनकारियों कुलदीप सिंह, शिखा परमार, रीता भुईयार, प्रीति राजपूत, अनु चौहान, रोजी, प्रीति राजपूत, दीप्ति का कहना था कि बच्चों को स्कूल ले जाने वाली बसों की हालत दयनीय है, जिससे बच्चों की जान जोखिम में रहती है। विनोद परमार, मनोज मंगल ने स्कूल प्रबंधन द्वारा ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में सुधार न करने पर बच्चों के नाम स्कूल से कटवा लेने की चेतावनी दी। प्रदर्शन की सूचना पर एसआई संजय त्यागी, मनोज कुमार, नीरज कुमार के नेतृत्व में काफी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की, मगर प्रदर्शनकारी नहीं माने। वे स्कूल प्रबंधन और बसों के मालिक को बुलाने की जिद पर अड़े थे।
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करीब 10:30 बजे नायब तहसीलदार सीके त्रिपाठी, द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज के प्रशासनिक प्रबंधक जीएस शेखावत एवं सुरक्षा अधिकारी ओंकार सिंह मौके पर पहुंच गए। अभिभावकों की नाराजगी को देखते हुए नायब तहसीलदार ने मौके पर खड़ी बसें और हादसे की शिकार बस को सीज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने चारों बसों को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोला।
प्रदर्शन की वीडियो क्लिप बनाई
नजीबाबाद। प्रदर्शन में 100 से ज्यादा लोग शामिल थे। बौखलाए आदर्शनगर चौकी प्रभारी मनोज कुमार ने प्रदर्शनकारियों ने वीडियो क्लिप बनानी शुरू कर दी। जिस पर कुछ अभिभावकों ने नाराजगी भी जताई।
बसों पर नहीं मिले कागजात
नजीबाबाद। जामस्थल पर खड़ी तीन बसों में से एक भी बस पर पुलिस को कागजात नहीं मिले। एकमात्र बस पर फिटनेस का कागज मिला, वह भी अप्रैल 2017 को एक्सपायर हो चुका था। प्रदर्शनकारियों ने चालक अशोक, अमरजीत और अशोक को खरीखोटी सुनाई।
रद्द करना पड़ा यूनिट टेस्ट
नजीबाबाद। सैकड़ों बच्चों और स्टाफ के स्कूल न पहुंच पाने पर शुक्रवार को कक्षा छह से नौ तक व कक्षा 11 का यूनिट टेस्ट रद्द कर दिया गया। अभिभावकों ने मांग की है कि जब तक बच्चों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं होती, यूनिट टेस्ट रद रखे जाएं। कई शिक्षक-शिक्षिकाएं जाम खुलने के बाद स्कूल पहुंच पाए, जबकि 200 से ज्यादा बच्चों को परेशानी झेलकर घर लौटना पड़ा।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल गंभीर - प्रबंधक
नजीबाबाद। स्कूल प्रबंधक एसएस शेखावत ने स्पष्ट किया कि वास्तव में बसें स्कूल द्वारा संचालित नहीं की जा रही हैं। यह व्यवस्था अभिभावकों द्वारा प्राइवेट ट्रांसपोर्टर से संपर्क कर जुटाई गई है। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन बच्चों के सुरक्षित आवागमन के प्रति गंभीर रहता है। प्रत्येक 15 दिन बाद बसों की मेंटिनेंस की रिपोर्ट ली जाती है। प्रबंधक ने अभिभावकों से पीटीएम में आकर समस्या का हल तलाशने की अपील की।