{"_id":"5dab53828ebc3e015255ae9c","slug":"formation-of-cell-for-pollution-prevention-bijnor-news-mrt449453155","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदूषण की रोकथाम के लिए सेल का गठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदूषण की रोकथाम के लिए सेल का गठन
विज्ञापन
बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने किसानों द्वारा खरीफ की फसलों के अवशेष जलाने से हो रहे प्रदूषण की रोकथाम के लिए एक सेल का गठन किया। प्रदूषण की रोकथाम के लिए की गई कार्रवाई की समीक्षा रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए।
शनिवार को डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदूषण के रोकथाम के लिए जनपद स्तरीय सेल का गठन किया। एडीएम वित्त एवं राजस्व को सेल का अध्यक्ष, जिला कृषि अधिकारी को सचिव, एसपी सिटी, उप कृषि निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी व क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को सदस्य मनोनीत किया। डीएम ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश का हवाला देते हुए फसल के अवशेष जलाने पर रोकथाम की बात कही। निर्णय के परिपालन के लिए प्रत्येक दिन सुनवाई किये जाने के निर्देश दिए। जिला कृषि अधिकारी को सेल से संबंधित अभिलेखीय कार्रवाई एवं दायित्वों के निर्वहन का जिम्मा सौंपा। उन्होंने धान कटाई से लेकर गेहूं की बुवाई तक प्रतिदिन फसल अवशेष जलाने की घटनाओं एवं इसकी रोकथाम के लिए की गई कार्रवाई की समीक्षा रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कृषि विभाग के न्याय पंचायत स्तरीय कर्मचारी एवं विकास खंड स्तरीय सहायक विकास अधिकारी को फसल अवशेष जलाने के दुष्परिणामों से किसानों का जागरूक करने को कहा। छात्रों के माध्यम से फसल अवशेष नहीं जलाने तथा प्रदूषण के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
शनिवार को डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदूषण के रोकथाम के लिए जनपद स्तरीय सेल का गठन किया। एडीएम वित्त एवं राजस्व को सेल का अध्यक्ष, जिला कृषि अधिकारी को सचिव, एसपी सिटी, उप कृषि निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी व क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को सदस्य मनोनीत किया। डीएम ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश का हवाला देते हुए फसल के अवशेष जलाने पर रोकथाम की बात कही। निर्णय के परिपालन के लिए प्रत्येक दिन सुनवाई किये जाने के निर्देश दिए। जिला कृषि अधिकारी को सेल से संबंधित अभिलेखीय कार्रवाई एवं दायित्वों के निर्वहन का जिम्मा सौंपा। उन्होंने धान कटाई से लेकर गेहूं की बुवाई तक प्रतिदिन फसल अवशेष जलाने की घटनाओं एवं इसकी रोकथाम के लिए की गई कार्रवाई की समीक्षा रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कृषि विभाग के न्याय पंचायत स्तरीय कर्मचारी एवं विकास खंड स्तरीय सहायक विकास अधिकारी को फसल अवशेष जलाने के दुष्परिणामों से किसानों का जागरूक करने को कहा। छात्रों के माध्यम से फसल अवशेष नहीं जलाने तथा प्रदूषण के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन