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पशुपालन विभाग के साथ वन विभाग भी सक्रिय
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पशुपालन विभाग के साथ वन विभाग भी सक्रिय
बिजनौर। जिले में बर्ड फ्लू मिलने के बाद अब पशुपालन विभाग के साथ-साथ वन विभाग भी सक्रिय हो गया है। वन विभाग ने नदियों, तालाबों व नहरों पर भी कर्मचारियों से नजर रखने को कहा गया है। कहीं भी पक्षी मृत मिलता है तो उसकी तुरंत जांच कराई जाएगी।
धामपुर क्षेत्र के गांव अमखेड़ा में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है। गांव के बाहर जंगल में चलने वाले एक पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों में बर्ड फ्लू मिला है। वहां पर सभी मुर्गियों को मारकर दबा दिया गया है। पास के एक अन्य पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों को भी मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों की तो जांच हो सकती है लेकिन खुले में रहने वाले पक्षियों की केवल निगरानी ही की जा सकती है। जिले में नदियों किनारे, वेटलैंड व तालाबों के किनारे काफी पक्षी रहते हैं। इन पक्षियों को भी बर्ड फ्लू होने का पूरा अंदेशा रहता है। किसी पक्षी की मौत होने या किसी के बीमार मिलने पर जांच में ही बर्ड फ्लू का पता चल सकता है। वन विभाग के अफसरों ने कर्मचारियों को नदियों व तालाबों किनारे पक्षियों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अगर कहीं पक्षी मरे हुए मिलते हैं तो उसकी जांच कराई जाएगी। बर्ड फ्लू अगर कहीं होगा तो वहां कई पक्षी एक साथ मरेंगे। लोगों को भी नदी व तालाब किनारे जाते समय पूरी एहतियात बरतने व पक्षियों से दूर रहने को ही कहा जाएगा। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि अगर कोई किसी मरे हुए पक्षी को दबाता है तो अच्छी तरह सैनिटाइजर से हाथ धोएं।
जनता और कर्मचारियों को किया चौकस
वन विभाग के एसडीओ हरि सिंह के अनुसार कर्मचारियों को चौकस कर दिया गया है। जनता भी इस बात का ध्यान रखें कि कहीं कोई पक्षी मरे मिलते हैं तो वन विभाग के कर्मचारियों को सूचित करें।
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बिजनौर। जिले में बर्ड फ्लू मिलने के बाद अब पशुपालन विभाग के साथ-साथ वन विभाग भी सक्रिय हो गया है। वन विभाग ने नदियों, तालाबों व नहरों पर भी कर्मचारियों से नजर रखने को कहा गया है। कहीं भी पक्षी मृत मिलता है तो उसकी तुरंत जांच कराई जाएगी।
धामपुर क्षेत्र के गांव अमखेड़ा में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है। गांव के बाहर जंगल में चलने वाले एक पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों में बर्ड फ्लू मिला है। वहां पर सभी मुर्गियों को मारकर दबा दिया गया है। पास के एक अन्य पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों को भी मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों की तो जांच हो सकती है लेकिन खुले में रहने वाले पक्षियों की केवल निगरानी ही की जा सकती है। जिले में नदियों किनारे, वेटलैंड व तालाबों के किनारे काफी पक्षी रहते हैं। इन पक्षियों को भी बर्ड फ्लू होने का पूरा अंदेशा रहता है। किसी पक्षी की मौत होने या किसी के बीमार मिलने पर जांच में ही बर्ड फ्लू का पता चल सकता है। वन विभाग के अफसरों ने कर्मचारियों को नदियों व तालाबों किनारे पक्षियों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अगर कहीं पक्षी मरे हुए मिलते हैं तो उसकी जांच कराई जाएगी। बर्ड फ्लू अगर कहीं होगा तो वहां कई पक्षी एक साथ मरेंगे। लोगों को भी नदी व तालाब किनारे जाते समय पूरी एहतियात बरतने व पक्षियों से दूर रहने को ही कहा जाएगा। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि अगर कोई किसी मरे हुए पक्षी को दबाता है तो अच्छी तरह सैनिटाइजर से हाथ धोएं।
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जनता और कर्मचारियों को किया चौकस
वन विभाग के एसडीओ हरि सिंह के अनुसार कर्मचारियों को चौकस कर दिया गया है। जनता भी इस बात का ध्यान रखें कि कहीं कोई पक्षी मरे मिलते हैं तो वन विभाग के कर्मचारियों को सूचित करें।
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