फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Fear of flood, all gates of Sherkot Kho Barrage lifted

Bijnor News: बाढ़ की आशंका, शेरकोट खो बैराज के उठाए सभी गेट

Sat, 11 Jul 2026 01:17 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:17 AM IST
विज्ञापन
Fear of flood, all gates of Sherkot Kho Barrage lifted
धामपुर। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ की आशंका को देख सिंचाई विभाग मुरादाबाद के अधिकारियों के आदेश पर शेरकोट में स्थित खो बैराज के सभी 15 गेटों को उठा दिया गया है। शुक्रवार सवेरे 8:00 बजे खो नदी में 38,974 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी। अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ों से बारिश का पानी नदी में तेजी से आ रहा है। सिंचाई विभाग ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को अलर्ट कर दिया है।
विज्ञापन

सिंचाई विभाग मुरादाबाद के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह ने बताया कि खो बैराज की क्षमता एक लाख क्यूसेक पानी की क्षमता की है। नदी में शुक्रवार सवेरे 8:00 बजे 38,974 पानी की निकासी की जा रही है जबकि बृहस्पतिवार को 8:00 बजे नदी में 12,343 से पानी बह रहा था। उनका कहना है कि पहाड़ों पर अभी भी बारिश तेज हो रही है। इसलिए आशंका है कि नदी में पानी की रफ्तार और तेज हो सकती है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। उन्हें अवगत कराया जा रहा है कि वह सुरक्षित स्थानों पर आश्रय ले लें। पानी के और अधिक बढ़ने के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होती है तो उन्हें परेशानी हो सकती है।
विज्ञापन


1983 में खो नदी में क्षमता से अधिक हुई थी पानी की निकासी
अधिशासी अभियंता का कहना है कि साल- 1983 में खो नदी में सबसे अधिक पानी की निकासी हुई थी। बताया कि खो बैराज की क्षमता एक लाख क्यूसेक पानी की है जबकि 1983 में 1,15,000 क्यूसेक पानी की निकासी हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


रामगंगा नदी में पानी की निकासी घटी
अधिकारियों का कहना है कि हरेवली रामगंगा बैराज के सभी 20 गेटों को दो दिन पहले उठा दिया गया था। बृहस्पतिवार सवेरे 8:00 बजे रामगंगा नदी में 10,566 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी, जो शुक्रवार सवेरे घटकर 333 क्यूसेक हो रही है।


गन्ने की फसलों के जलमग्न होने से किसानों की बढ़ी चिंता
अधिक बारिश होने के कारण खादर क्षेत्र में गन्ने की फसलों के जलमग्न होने से किसानों और चीनी मिल अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। वरिष्ठ प्रबंधक मनोज कुमार चौहान का कहना है कि हालांकि अभी गन्ने की फसल को कोई नुकसान नहीं है लेकिन बारिश का पानी गन्ने की फसल में अधिक दिनों तक खड़ा रह जाता है तो गन्ने की बढ़वार थम जाती है। पैदावार पर भी असर पड़ता है। अभी तक गन्ने की फसल में किसी भी प्रकार की कोई रोग या बीमारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed