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Bijnor News: धामपुर - घेर में बंधे 40 निराश्रित पशु, प्रशासन ने नहीं किया इंतजाम
Fri, 28 Jul 2023 12:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 28 Jul 2023 12:46 AM IST
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धामपुर के हादकपुर गांव में ग्रामीणों की ओर से बंधे निराश्रित पशु
- ग्रामीणों ने फसलों को नुकसान पहुंचा रहे पशुओं को पांच दिन पहले पकड़ा था
- पशुओं को गोशाला नहीं पहुंचाने पर ग्रामीणों में आक्रोश, मनरेगा श्रमिक खिला रहे चारा
संवाद न्यूज एजेंसीधामपुर। क्षेत्र के गांव हादकपुर के ग्रामीणों की ओर से पिछले पांच दिन से एक व्यक्ति के घेर में 40 निराश्रित पशुओं को बांध कर रखा गया है। प्रशासन की ओर से अभी तक इन पशुओं को गोशाला नहीं पहुंचाया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। बुधवार शाम को ब्लाॅक से दो अधिकारी गांव में गए और पशुओं के चारे पानी के लिए मनरेगा श्रमिकों की ड्यूटी लगा दी।
गांव के मुकेश कुमार, अभिषेक त्यागी, विक्की त्यागी, रजत कुमार, अर्जुन त्यागी, पुष्पराज सिंह, भूपेंद्र सिंह, मदन सिंह ग्राम प्रधान, राजेंद्र चौहान का कहना है कि गांव में बड़ी संख्या में निराश्रित पशु विचरण कर रहे हैं। पशुओं ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया है। बुधवार को ग्रामीणों की ओर से गांव में प्रदर्शन किया गया था। शाम को एसडीएम के आदेश पर ब्लाॅक के दो अधिकारी मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों ने गांव में बंधे पशुओं को चारा खिलाने के लिए मनरेगा श्रमिकों की ड्यूटी लगा दी। बताया गया कि गोशाला में पशुओं को रखने के लिए टिनशेड नहीं है। जब तक व्यवस्था नहीं होगी, पशुओं को यहीं पर रख उनके चारे पानी की व्यवस्था की जाएगी।
ग्रामीणों ने दूध पीने के बाद छोड़े हैं पशु : एसडीएम
एसडीएम मनोज कुमार सिंह का कहना है कि गांव हादकपुर में ग्रामीणों की ओर से जो पशु पकड़कर एकत्र कर रखे हैं। वह पशु ग्रामीणों के ही हैं। उन्होंने गायों का दूध पीने के बाद उन्हें निराश्रित छोड़ दिया है। सभी पशुओं के कानों में पशुपालन विभाग की ओर से बिल्ले पकड़े थे। ग्रामीणों ने उन बिल्लों को कानों से निकाल कर इसलिए फेंक दिया, जिससे संबंधित पशुओं के मालिकों का पता न लग सके। पशुओं को छोड़ने वालों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
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- पशुओं को गोशाला नहीं पहुंचाने पर ग्रामीणों में आक्रोश, मनरेगा श्रमिक खिला रहे चारा
संवाद न्यूज एजेंसीधामपुर। क्षेत्र के गांव हादकपुर के ग्रामीणों की ओर से पिछले पांच दिन से एक व्यक्ति के घेर में 40 निराश्रित पशुओं को बांध कर रखा गया है। प्रशासन की ओर से अभी तक इन पशुओं को गोशाला नहीं पहुंचाया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। बुधवार शाम को ब्लाॅक से दो अधिकारी गांव में गए और पशुओं के चारे पानी के लिए मनरेगा श्रमिकों की ड्यूटी लगा दी।
गांव के मुकेश कुमार, अभिषेक त्यागी, विक्की त्यागी, रजत कुमार, अर्जुन त्यागी, पुष्पराज सिंह, भूपेंद्र सिंह, मदन सिंह ग्राम प्रधान, राजेंद्र चौहान का कहना है कि गांव में बड़ी संख्या में निराश्रित पशु विचरण कर रहे हैं। पशुओं ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया है। बुधवार को ग्रामीणों की ओर से गांव में प्रदर्शन किया गया था। शाम को एसडीएम के आदेश पर ब्लाॅक के दो अधिकारी मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों ने गांव में बंधे पशुओं को चारा खिलाने के लिए मनरेगा श्रमिकों की ड्यूटी लगा दी। बताया गया कि गोशाला में पशुओं को रखने के लिए टिनशेड नहीं है। जब तक व्यवस्था नहीं होगी, पशुओं को यहीं पर रख उनके चारे पानी की व्यवस्था की जाएगी।
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ग्रामीणों ने दूध पीने के बाद छोड़े हैं पशु : एसडीएम
एसडीएम मनोज कुमार सिंह का कहना है कि गांव हादकपुर में ग्रामीणों की ओर से जो पशु पकड़कर एकत्र कर रखे हैं। वह पशु ग्रामीणों के ही हैं। उन्होंने गायों का दूध पीने के बाद उन्हें निराश्रित छोड़ दिया है। सभी पशुओं के कानों में पशुपालन विभाग की ओर से बिल्ले पकड़े थे। ग्रामीणों ने उन बिल्लों को कानों से निकाल कर इसलिए फेंक दिया, जिससे संबंधित पशुओं के मालिकों का पता न लग सके। पशुओं को छोड़ने वालों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
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