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किसानों ने क्षेत्रीय व्यापार आर्थिक भागीदारी का किया विरोध
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किसानों ने क्षेत्रीय व्यापार आर्थिक भागीदारी का किया विरोध
बिजनौर। भाकियू की बैठक में क्षेत्रीय व्यापार आर्थिक भागीदारी व आरसीईपी का विरोध किया गया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर इसे लागू न करने की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि आरसीईपी वार्ता के अंतिम चरण में मेगा व्यापार समझौता है। इससे देश के किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। उल्टे वे भारी सब्सिडी वाले उत्पादों के बिना किसी अतिरिक्त मूल्य और सुरक्षा तंत्र के देश में झोंक दिए जाने के गंभीर परिणाम होंगे। यह समझौता भारत के किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत साबित होगा। किसान इस समझौते को अस्वीकार करते हैं। इस अत्यंत गोपनीय समझौते में केवल केंद्र सरकार शामिल है और राज्य सरकारों और नागरिक संगठनों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। यह समझौता लागू होता है तो किसानों की आजीविका पर कुठारघात होगा। आरसीईपी भारत के बाजारों को अन्य देशों से सब्सिडी वाले उत्पादों के लिए खोल देगा जिससे किसानों की फसलों के मूल्य कम हो जाएंगे। इससे डेयरी क्षेत्र व बागान उत्पादों को विशेष रूप से खतरा है। किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में देते हुए इस समझौते पर हस्ताक्षर न करने की मांग की है। ऐसा करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान रामअवतार सिंह, सुरपाल सिंह, धीर सिंह बालियान, विजयपाल सिंह, कुलदीप सिंह, अतुल कुमार, प्रमोद कुमार, विजय सिंह, देवदत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। भाकियू की बैठक में क्षेत्रीय व्यापार आर्थिक भागीदारी व आरसीईपी का विरोध किया गया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर इसे लागू न करने की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि आरसीईपी वार्ता के अंतिम चरण में मेगा व्यापार समझौता है। इससे देश के किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। उल्टे वे भारी सब्सिडी वाले उत्पादों के बिना किसी अतिरिक्त मूल्य और सुरक्षा तंत्र के देश में झोंक दिए जाने के गंभीर परिणाम होंगे। यह समझौता भारत के किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत साबित होगा। किसान इस समझौते को अस्वीकार करते हैं। इस अत्यंत गोपनीय समझौते में केवल केंद्र सरकार शामिल है और राज्य सरकारों और नागरिक संगठनों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। यह समझौता लागू होता है तो किसानों की आजीविका पर कुठारघात होगा। आरसीईपी भारत के बाजारों को अन्य देशों से सब्सिडी वाले उत्पादों के लिए खोल देगा जिससे किसानों की फसलों के मूल्य कम हो जाएंगे। इससे डेयरी क्षेत्र व बागान उत्पादों को विशेष रूप से खतरा है। किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में देते हुए इस समझौते पर हस्ताक्षर न करने की मांग की है। ऐसा करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान रामअवतार सिंह, सुरपाल सिंह, धीर सिंह बालियान, विजयपाल सिंह, कुलदीप सिंह, अतुल कुमार, प्रमोद कुमार, विजय सिंह, देवदत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।
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