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किसान बनेगा ऊर्जादाता, गन्ना और चावल से इथेनॉल, पराली से बनेगी सीएनजी : गडकरी
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किसान बनेगा ऊर्जादाता, गन्ना और चावल से
इथेनॉल, पराली से बनेगी सीएनजी : गडकरी
बिजनौर। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि किसान अब ऊर्जादाता बनेगा। चीनी मिलें गन्ने से चीनी बनाने पर ही निर्भर नहीं रहेगी। गन्ने के रस, शीरे और चावल से इथेनॉल बनाया जाएगा। हम वो तकनीक ले आए हैं, जिससे सौ प्रतिशत इथेनॉल से गाड़ियां चल सकेगी। गाड़ियों के इंजन में बदलाव किया जा रहा है। देशभर में इथेनॉल पंप लगाए जाएंगे। पराली से सीएनजी बनाई जाएगी।
चांदपुर कस्बे के गुलाब सिंह डिग्री कॉलेज में रविवार को जनविश्वास यात्रा के शुभारंभ के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि हम ऐसी तकनीक न लाते तो किसानों को मुंह दिखाने लायक नहीं रहते। ब्राजील की चीनी सस्ती है। पूरा गन्ना उत्पादन क्षेत्र बर्बादी की कगार पर है। 350 लाख टन चावल गोदामों में पड़ा है। गेहूं, चावल अब पेट्रोल, डीजल का विकल्प बनेंगे। चावल से इथेनॉल बनाने की 350 फैक्टरी लगाई जा रही है। एक टन चावल से 180 लीटर इथेनॉल बनाया जाएगा। हर बार पराली जलाने का शोर मचता है। अब उसी पराली से सीएनजी बनेगी। पांच टन पराली से एक टन सीएनजी बनेगी। किसानों को फसलों का मुनासिब दाम मिलेगा।
गन्ने की बैगास से बनेगी ग्रीन हाईड्रोजन
गन्ने के बैगास से ग्रीन हाईड्रोजन तैयार करेंगे। मैंने दुनिया का पहला ट्रैक्टर तैयार कराया है, जो ग्रीन हाईड्रोजन से चलेगा। इसके साथ ही किसानों को फसलों को नैनो यूरिया का छिड़काव करने के लिए सस्ते ड्रोन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उस पर भी काम चल रहा है।
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इथेनॉल, पराली से बनेगी सीएनजी : गडकरी
बिजनौर। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि किसान अब ऊर्जादाता बनेगा। चीनी मिलें गन्ने से चीनी बनाने पर ही निर्भर नहीं रहेगी। गन्ने के रस, शीरे और चावल से इथेनॉल बनाया जाएगा। हम वो तकनीक ले आए हैं, जिससे सौ प्रतिशत इथेनॉल से गाड़ियां चल सकेगी। गाड़ियों के इंजन में बदलाव किया जा रहा है। देशभर में इथेनॉल पंप लगाए जाएंगे। पराली से सीएनजी बनाई जाएगी।
चांदपुर कस्बे के गुलाब सिंह डिग्री कॉलेज में रविवार को जनविश्वास यात्रा के शुभारंभ के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि हम ऐसी तकनीक न लाते तो किसानों को मुंह दिखाने लायक नहीं रहते। ब्राजील की चीनी सस्ती है। पूरा गन्ना उत्पादन क्षेत्र बर्बादी की कगार पर है। 350 लाख टन चावल गोदामों में पड़ा है। गेहूं, चावल अब पेट्रोल, डीजल का विकल्प बनेंगे। चावल से इथेनॉल बनाने की 350 फैक्टरी लगाई जा रही है। एक टन चावल से 180 लीटर इथेनॉल बनाया जाएगा। हर बार पराली जलाने का शोर मचता है। अब उसी पराली से सीएनजी बनेगी। पांच टन पराली से एक टन सीएनजी बनेगी। किसानों को फसलों का मुनासिब दाम मिलेगा।
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गन्ने की बैगास से बनेगी ग्रीन हाईड्रोजन
गन्ने के बैगास से ग्रीन हाईड्रोजन तैयार करेंगे। मैंने दुनिया का पहला ट्रैक्टर तैयार कराया है, जो ग्रीन हाईड्रोजन से चलेगा। इसके साथ ही किसानों को फसलों को नैनो यूरिया का छिड़काव करने के लिए सस्ते ड्रोन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उस पर भी काम चल रहा है।
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