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गांव में बनवाया खेल मैदान और पुस्कालय
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इंजीनियर ने गांव में बनवाया खेल मैदान और पुस्तकालय
कोतवाली देहात (बिजनौर)। यदि मन में अच्छी सोच और मजबूत इच्छाशक्ति हो तो व्यक्ति सीमित संसाधनों में भी बड़े काम कर सकता है। ग्राम सिसौना निवासी एक इंजीनियर पिछले लॉकडाउन में घर लौटा तो गांव की तस्वीर ही बदलने की ठान ली। उसने गांव में खेल का मैदान, पुस्तकालय बनवाया। अब गांव में बच्चों के लिए प्ले स्कूल तथा आईटी कंपनी का हॉस्टल बनवा रहे हैं।
किरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिसौना निवासी कुलंजन चौधरी ने 2005 में भगवंत इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद कुलरंजन चौधरी ने बंगलूरू में आईओएसवाईएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से आईटी कंपनी शुरू की। यह कंपनी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम करती है। पांच लोगों से शुरू हुई कंपनी में आज 46 लोग काम करते हैं। बंगलूरू में रहते हुए कुलरंजन चौधरी के मन में गांव के लिए कुछ करने का विचार आया। पिछले लॉकडाउन में वह गांव लौट आए।
उन्होंने सबसे पहले जनपद के बीआईटी और आईआईटी संस्थानों के कई युवा इंजीनियरों को अपनी कंपनी में नौकरी दी तथा गांव में ही आईटी कंपनी की ब्रांच शुरू कर दी। फिलहाल गांव सिसौना में आईटी कंपनी की ब्रांच कार्य कर रही है। कुलरंजन बताते हैं कि गांव में आने के बाद उन्हें काफी युवा सड़क पर दौड़ते और व्यायाम करते हुए दिखाई दिए। उन्होंने युवाओं की समस्याओं को देखते हुए अपनी सात बीघा भूमि में एक मैदान का निर्माण कराया। मैदान में उन्होंने पुलिस तथा सेना की भर्ती की तैयारी करने के लिए उपकरण भी उपलब्ध कराए। उन्होंने गांव में एक बड़ा पुस्तकालय बनवाया है। उसमें मैनेजमेंट कोर्स की पुस्तकें उपलब्ध हैं। वह परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रशिक्षित अध्यापक नियुक्त करने का विचार बना रहे हैं।
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युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास
कुलरंजन चौधरी ने गांव के कम पढ़े लिखे युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए वेल्डिंग मशीन तथा कटर उपलब्ध कराया है। जहां वह युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहे हैं। उनके प्रयास से गांव के दर्जनभर युवा प्रशिक्षित हो चुके हैं। वे गांव में प्ले स्कूल शुरू करने जा रहे हैं, जिसका निर्माण शुरू हो चुका है। विद्यालय में शिक्षा से लेकर सभी सुविधाएं निशुल्क रहेंगी। वह गांव में अपनी कंपनी का बड़ा ऑफिस और हॉस्टल भी बनवा रहे हैं, जिससे जनपद के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।
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कोतवाली देहात (बिजनौर)। यदि मन में अच्छी सोच और मजबूत इच्छाशक्ति हो तो व्यक्ति सीमित संसाधनों में भी बड़े काम कर सकता है। ग्राम सिसौना निवासी एक इंजीनियर पिछले लॉकडाउन में घर लौटा तो गांव की तस्वीर ही बदलने की ठान ली। उसने गांव में खेल का मैदान, पुस्तकालय बनवाया। अब गांव में बच्चों के लिए प्ले स्कूल तथा आईटी कंपनी का हॉस्टल बनवा रहे हैं।
किरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिसौना निवासी कुलंजन चौधरी ने 2005 में भगवंत इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद कुलरंजन चौधरी ने बंगलूरू में आईओएसवाईएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से आईटी कंपनी शुरू की। यह कंपनी सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम करती है। पांच लोगों से शुरू हुई कंपनी में आज 46 लोग काम करते हैं। बंगलूरू में रहते हुए कुलरंजन चौधरी के मन में गांव के लिए कुछ करने का विचार आया। पिछले लॉकडाउन में वह गांव लौट आए।
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उन्होंने सबसे पहले जनपद के बीआईटी और आईआईटी संस्थानों के कई युवा इंजीनियरों को अपनी कंपनी में नौकरी दी तथा गांव में ही आईटी कंपनी की ब्रांच शुरू कर दी। फिलहाल गांव सिसौना में आईटी कंपनी की ब्रांच कार्य कर रही है। कुलरंजन बताते हैं कि गांव में आने के बाद उन्हें काफी युवा सड़क पर दौड़ते और व्यायाम करते हुए दिखाई दिए। उन्होंने युवाओं की समस्याओं को देखते हुए अपनी सात बीघा भूमि में एक मैदान का निर्माण कराया। मैदान में उन्होंने पुलिस तथा सेना की भर्ती की तैयारी करने के लिए उपकरण भी उपलब्ध कराए। उन्होंने गांव में एक बड़ा पुस्तकालय बनवाया है। उसमें मैनेजमेंट कोर्स की पुस्तकें उपलब्ध हैं। वह परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रशिक्षित अध्यापक नियुक्त करने का विचार बना रहे हैं।
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युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास
कुलरंजन चौधरी ने गांव के कम पढ़े लिखे युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए वेल्डिंग मशीन तथा कटर उपलब्ध कराया है। जहां वह युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहे हैं। उनके प्रयास से गांव के दर्जनभर युवा प्रशिक्षित हो चुके हैं। वे गांव में प्ले स्कूल शुरू करने जा रहे हैं, जिसका निर्माण शुरू हो चुका है। विद्यालय में शिक्षा से लेकर सभी सुविधाएं निशुल्क रहेंगी। वह गांव में अपनी कंपनी का बड़ा ऑफिस और हॉस्टल भी बनवा रहे हैं, जिससे जनपद के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।