बसपा का मास्टर प्लान: बिजनौर से चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगी मायावती, भतीजे आकाश को सौंपी प्रचार की कमान
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को चुनाव प्रचार की कमान सौंपी है। आकाश ने वेस्ट यूपी से ही राजनीति में अपना पहला कदम रखा था।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा सीट सबसे शांत लेकिन सबसे दिलचस्प मुकाबलों वाली सीट है। नगीना के मतदाताओं ने अधिकतर बाहरी प्रत्याशी के साथ-साथ हर बार नई पार्टी व नए प्रत्याशी को ही गले लगाया है। अब तक हुए तीन चुनाव में दो बार बाहरी प्रत्याशी को यह सीट रास आई है, जबकि तीनों चुनाव में नगीना की जनता ने हर बार नई पार्टी के प्रत्याशी को जिताकर संसद में भेजा है।
इस बार के चुनाव में भाजपा, सपा व बसपा के अलावा आजाद समाज पार्टी भी पहली बार चुनाव की मुख्य लड़ाई में कूदी है। ऐसे में इस सीट पर इस बार चुनाव और भी दिलचस्प होगा। वहीं बसपा ने अपने चुनावी मैदान में उतरने का आगाज भी इसी सीट से करने का फैसला लिया है।
एक तरफ भाजपा प्रत्याशी ओम कुमार के लिए यह चुनाव उनकी प्रतिष्ठा का चुनाव है। दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी के लिए भी नगीना सीट बहुत अहम है। एक तरफ यह सीट उनकी जीती हुई सीट है जबकि उसकी इस सीट को राजनैतिक विरासत की सीट भी माना जाता है। क्योंकि बसपा सुप्रीमो मायावती ने 1989 में बिजनौर से जीतकर ही अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी, उस समय नगीना का क्षेत्र बिजनौर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत ही आता था।
सपा के लिए भी नगीना लोकसभा सीट बेहद अहम है। कांग्रेस से गठबंधन के बाद इस सीट पर सपा की पकड़ और मजबूत मानी जा रही है। बसपा के लिए लिए नगीना सीट कितनी अहम है, इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने चुनावी प्रचार अभियान की शुरुआत नगीना से ही करने का निर्णय लिया है।
आगामी छह अप्रैल को पार्टी सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद नगीना में चुनावी जनसभा के साथ पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे। पार्टी के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार उर्फ पिंटू ने इस कार्यक्रम की पुष्टि की है
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आकाश आनंद मायावती के छोट भाई आनंद कुमार के बेटे हैं। गुरुग्राम से शुरुआती दौर की पढ़ाई के बाद आकाश ने लंदन से 2013 से 2016 के बीच एमबीए की शिक्षा ग्रहण की। वापस आने पर उन्होंने कुछ कंपनियों को भी खोला। हालांकि फिर उन्होंने राजनीति में आने का फैसला लिया। आकाश आनंद ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की धरती से पहली बार राजनीति में कदम रखा था।
मायावती ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के देवबंद में आयोजित एक रैली में पहली बार आकाश आनंद को मंच पर अपने साथ बैठाकर पार्टी काडर को संदेश दिया कि भविष्य में आकाश ही बसपा संगठन में अहम भूमिका निभाने वाले हैं। वहीं, वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में आकाश काे स्टार प्रचारक बनाया गया। साथ ही युवाओं को पार्टी से जोड़ने की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।
बीते वर्ष मार्च माह में मायावती ने आकाश को पार्टी का नेशनल कोआर्डिनेटर बनाकर सबको चौंका दिया था। बता दें कि आकाश की शादी पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ की पुत्री डॉ. प्रज्ञा से बीते मार्च माह में हुई थी।
सहारनपुर में 2019 की गठबंधन की चुनावी सभा में शामिल हुए थे आकाश
आकाश आनंद ने 2019 के लोकसभा चुनाव में देवबंद में हुई गठबंधन की रैली में बुआ संग पहली बार राजनीतिक मंच पर पांव रखा था। उन्होंने यहां मायावती, अखिलेश यादव, चौधरी अजित सिंह और जयंत चौधरी के साथ मंच साझा किया था।
पार्टी में तभी से कयास लगाए जाने लगे थे कि आकाश आनंद ही मायावती के उत्तराधिकारी होंगे। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बसपा नेता आकाश आनंद को स्टार प्रचारक बनाए जाने से समर्थक खुश हैं। उनका मानना है कि निश्चित रूप से युवा आकाश आनंद बहन जी के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करेंगे।
एक नजर में आकाश आनंद का प्रोफाइल
- वर्ष 1995 में नोएडा में जन्मे आकाश आनंद ने स्कूली शिक्षा नोएडा और गुरुग्राम से हासिल की थी।
- वर्ष 2013 से 2016 के दौरान लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ प्लाईमाउथ से एमबीए किया।
- वापस आने पर खुद का व्यवसाय शुरू किया और पिता का कारोबार भी संभाला।
- पांच कंपनियों से जुड़े बताए जाते हैं आकाश आनंद, जिनकी नेटवर्क करोड़ाें रुपये है।
- वर्ष 2016 में आकाश आनंद ने सक्रिय राजनीति में आने का फैसला लिया था।
- एक्स पर आकाश आनंद के 184 लाख और फेसबुक पर 53 हजार फॉलोवर्स हैं।
- उन्होंने बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ की बेटी डॉ. प्रज्ञा से शादी की है।