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धामपुर तहसील में आठ और नई गोशालाओं का होगा निर्माण
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धामपुर तहसील में आठ और नई गोशालाओं का होगा निर्माण
धामपुर। तहसील क्षेत्र में अब तक केवल नौ गोशालाएं संचालित हैं। आठ और नई गोशालाओं के निर्माण का काम विकास विभाग और पालिकाओं की ओर से कराया जा रहा है। उम्मीद है कि 31 मई तक सभी गोशालाएं काम करना शुरू कर देंगी। इन सभी 17 गोशालाओं में करीब पांच हजार गोवंशीय पशुओं को आश्रय मिल सकेगा। प्रशासन की ओर से तहसील क्षेत्र में करीब दो हजार क्विंटल भूसे को दान के रूप में एकत्रित करने का लक्ष्य है।
एसडीएम विजय वर्धन तोमर ने रविवार को बताया कि चरागाह की जमीनों को खाली करा उनमें गोशालाओं का निर्माण व चारे की बुवाई कराई जा रही है। डीएम के भी इस मामले में अधिकारियों को सख्त आदेेेश हैं। धामपुर तहसील क्षेत्र में अब तक केवल नौ गोशालाएं थीं। जो बढ़ कर अब 17 हो जाएंगी। आठ नई और गोशालाओं का निर्माण तेजी हो रहा है। देहात में विकास विभाग और नगरों में पालिका की ओर से निर्माण हो रहा है। जब यह सभी गोशालाएं बन कर तैयार हो जाएंगी तो इनमें करीब पांच हजार गोवंशीय पशुओं को आश्रय मिलेगा।
मई माह के अंत तक प्रशासन को तहसील क्षेत्र में करीब दो हजार क्विंटल भूसा लोगों के सहयोग से दान के रूप में एकत्र करना है। अधिकारियों की ओर से सभी सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों, प्रधानों, जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रपंचायत सदस्यों, गोरक्षकों, गो सेवकों से इस बाबत भूसे की अपील की जा रही है। बताया गया कि अभी तक क्षेत्र में करीब दो सौ क्विंटल भूसा ही एकत्र हो सका है। धामपुर ब्लॉक की स्थिति भूसा एकत्र करने में बदहाल है। नहटौर ब्लॉक में करीब 65 क्विंटल भूसा एकत्र हो पाया है।
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भूसा दान करना किसानों के लिए मुश्किल
किसान राजेंद्र सिंह, महावीर सिंह, भारत सिंह, भूदेव सिंह, महेंद सिंह का कहना है कि इस बार भूसे का रेट खुले बाजार में 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक है। भूसा व्यापारियों ने भूसे का मुनाफा कमाने के लिए पहले से ही गोदामों में स्टॉक कर लिया है। किसानों ने अपने पास केवल पालतू पशुओं के हिसाब से भूसा रोका है। बाकी बेच दिया है, ऐसे में भूसा दान करना किसानों के लिए मुश्किल है। यदि वे भूसा दान देते हैं तो उसने सामने मुसीबत हो जाएगी।
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धामपुर। तहसील क्षेत्र में अब तक केवल नौ गोशालाएं संचालित हैं। आठ और नई गोशालाओं के निर्माण का काम विकास विभाग और पालिकाओं की ओर से कराया जा रहा है। उम्मीद है कि 31 मई तक सभी गोशालाएं काम करना शुरू कर देंगी। इन सभी 17 गोशालाओं में करीब पांच हजार गोवंशीय पशुओं को आश्रय मिल सकेगा। प्रशासन की ओर से तहसील क्षेत्र में करीब दो हजार क्विंटल भूसे को दान के रूप में एकत्रित करने का लक्ष्य है।
एसडीएम विजय वर्धन तोमर ने रविवार को बताया कि चरागाह की जमीनों को खाली करा उनमें गोशालाओं का निर्माण व चारे की बुवाई कराई जा रही है। डीएम के भी इस मामले में अधिकारियों को सख्त आदेेेश हैं। धामपुर तहसील क्षेत्र में अब तक केवल नौ गोशालाएं थीं। जो बढ़ कर अब 17 हो जाएंगी। आठ नई और गोशालाओं का निर्माण तेजी हो रहा है। देहात में विकास विभाग और नगरों में पालिका की ओर से निर्माण हो रहा है। जब यह सभी गोशालाएं बन कर तैयार हो जाएंगी तो इनमें करीब पांच हजार गोवंशीय पशुओं को आश्रय मिलेगा।
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मई माह के अंत तक प्रशासन को तहसील क्षेत्र में करीब दो हजार क्विंटल भूसा लोगों के सहयोग से दान के रूप में एकत्र करना है। अधिकारियों की ओर से सभी सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों, प्रधानों, जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रपंचायत सदस्यों, गोरक्षकों, गो सेवकों से इस बाबत भूसे की अपील की जा रही है। बताया गया कि अभी तक क्षेत्र में करीब दो सौ क्विंटल भूसा ही एकत्र हो सका है। धामपुर ब्लॉक की स्थिति भूसा एकत्र करने में बदहाल है। नहटौर ब्लॉक में करीब 65 क्विंटल भूसा एकत्र हो पाया है।
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भूसा दान करना किसानों के लिए मुश्किल
किसान राजेंद्र सिंह, महावीर सिंह, भारत सिंह, भूदेव सिंह, महेंद सिंह का कहना है कि इस बार भूसे का रेट खुले बाजार में 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक है। भूसा व्यापारियों ने भूसे का मुनाफा कमाने के लिए पहले से ही गोदामों में स्टॉक कर लिया है। किसानों ने अपने पास केवल पालतू पशुओं के हिसाब से भूसा रोका है। बाकी बेच दिया है, ऐसे में भूसा दान करना किसानों के लिए मुश्किल है। यदि वे भूसा दान देते हैं तो उसने सामने मुसीबत हो जाएगी।