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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान कर पुण्य कमाया
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 14 Nov 2016 11:51 PM IST
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बिजनौर में विदुर कुटी गंगा घाट पर स्नान के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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विदुरकुटी में गंगा तट पर कार्तिक पूर्णिमा के मेले में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य लाभ कमाया। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच आधी रात से ही गंगा तट पर हर हर गंगे की गूंज सुनाई देती रही। मेले में रात 12 बजे के बाद से श्रद्धालु स्नान करने पहुंचने लगे। सोमवार शाम श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाते रहे।
इस बार मेले का क्षेत्रफल बड़ा होने का कारण श्रद्धालुओं को अधिक परेशानी नहीं हुई। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया। पैदल और अपने वाहनों से श्रद्धालुओं का आवागमन रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की और खिचड़ी खाई। मेले में खिचड़ी खाने का धार्मिक महत्व माना जाता है। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मेले में जमकर खरीदारी की। मेले में सोमवार को युवाओं ने दिन भर कई खेलों का आनंद लिया। जिला पंचायत के अफसरों के मुताबिक जितना अच्छा मेला इस बार विदुरकुटी तट पर लगा। ऐसा पिछले 20 सालों में नहीं लगा है। गंगा बैराज पर भी बड़े मेले का आयोजन हुआ।
सुबह से ही श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंचने लगे थे। विदुर कुटी मेले में जहां देहात के श्रद्धालु ज्यादा तादाद में थे। वहीं शहरी क्षेत्र के श्रद्धालुओं की संख्या बैराज घाट पर ज्यादा थी। मेले की वजह से बैराज मार्ग पर कई बार जाम के हालात बने रहे।
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पुलिस को जाम खुलवाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। बालावाली गंगा तट पर मेले में भी काफी संख्या में श्रद्धालु रहे। सुबह से गंगा तट पर श्रद्धालु डूबकी लगाने के लिए पहुंचने शुरू हो गए थे। शाम तक यह सिलसिला चलता रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं के लौटते ही तटों पर सफाई का काम शुरू करा दिया गया। वहीं विदुरकुटी व बैराज पर लगे गंगा मेले में छोटे बच्चों के खूब मुंडन कराए गए। बैंड बाजों के साथ लोग अपने बच्चों का मुंडन कराने आए। दिनभर बच्चों के मुंडन कराने का सिलसिला चलता रहा।
मेले में लगाया वेद प्रचार शिविर
बिजनौर में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वावधान में गंगा स्नान मेला विदुर कुटी में वेद प्रचार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर दस नवंबर से शुरू होकर 14 को संपन्न हुआ। शिविर में सभाओं का आयोजन भी किया जाएगा।
वेद प्रचार शिविर में 11 नवंबर को हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस मौके पर चंद्रपाल सिंह, तेजपाल सिंह यजमान रहे। इस दौरान हुई सभा में मुख्य अतिथि पूर्व राज्यमंत्री स्वामी ओमवेश, ओमपाल नेहरा, रावेंद्र सिंह एसके वर्मा, जितेंद्र वैस, रूद्रपाल व स्वामी सत्यानंद रहे। कार्यक्रम में आर्य सभा की ओर से तेजपाल सिंह, कल्याण सिंह आदि रहे।
गंगा का तट बन गया धर्म नगरी
नांगलसोती/नजीबाबाद(ब्यूरो)। कार्तिक पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुुओं ने नांगल गंगाघाट पर डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त किया। उधर, रोडवेज पर भारी भीड़ के चलते डग्गामार वाहनों ने श्रद्धालुओं से 20 से 40 रुपये अतिरिक्त किराया वसूला। गंगा स्नान पर्व पर नांगलसोती गंगा घाट पर रविवार की देर शाम से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का काफिला ट्रैक्टर ट्रॉली, बुग्गियों से पहुंचने शुरू हो गया था। गंगाघाट पर आयोजित गंगा मेला समिति संयोजक राजीव गोयल के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के ठहरने और महिलाओं के स्नान की विशेष व्यवस्था की गई थी। आरबीएस इंटर, शांतिकुंज, भाकियू, स्वास्थ्य विभाग की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर लगाए गए। गंगा स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं ने अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराया। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर खिचड़ी का भोग लगाकर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। ग्रामप्रधान मीनाक्षी गोयल, मेला इंचार्ज जगराम सैनी, वीरेंद्र शर्मा, राजवीर सिंह ,सुशील शुक्ला, विनोद शर्मा, अश्वनी, रामपाल सिंह, परमेश अग्रवाल आदि का सहयोग रहा। उधर, रेल और रोडवेज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार के लिए रवाना हुए। रोडवेज बसों पर भारी भीड़ का फायदा डग्गामार वाहनों ने उठाया।
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इस बार मेले का क्षेत्रफल बड़ा होने का कारण श्रद्धालुओं को अधिक परेशानी नहीं हुई। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया। पैदल और अपने वाहनों से श्रद्धालुओं का आवागमन रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की और खिचड़ी खाई। मेले में खिचड़ी खाने का धार्मिक महत्व माना जाता है। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मेले में जमकर खरीदारी की। मेले में सोमवार को युवाओं ने दिन भर कई खेलों का आनंद लिया। जिला पंचायत के अफसरों के मुताबिक जितना अच्छा मेला इस बार विदुरकुटी तट पर लगा। ऐसा पिछले 20 सालों में नहीं लगा है। गंगा बैराज पर भी बड़े मेले का आयोजन हुआ।
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सुबह से ही श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंचने लगे थे। विदुर कुटी मेले में जहां देहात के श्रद्धालु ज्यादा तादाद में थे। वहीं शहरी क्षेत्र के श्रद्धालुओं की संख्या बैराज घाट पर ज्यादा थी। मेले की वजह से बैराज मार्ग पर कई बार जाम के हालात बने रहे।
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पुलिस को जाम खुलवाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। बालावाली गंगा तट पर मेले में भी काफी संख्या में श्रद्धालु रहे। सुबह से गंगा तट पर श्रद्धालु डूबकी लगाने के लिए पहुंचने शुरू हो गए थे। शाम तक यह सिलसिला चलता रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं के लौटते ही तटों पर सफाई का काम शुरू करा दिया गया। वहीं विदुरकुटी व बैराज पर लगे गंगा मेले में छोटे बच्चों के खूब मुंडन कराए गए। बैंड बाजों के साथ लोग अपने बच्चों का मुंडन कराने आए। दिनभर बच्चों के मुंडन कराने का सिलसिला चलता रहा।
मेले में लगाया वेद प्रचार शिविर
बिजनौर में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के तत्वावधान में गंगा स्नान मेला विदुर कुटी में वेद प्रचार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर दस नवंबर से शुरू होकर 14 को संपन्न हुआ। शिविर में सभाओं का आयोजन भी किया जाएगा।
वेद प्रचार शिविर में 11 नवंबर को हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस मौके पर चंद्रपाल सिंह, तेजपाल सिंह यजमान रहे। इस दौरान हुई सभा में मुख्य अतिथि पूर्व राज्यमंत्री स्वामी ओमवेश, ओमपाल नेहरा, रावेंद्र सिंह एसके वर्मा, जितेंद्र वैस, रूद्रपाल व स्वामी सत्यानंद रहे। कार्यक्रम में आर्य सभा की ओर से तेजपाल सिंह, कल्याण सिंह आदि रहे।
गंगा का तट बन गया धर्म नगरी
नांगलसोती/नजीबाबाद(ब्यूरो)। कार्तिक पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुुओं ने नांगल गंगाघाट पर डुबकी लगाकर पुण्य प्राप्त किया। उधर, रोडवेज पर भारी भीड़ के चलते डग्गामार वाहनों ने श्रद्धालुओं से 20 से 40 रुपये अतिरिक्त किराया वसूला। गंगा स्नान पर्व पर नांगलसोती गंगा घाट पर रविवार की देर शाम से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का काफिला ट्रैक्टर ट्रॉली, बुग्गियों से पहुंचने शुरू हो गया था। गंगाघाट पर आयोजित गंगा मेला समिति संयोजक राजीव गोयल के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के ठहरने और महिलाओं के स्नान की विशेष व्यवस्था की गई थी। आरबीएस इंटर, शांतिकुंज, भाकियू, स्वास्थ्य विभाग की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर लगाए गए। गंगा स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं ने अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराया। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर खिचड़ी का भोग लगाकर परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। ग्रामप्रधान मीनाक्षी गोयल, मेला इंचार्ज जगराम सैनी, वीरेंद्र शर्मा, राजवीर सिंह ,सुशील शुक्ला, विनोद शर्मा, अश्वनी, रामपाल सिंह, परमेश अग्रवाल आदि का सहयोग रहा। उधर, रेल और रोडवेज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार के लिए रवाना हुए। रोडवेज बसों पर भारी भीड़ का फायदा डग्गामार वाहनों ने उठाया।