{"_id":"61df257398cb4e7b7c76d5ba","slug":"dushyant-museum-s-first-3d-map-ready-bijnor-news-mrt5732015130","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्यंत संग्रहालय का पहला थ्री डी नक्शा तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्यंत संग्रहालय का पहला थ्री डी नक्शा तैयार
विज्ञापन
गजलकार दुष्यंत कुमार के गांव राजपुर नवादा में बनने वाले संग्राहलय थ्री डी नक्शा।
- फोटो : BIJNOR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुष्यंत संग्रहालय का पहला थ्री डी नक्शा तैयार
रजनीश त्यागी
बिजनौर। फिर धीरे-धीरे यहां का मौसम बदलने लगा है, वातावरण सो रहा था अब आंख मलने लगा है। पिछले सफर की न पूछो, टूटा हुआ एक रथ है, जो रुक गया था कहीं पर, फिर साथ चलने लगा है...। हिंदी गजल सम्राट कहे जाने वाले दुष्यंत कुमार की यह लाइनें उनके पैतृक गांव में बनने वाले संग्रहालय बनने के सफर पर सटीक बैठती नजर आ रही है। सालों से घोषणाओं और वादों में उलझे संग्रहालय को बनाने की मुहिम अब रंग लगाने लगी है। अब वादों और घोषणाओं से निकलकर कागजों पर संग्रहालय का काम दिखने लगा है। संग्रहालय का पहला थ्री-डी नक्शा तैयार कर लिया गया है। डीएम उमेश मिश्रा ने यह नक्शा तैयार कराया है, जिस पर मंथन और सुधार चल रहा है। नक्शा देखें तो संग्रहालय भव्य तरीके से बनाने की तैयारी है।
जिले के गांव राजपुर नवादा में हिंदी गजल कार दुष्यंत कुमार की हवेली खंडहर में तब्दील हो चुकी थी। दुनिया भर में हिंदी गजल को लेकर नाम कमाने वाले दुष्यंत कुमार त्यागी अपने ही जिले में भूला दिए गए थे। कई बार नेताओं और अफसरों ने वादे किए, घोषणाएं कीं, लेकिन इससे आगे कुछ न हो सका। हिंदी दिवस के मौके पर अमर उजाला के हिंदी हैं हम अभियान में यह मुद्दा जोर-शोर से उठा। इसके बाद डीएम बिजनौर उमेश मिश्रा ने संग्रहालय बनाने की दिशा में प्रयास शुरू किए।
वहीं एमएलसी अश्वनी त्यागी ने भी केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल से भी दुष्यंत कुमार के नाम पर बनने वाले संग्रहालय के लिए मदद मांगी, जिस पर वह राजी हो गए। प्रशासन की तैयारी के बीच मध्य प्रदेश से दुष्यंत कुमार त्यागी के बेटे आलोक त्यागी अपने भाई के साथ पिछले माह बिजनौर आए। उन्होंने डीएम उमेश मिश्रा से मुलाकात करते हुए अपनी पैतृक हवेली जिला प्रशासन के हवाले कर दी इसके बाद उनके पैतृक गांव राजपुर नवादा में संग्रहालय बनाने की कवायद शुरू हुई। फिलहाल खंडहर हो चुकी हवेली की जगह संग्रहालय बनाने को थ्री डी नक्शा तैयार किया गया है। इस नक्शे के मुताबिक यहां पर ऑडिटोरियम, पुस्तकालय बनाने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा इसे दुष्यंत कुमार की गजलों की थीम के हिसाब से ही सजाए जाने की योजना बन रही है। वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर लाइट आदि व्यवस्था भी होने की उम्मीद है। इस नक्शे में कुछ बदलाव और सुधार होने की संभावना भी है। (संवाद)
विज्ञापन
वर्जन
- हम गजलकार दुष्यंत कुमार के नाम पर संग्राहलय बनाने की तैयारी तेजी से कर रहे हैं। पहला थ्री-डी नक्शा हमारे पास आया है। इस पर मंथल चल रहा है। जल्द ही इसे फाइनल कर लिया जाएगा।
उमेश मिश्रा, डीएम, बिजनौर
विज्ञापन
रजनीश त्यागी
बिजनौर। फिर धीरे-धीरे यहां का मौसम बदलने लगा है, वातावरण सो रहा था अब आंख मलने लगा है। पिछले सफर की न पूछो, टूटा हुआ एक रथ है, जो रुक गया था कहीं पर, फिर साथ चलने लगा है...। हिंदी गजल सम्राट कहे जाने वाले दुष्यंत कुमार की यह लाइनें उनके पैतृक गांव में बनने वाले संग्रहालय बनने के सफर पर सटीक बैठती नजर आ रही है। सालों से घोषणाओं और वादों में उलझे संग्रहालय को बनाने की मुहिम अब रंग लगाने लगी है। अब वादों और घोषणाओं से निकलकर कागजों पर संग्रहालय का काम दिखने लगा है। संग्रहालय का पहला थ्री-डी नक्शा तैयार कर लिया गया है। डीएम उमेश मिश्रा ने यह नक्शा तैयार कराया है, जिस पर मंथन और सुधार चल रहा है। नक्शा देखें तो संग्रहालय भव्य तरीके से बनाने की तैयारी है।
जिले के गांव राजपुर नवादा में हिंदी गजल कार दुष्यंत कुमार की हवेली खंडहर में तब्दील हो चुकी थी। दुनिया भर में हिंदी गजल को लेकर नाम कमाने वाले दुष्यंत कुमार त्यागी अपने ही जिले में भूला दिए गए थे। कई बार नेताओं और अफसरों ने वादे किए, घोषणाएं कीं, लेकिन इससे आगे कुछ न हो सका। हिंदी दिवस के मौके पर अमर उजाला के हिंदी हैं हम अभियान में यह मुद्दा जोर-शोर से उठा। इसके बाद डीएम बिजनौर उमेश मिश्रा ने संग्रहालय बनाने की दिशा में प्रयास शुरू किए।
विज्ञापन
वहीं एमएलसी अश्वनी त्यागी ने भी केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल से भी दुष्यंत कुमार के नाम पर बनने वाले संग्रहालय के लिए मदद मांगी, जिस पर वह राजी हो गए। प्रशासन की तैयारी के बीच मध्य प्रदेश से दुष्यंत कुमार त्यागी के बेटे आलोक त्यागी अपने भाई के साथ पिछले माह बिजनौर आए। उन्होंने डीएम उमेश मिश्रा से मुलाकात करते हुए अपनी पैतृक हवेली जिला प्रशासन के हवाले कर दी इसके बाद उनके पैतृक गांव राजपुर नवादा में संग्रहालय बनाने की कवायद शुरू हुई। फिलहाल खंडहर हो चुकी हवेली की जगह संग्रहालय बनाने को थ्री डी नक्शा तैयार किया गया है। इस नक्शे के मुताबिक यहां पर ऑडिटोरियम, पुस्तकालय बनाने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा इसे दुष्यंत कुमार की गजलों की थीम के हिसाब से ही सजाए जाने की योजना बन रही है। वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर लाइट आदि व्यवस्था भी होने की उम्मीद है। इस नक्शे में कुछ बदलाव और सुधार होने की संभावना भी है। (संवाद)
विज्ञापन
वर्जन
- हम गजलकार दुष्यंत कुमार के नाम पर संग्राहलय बनाने की तैयारी तेजी से कर रहे हैं। पहला थ्री-डी नक्शा हमारे पास आया है। इस पर मंथल चल रहा है। जल्द ही इसे फाइनल कर लिया जाएगा।
उमेश मिश्रा, डीएम, बिजनौर

गजलकार दुष्यंत कुमार के गांव राजपुर नवादा में बनने वाले संग्राहलय थ्री डी नक्शा।- फोटो : BIJNOR

गजलकार दुष्यंत कुमार के गांव राजपुर नवादा में बनने वाले संग्राहलय थ्री डी नक्शा।- फोटो : BIJNOR