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जलाएं नहीं गौवंश के लिए पराली दान करें किसान

Fri, 09 Oct 2020 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2020 12:03 AM IST
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Do not burn, donate stubble for the cow
जलाएं नहीं, गोवंश के लिए पराली दान करें
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बिजनौर। खेत में पराली जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग किसानों को जागरूक करेगा। किसानों को पराली गोशालाओं को दान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पिछले साल भी किसानों से गोशालाओं को पराली जलाने से रोक कर गोशालाओं को दान कराई गई थी। गन्ना पेराई सत्र शुरू होने पर किसानों को गन्ने की पत्ती गोशालाओं को दान कराई जाएगी।
जिले में डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन में धान की फसल है। जिले के काफी किसान ऐसे हैं जो बहुत बड़े रकबे में धान की फसल बोते हैं। काफी जमीन में कंबाइन मशीन से धान की कटाई होती है। पहले किसान मशीन से ऊपर से ही दाना कटवा देते थे और बाकी अवशेष को जला देते थे, लेकिन अब धान की फसल काटने वाली मशीन में बदलाव किया गया है। मशीन धान की फसल काटने के बाद बाकी फसल का भूसा बना दिया जाता है।
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बड़े किसानों को अब कृषि विभाग पराली दान करने के लिए जागरूक कर रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा खोली गई गोशालाओं में इस समय काफी गोवंश बंधे हैं। इनके लिए चारे की व्यवस्था नगर पालिका, पंचायत आदि विभागों से कराई जाती है। जिले में पिछले साल कृषि विभाग ने किसानों से गोशालाओं में पराली दान कराई थी।
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बिजनौर के मोहल्ला राम बाग घेर निवासी मुकेश कुमार की पराली पिछले साल बिकी नहीं थी। पराली न बिकने पर भी मुकेश ने पराली जलाई नहीं थी। उन्होंने अपने खुद के खर्चे पर ट्रैक्टर ट्राली किराये पर करकर पराली चिड़ियापुर की एक गोशाला में भिजवाई थी। गोशालाओं को पराली दान देने वाले किसानों को पिछले साल प्रशासन ने सम्मानित भी किया था।
दस हजार हेक्टेयर फसल कटती है मशीन से
जिले में धान का रकबा अधिक होने से कंबाइन मशीन से पराली कटवाई जाती है। अनुमान के अनुसार जिले में करीब दस हजार हेक्टेयर धान की कटाई कंबाइन मशीन से होती है। जिले में सात कंबाइन मशीन पंजीकृत हैं। बाकी जिलों से भी कंबाइन मशीन आई हैं।

चारा और खाद है पराली
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार किसानों को पराली जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पराली चारे और खाद दोनों के रूप में इस्तेमाल होती है। सभी फसल अवशेष खाद तो बन ही सकते हैं। किसान किसी भी फसल अवशेष को न जलाएं। फसल अवशेष को खेतों में जोतकर खाद बनाएं।
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