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अग्निपथ : बागियों की निगहबानी के बीच निशाने पर आए कोचिंग सेंटर
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अग्निपथ : बागियों की निगहबानी के बीच निशाने पर आए कोचिंग सेंटर
स्योहारा। अग्निपथ पर मचे बवाल के बीच बागियों की निगहबानी पर अफसरों की निगाह गड़ी है। निशाने पर सबसे पहले कोचिंग सेंटर आए हैं। सेंटर संचालकों पर युवाओं को बरगलाने का आरोप लग रहा है। हरकत में आए अफसर इसको लेकर पूरा ब्योरा जुटा रहे हैं। अग्निपथ की हर बाधा को पार कर युवाओं को अग्निवीर बनाने की चुनौती को पार करना ही अफसर इस वक्त की अपनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी मान रहे हैं। अग्निपथ के विरोध के बीच स्योहारा पुलिस अलर्ट है।
नगर व आसपास क्षेत्र में संचालित कोचिंग सेंटरों का पूरा ब्योरा जुटाने की कवायद शुरू की गई है। सेना, पुलिस व अन्य प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले निजी संस्थानों की खास निगरानी की जा रही है। आशंका है कि अग्निपथ के विरोध की जो आग देशभर में धधक रही है, उसको हवा इन्हीं कोचिंग सेंटर से दी जा रही है। कोचिंग के लिए पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को सेंटर संचालक योजना के खिलाफ भड़का रहे हैं। क्षेत्र में संचालित ऐसे करीब छह कोचिंग सेंटरों पर तैनात शिक्षकों के साथ ही वहां तैयारी करने के लिए पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं की सटीक संख्या का आकलन फिलहाल किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दंगे और बवाल की आग में अपना भविष्य चौपट करने की कगार पर खड़े शिक्षित युवाओं के बहके कदमों को रोकना अभी पुलिस की पहली जिम्मेदारी है। अग्निपथ के रास्ते युवाओं को अग्निवीर बनने के लिए प्रेरित करने को लेकर हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
अग्निपथ योजना के विरोध के पीछे कोचिंग सेंटर संचालकों का निज स्वार्थ भी छुपा है। विशेषज्ञों का कहना है कि योजना के सुचारु क्रियान्वयन के बाद युवाओं को आसानी से नौकरी मिल सकेगी। कोचिंग के नाम पर होने वाला बेवजह का खर्च बच सकेगा क्योंकि ट्रेनिंग खुद सरकार देगी। ऐसे में धंधे में गिरावट की आशंका के बीच कोचिंग सेंटर अग्निपथ के विरोध को लेकर हर जतन कर रहे हैं।
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अग्निपथ योजना युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर विकल्प है। कुछ कोचिंग सेंटरों में युवाओं को इसके विरोध में बरगलाने की बात कही जा रही है। ऐसे में अराजक तत्वों की इस बाधा को पार कर युवाओं को अग्निवीर बनाना पुलिस की पहली प्राथमिकता है।
- आशीष कुमार तोमर, थानाध्यक्ष
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स्योहारा। अग्निपथ पर मचे बवाल के बीच बागियों की निगहबानी पर अफसरों की निगाह गड़ी है। निशाने पर सबसे पहले कोचिंग सेंटर आए हैं। सेंटर संचालकों पर युवाओं को बरगलाने का आरोप लग रहा है। हरकत में आए अफसर इसको लेकर पूरा ब्योरा जुटा रहे हैं। अग्निपथ की हर बाधा को पार कर युवाओं को अग्निवीर बनाने की चुनौती को पार करना ही अफसर इस वक्त की अपनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी मान रहे हैं। अग्निपथ के विरोध के बीच स्योहारा पुलिस अलर्ट है।
नगर व आसपास क्षेत्र में संचालित कोचिंग सेंटरों का पूरा ब्योरा जुटाने की कवायद शुरू की गई है। सेना, पुलिस व अन्य प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले निजी संस्थानों की खास निगरानी की जा रही है। आशंका है कि अग्निपथ के विरोध की जो आग देशभर में धधक रही है, उसको हवा इन्हीं कोचिंग सेंटर से दी जा रही है। कोचिंग के लिए पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को सेंटर संचालक योजना के खिलाफ भड़का रहे हैं। क्षेत्र में संचालित ऐसे करीब छह कोचिंग सेंटरों पर तैनात शिक्षकों के साथ ही वहां तैयारी करने के लिए पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं की सटीक संख्या का आकलन फिलहाल किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दंगे और बवाल की आग में अपना भविष्य चौपट करने की कगार पर खड़े शिक्षित युवाओं के बहके कदमों को रोकना अभी पुलिस की पहली जिम्मेदारी है। अग्निपथ के रास्ते युवाओं को अग्निवीर बनने के लिए प्रेरित करने को लेकर हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
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अग्निपथ योजना के विरोध के पीछे कोचिंग सेंटर संचालकों का निज स्वार्थ भी छुपा है। विशेषज्ञों का कहना है कि योजना के सुचारु क्रियान्वयन के बाद युवाओं को आसानी से नौकरी मिल सकेगी। कोचिंग के नाम पर होने वाला बेवजह का खर्च बच सकेगा क्योंकि ट्रेनिंग खुद सरकार देगी। ऐसे में धंधे में गिरावट की आशंका के बीच कोचिंग सेंटर अग्निपथ के विरोध को लेकर हर जतन कर रहे हैं।
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अग्निपथ योजना युवाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर विकल्प है। कुछ कोचिंग सेंटरों में युवाओं को इसके विरोध में बरगलाने की बात कही जा रही है। ऐसे में अराजक तत्वों की इस बाधा को पार कर युवाओं को अग्निवीर बनाना पुलिस की पहली प्राथमिकता है।
- आशीष कुमार तोमर, थानाध्यक्ष