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पंचायत चुनाव तारीख की तस्वीर साफ होते ही चौपालों पर चर्चा हुई शुरू
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पंचायत चुनाव की चौपालों पर चर्चा हुई शुरू
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। अब पंचायत चुनाव समय से होने की आस जगी है। इसी के साथ गांवों की चौपालों पर पंचायत चुनावों की चर्चा शुरू हो गई है। दावेदार भी सक्रिय होने लगे हैं। समर्थकों के साथ लोगों से मिलना जुलना शुरू कर दिया है।
भाकियू का किसान कानूनों को लेकर करीब 75 दिन से आंदोलन चल रहा है। परंतु पंचायत चुनाव कराने को लेकर आए हाईकोर्ट के फैसले के बाद गांव की राजनीति भी गरमाने लगी है। लोगों ने पंचायत चुनाव को लेकर चौपालों पर बैठकर बात करनी शुरू कर दी है। जिले में पंचायत का आंशिक परिसीमन पूरा हो गया है। अब जिले में 1128 ग्राम पंचायतों की जगह 1123 ग्राम पंचायत रह गई हैं। ग्राम सदस्य, बीडीसी तथा जिला पंचायत वार्ड की संख्या कम हुई है। अब लोगों को आरक्षण नीति का इंतजार है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश मिलते ही अगली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
त्रिस्तरीय चुनाव के दावेदार करीब एक साल से चुनावी बिसात बिछाने में लगे हैं। परिसीमन के बाद सक्रियता आ गई थी। परंतु चुनाव की तारीखों को लेकर असमंजस बना था। दावेदारों में कोर्ट के फैसले से समय से चुनाव होने की उम्मीद जगी है। जिला पंचायत चुनाव दफ्तर में दावेदार मतदाता सूचियों की जानकारी लेने आने लगे हैं। पूर्व प्रधान चौधरी बलराम सिंह ने बताया कि दावेदार ग्रामीणों के पास आने जाने लगे हैं।
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बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। अब पंचायत चुनाव समय से होने की आस जगी है। इसी के साथ गांवों की चौपालों पर पंचायत चुनावों की चर्चा शुरू हो गई है। दावेदार भी सक्रिय होने लगे हैं। समर्थकों के साथ लोगों से मिलना जुलना शुरू कर दिया है।
भाकियू का किसान कानूनों को लेकर करीब 75 दिन से आंदोलन चल रहा है। परंतु पंचायत चुनाव कराने को लेकर आए हाईकोर्ट के फैसले के बाद गांव की राजनीति भी गरमाने लगी है। लोगों ने पंचायत चुनाव को लेकर चौपालों पर बैठकर बात करनी शुरू कर दी है। जिले में पंचायत का आंशिक परिसीमन पूरा हो गया है। अब जिले में 1128 ग्राम पंचायतों की जगह 1123 ग्राम पंचायत रह गई हैं। ग्राम सदस्य, बीडीसी तथा जिला पंचायत वार्ड की संख्या कम हुई है। अब लोगों को आरक्षण नीति का इंतजार है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश मिलते ही अगली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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त्रिस्तरीय चुनाव के दावेदार करीब एक साल से चुनावी बिसात बिछाने में लगे हैं। परिसीमन के बाद सक्रियता आ गई थी। परंतु चुनाव की तारीखों को लेकर असमंजस बना था। दावेदारों में कोर्ट के फैसले से समय से चुनाव होने की उम्मीद जगी है। जिला पंचायत चुनाव दफ्तर में दावेदार मतदाता सूचियों की जानकारी लेने आने लगे हैं। पूर्व प्रधान चौधरी बलराम सिंह ने बताया कि दावेदार ग्रामीणों के पास आने जाने लगे हैं।
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