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Bijnor News: जर्जर भवन कराया ध्वस्त, खुले आसमान में पढ़ रहे नौनिहाल
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नजीबाबाद-गांव गुनियापुर में भवन ध्वस्त होने के बाद खुले आसमान में बैठे बच्चे। संवाद
नजीबाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग ने गांव गुनियापुर में प्राथमिक विद्यालय के घोषित जर्जर को ध्वस्त करा दिया लेकिन नया भवन नहीं बन सका। स्कूल खुलने के बाद बच्चे खुले आसमान में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।
हरिद्वार-काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तहसील क्षेत्र का हाईवे गांव गुनियापुर का प्राथमिक विद्यालय स्थित है। एक माह पहले घोषित जर्जर भवन को बेसिक शिक्षा विभाग ने ध्वस्त करा दिया। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भवन बनने के आस लगाए बैठक बच्चे व अभिभावकों को उस समय धक्का लगा, जब बच्चे स्कूल खुलने पर खुले आसमान में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। जुलाई माह में मानसून बरसात से अभिभावकों के बच्चों के भीगकर बीमार होने की चिंता सताने लगी है। हालांकि व्यवस्था के तौर पर शिक्षकों ने तिरपाल के नीचे बैठाकर बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया है।
ग्राम प्रधान रविंद्र सिंह सहरावत ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी किरतपुर ने जुलाई तक भवन तैयार होने की बात कही थी। अब शिक्षा विभाग बजट न होने का बहाना बनाकर टालमटोल कर रहा है। बरसात में हालात और खराब होंगे, हाइवे ऊंचा होने से स्कूल से पानी की निकासी नहीं हो पाती और परिसर में जलभराव हो जाता है। वहीं विभाग की उदासीनता से नाराज अभिभावकों ने अपने बच्चों को अन्य स्कूल में प्रवेश दिलाने का मन बनाया है।
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उधर किरतपुर के खंड शिक्षा अधिकारी सूर्यकांत गिरि ने बताया कि पहले जर्जर भवन ध्वस्त कराकर उसका मलबा हटवाया जाएगा। बजट आने पर उसी जगह नए भवन बनवाया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जर्जर भवन को ध्वस्त कराया है।
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हरिद्वार-काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तहसील क्षेत्र का हाईवे गांव गुनियापुर का प्राथमिक विद्यालय स्थित है। एक माह पहले घोषित जर्जर भवन को बेसिक शिक्षा विभाग ने ध्वस्त करा दिया। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भवन बनने के आस लगाए बैठक बच्चे व अभिभावकों को उस समय धक्का लगा, जब बच्चे स्कूल खुलने पर खुले आसमान में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। जुलाई माह में मानसून बरसात से अभिभावकों के बच्चों के भीगकर बीमार होने की चिंता सताने लगी है। हालांकि व्यवस्था के तौर पर शिक्षकों ने तिरपाल के नीचे बैठाकर बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया है।
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ग्राम प्रधान रविंद्र सिंह सहरावत ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी किरतपुर ने जुलाई तक भवन तैयार होने की बात कही थी। अब शिक्षा विभाग बजट न होने का बहाना बनाकर टालमटोल कर रहा है। बरसात में हालात और खराब होंगे, हाइवे ऊंचा होने से स्कूल से पानी की निकासी नहीं हो पाती और परिसर में जलभराव हो जाता है। वहीं विभाग की उदासीनता से नाराज अभिभावकों ने अपने बच्चों को अन्य स्कूल में प्रवेश दिलाने का मन बनाया है।
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उधर किरतपुर के खंड शिक्षा अधिकारी सूर्यकांत गिरि ने बताया कि पहले जर्जर भवन ध्वस्त कराकर उसका मलबा हटवाया जाएगा। बजट आने पर उसी जगह नए भवन बनवाया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जर्जर भवन को ध्वस्त कराया है।