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ढैंचा से बढे़गी जमीन की उपजाऊ क्षमता

Sun, 08 May 2022 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 11:42 PM IST
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Dhaincha will increase the fertile capacity of the land
ढैंचा से बढे़गी जमीन की उपजाऊ क्षमता
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धामपुर। किसानों को धान का अधिक उत्पादन लेना है तो उन्हें रोपाई से पहले खेतों में जैविक खाद के रूप में ढैंचे की बुवाई जरूर करनी चाहिए। ढैंचे के पौधों की जड़ में पर्याप्त नाइट्रोजन होती है, जो जमीन की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाने में सहायक होती है। कृषि विभाग की ओर से इन दिनों ढैंचे के बीज को 50 प्रतिशत के अनुदान पर किसानों को दिया जा रहा है।

प्रभारी उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी डॉ. विकास कुमार ने बताया कि सरकारी बीज भंडारों पर पर्याप्त बीज उपलब्ध है। जून माह के प्रथम सप्ताह से धान की रोपाई शुरू हो जाती है। 15 मई के बाद किसान धान की नर्सरी की बुवाई शुरू कर देते हैं। किसान इस अंतराल में धान की उम्दा उपज लेने को खेतों में हरी खाद के रूप में ढैंचे की बुवाई कर देते हैं। 15 से 20 दिन की फसल होने पर उसकी रोटावेटर से जुताई कर खेत में पानी छोड़ देते हैं। जिससे ढैंचे की फसल के छोटे टुकडों के होने और खेत में पानी भरा होने से बहुत फायदा मिलता है। किसानों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे जिन खेतों में धान की रोपाई करना चाहते हैं, उनमें ढैंचे की बुवाई जरूर करें। एक बीघा जमीन में बुवाई के लिए केवल चार किलो बीज का प्रयोग किया जाता है।
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