{"_id":"5eefa1a18ebc3e42b2400a09","slug":"devotees-of-bhole-will-not-see-the-streets-in-savan-bijnor-news-mrt4875375140","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन में भोले के भक्तों की सड़कों पर नहीं दिखेगी रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन में भोले के भक्तों की सड़कों पर नहीं दिखेगी रौनक
विज्ञापन
सावन में भोले के भक्तों की सड़कों पर नहीं दिखेगी रौनक
बिजनौर। कोरोना वायरस के चलते श्रावण मास की कांवड़ यात्रा स्थगित होने से इस बार श्रावण मास में सड़कों पर भोलों के भक्तों की रौनक नहीं दिखाई देखी। हर हर महादेव के जयकारे भी नहीं गूंजेंगे। इस बार प्रशासन को भी कांवड़ यात्रा के लिए मशक्कत नहीं करनी होगी।
कोरोना वायरस के चलते उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व हरियाणा सरकार ने इस बार श्रावण मास की कांवड़ यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह यात्रा छह जुलाई से 19 जुलाई तक चलनी थी। करोड़ों की तादाद में भोले के भक्त कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार जाते थे। यूपी व उत्तराखंड के पुलिस प्रशासन को इसकी व्यवस्था बनानी पड़ती थी। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर, बरेली, मुरादाबाद, काशीपुर समेत कई जिलों के कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेने के लिए बिजनौर से होकर जाते थे। सड़कों पर पैदल भोले के भक्तों के अलावा दूर तक डीजे की थाप पर डाक कांवड़ भी दिखाई देती थी। प्रशासन को दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद जाने वाले वाहनों को वाया गजरौला होकर निकाला जाता था। भोले के भक्तों के लिए मंडावली मार्ग पर कई जगह शिविर लगते हैं। रास्तों में पड़ने वाले होटलों पर भोले के भक्त भोजन करते हैं। बरेली, मुरादाबाद, काशीपुर, अमरोहा की ओर जाने वाले भोले के भक्त नजीबाबाद मार्ग से होकर गुजरते हैं। एसपी संजीव त्यागी के अनुसार इस बार कांवड़ यात्रा स्थगित हो गई है। श्रावण मास में मंदिरों पर भी भीड़ नहीं जुटने दी जाएगी।
विज्ञापन
बिजनौर। कोरोना वायरस के चलते श्रावण मास की कांवड़ यात्रा स्थगित होने से इस बार श्रावण मास में सड़कों पर भोलों के भक्तों की रौनक नहीं दिखाई देखी। हर हर महादेव के जयकारे भी नहीं गूंजेंगे। इस बार प्रशासन को भी कांवड़ यात्रा के लिए मशक्कत नहीं करनी होगी।
कोरोना वायरस के चलते उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व हरियाणा सरकार ने इस बार श्रावण मास की कांवड़ यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह यात्रा छह जुलाई से 19 जुलाई तक चलनी थी। करोड़ों की तादाद में भोले के भक्त कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार जाते थे। यूपी व उत्तराखंड के पुलिस प्रशासन को इसकी व्यवस्था बनानी पड़ती थी। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर, बरेली, मुरादाबाद, काशीपुर समेत कई जिलों के कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेने के लिए बिजनौर से होकर जाते थे। सड़कों पर पैदल भोले के भक्तों के अलावा दूर तक डीजे की थाप पर डाक कांवड़ भी दिखाई देती थी। प्रशासन को दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद जाने वाले वाहनों को वाया गजरौला होकर निकाला जाता था। भोले के भक्तों के लिए मंडावली मार्ग पर कई जगह शिविर लगते हैं। रास्तों में पड़ने वाले होटलों पर भोले के भक्त भोजन करते हैं। बरेली, मुरादाबाद, काशीपुर, अमरोहा की ओर जाने वाले भोले के भक्त नजीबाबाद मार्ग से होकर गुजरते हैं। एसपी संजीव त्यागी के अनुसार इस बार कांवड़ यात्रा स्थगित हो गई है। श्रावण मास में मंदिरों पर भी भीड़ नहीं जुटने दी जाएगी।
विज्ञापन