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Bijnor News: बुलेट बाइक नहीं चलाने देने से नाराज होकर देवांश ने छोड़ा था घर
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धामपुर पुलिस कोतवाली में अपने परिजनों के साथ गायब हुआ छात्र देवांश चौहान स्रोत पुलिस विभाग
धामपुर। शक्तिनगर कॉलोनी दीतनपुर निवासी अरुण कुमार चौहान का पुत्र देवांश (16) बुलेट बाइक नहीं चलाने देने और परिजनों के डांटने से नाराज होकर घर छोड़कर मध्य प्रदेश चला गया था। वह वहां कथावाचक प्रदीप कुमार शुक्ला के सिहोर आश्रम में मिला।
कक्षा 11 के छात्र देवांश को बुधवार को धामपुर लाया गया। उसने बताया कि 29 दिसंबर की शाम पांच बजे ट्यूशन पढ़ने के बहाने घर से निकला था। उसके पास केवल 542 रुपये थे। उसने 29 दिसंबर की शाम धामपुर से लिंक एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी और बिना टिकट जनरल कोच में सवार हो गया। कानपुर से मध्य प्रदेश पहुंच गया। वहां पर उसने एक रिक्शा किया और सिहोर कथावाचक प्रदीप कुमार शुक्ला के आश्रम में पहुंच गया। वह अपनी मां के साथ दो साल पहले वहां घूमने गया था। छात्र ने बताया कि वह आश्रम घूमने के बाद मालवा ट्रेन दिल्ली होता हुआ जम्मू जाने का प्रयास कर रहा था।
इस दौरान जैसे ही उसने किसी अन्य व्यक्ति के फोन से नोएडा में अपनी चचेरी बहन से वीडियो कॉल कर बात की तो कुछ ही देर बाद ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने उसे पकड़ लिया। रात में अपने पास रखा और छह जनवरी को उसके चाचा अमित कुमार चौहान पहुंचे और अपने साथ धामपुर ले आए। पिता अरुण कुमार चौहान ने बताया कि देवांश उनके दो पुत्रों में छोटा है। दिसंबर माह में उसका जन्मदिन था। वह घर में मौजूद बुलेट बाइक चलाने की जिद कर रहा था। परिवार के लोगों ने मना कर दिया था। सीओ अभय कुमार पांडे का कहना है कि बुधवार को बिजनौर मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करने के बाद देवांश को परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया है।
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कक्षा 11 के छात्र देवांश को बुधवार को धामपुर लाया गया। उसने बताया कि 29 दिसंबर की शाम पांच बजे ट्यूशन पढ़ने के बहाने घर से निकला था। उसके पास केवल 542 रुपये थे। उसने 29 दिसंबर की शाम धामपुर से लिंक एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी और बिना टिकट जनरल कोच में सवार हो गया। कानपुर से मध्य प्रदेश पहुंच गया। वहां पर उसने एक रिक्शा किया और सिहोर कथावाचक प्रदीप कुमार शुक्ला के आश्रम में पहुंच गया। वह अपनी मां के साथ दो साल पहले वहां घूमने गया था। छात्र ने बताया कि वह आश्रम घूमने के बाद मालवा ट्रेन दिल्ली होता हुआ जम्मू जाने का प्रयास कर रहा था।
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इस दौरान जैसे ही उसने किसी अन्य व्यक्ति के फोन से नोएडा में अपनी चचेरी बहन से वीडियो कॉल कर बात की तो कुछ ही देर बाद ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने उसे पकड़ लिया। रात में अपने पास रखा और छह जनवरी को उसके चाचा अमित कुमार चौहान पहुंचे और अपने साथ धामपुर ले आए। पिता अरुण कुमार चौहान ने बताया कि देवांश उनके दो पुत्रों में छोटा है। दिसंबर माह में उसका जन्मदिन था। वह घर में मौजूद बुलेट बाइक चलाने की जिद कर रहा था। परिवार के लोगों ने मना कर दिया था। सीओ अभय कुमार पांडे का कहना है कि बुधवार को बिजनौर मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करने के बाद देवांश को परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया है।
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