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बनैली नदी पर पुल या रपटा बनवाने की मांग
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अफजलगढ़ क्षेत्र में बनैली नदी में उफान आने के दौरान इस तरह से गुजरते छात्र-छात्राएं। (फाइल फोटो)
- फोटो : BIJNOR
बनैली नदी पर पुल या रपटा बनवाने की मांग
अफजलगढ़। बारिश से पूर्व ग्रामीणों को बाढ़ का भय सता रहा है। गांव माननगर शाहपुर जमाल मार्ग पर बरसात शुरू होते ही बनैली नदी में पानी आ जाने से मार्ग बंद हो जाता है, और दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को कड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है, उन्हें लंबी दूरी तय करके दूसरे गांव से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने शासन से नदी पर पुल या रपटा बनवाने की मांग की है।
ग्रामीण इंदर सिंह, सौरभ सिंह, चंद्रपाल सिंह, जीवन सिंह, सुरेश सिंह, परवेंदर सिंह तथा राजपाल सिंह का कहना है कि हर वर्ष वर्षाकाल के दौरान नदी में उफान आ जाता है और उन्हें आने जाने सहित पशुओं के चारे की दिक्कत झेलनी पड़ती है। इस मार्ग से शाहपुर जमाल सहित मौसमपुर, सिरियावाली, चक, हसनपुर, बादशाहपुर, मछमार, हरपुर, सादकपुर, मोहिद्दीनपुर सहित दर्जनों गांव के लोगों को आना जाना होता है। बनैली में पानी आने पर पढ़ने वाले बच्चों को भी हाथों में जूते, चप्पल लेकर निकलना पड़ता है। दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कभी-कभी अधिक पानी आ जाने से स्कूली छात्र छात्राएं स्कूल जाने से वंचित रह जाते हैं।
इस मार्ग पर पुल बन जायेगा तो लोगों को इससे राहत मिलेगी। उनकी बच्चों को स्कूल लाने ले जाने की टेंशन खत्म हो जाएगी छात्र छात्राएं स्कूली वाहनों से आ जा सकेंगे। गांव के विकास में भी सहायक होगा। ग्रामीणों ने शासन व जन प्रतिनिधियों से नदी पर रपटा या पुल निर्माण कराने की मांग की है।
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इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई इकरार अहमद ने बताया माननगर शाहपुर जमाल मार्ग पर पुल प्रोजेक्ट पर पुल निर्माण व मार्ग निर्माण आदि का प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है, जल्द शासन से स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। शासन से बजट स्वीकृत होते ही मार्ग व पुल निर्माण का कार्य कराया जाएगा।
25 लाख की लागत से बना था रपटा
करीब 19 वर्ष पूर्व वर्ष 2002 में ग्रामीणों की मांग पर लगभग 25 लाख रुपये की अनुमानित राशि से रपटा बनवाया था, किंतु दो वर्ष बाद ही बनैली नदी के तेज प्रवाह के कारण रपटा ध्वस्त होकर पानी मे बह गया। तब से आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने पुल बनवाने की जहमत नहीं उठाई। जबकि मार्ग पर पुल बनवाने के लिए समाजसेवियों ने विभागीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटे लेकिन समस्या जस की तस बनी है।
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अफजलगढ़। बारिश से पूर्व ग्रामीणों को बाढ़ का भय सता रहा है। गांव माननगर शाहपुर जमाल मार्ग पर बरसात शुरू होते ही बनैली नदी में पानी आ जाने से मार्ग बंद हो जाता है, और दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को कड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है, उन्हें लंबी दूरी तय करके दूसरे गांव से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने शासन से नदी पर पुल या रपटा बनवाने की मांग की है।
ग्रामीण इंदर सिंह, सौरभ सिंह, चंद्रपाल सिंह, जीवन सिंह, सुरेश सिंह, परवेंदर सिंह तथा राजपाल सिंह का कहना है कि हर वर्ष वर्षाकाल के दौरान नदी में उफान आ जाता है और उन्हें आने जाने सहित पशुओं के चारे की दिक्कत झेलनी पड़ती है। इस मार्ग से शाहपुर जमाल सहित मौसमपुर, सिरियावाली, चक, हसनपुर, बादशाहपुर, मछमार, हरपुर, सादकपुर, मोहिद्दीनपुर सहित दर्जनों गांव के लोगों को आना जाना होता है। बनैली में पानी आने पर पढ़ने वाले बच्चों को भी हाथों में जूते, चप्पल लेकर निकलना पड़ता है। दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कभी-कभी अधिक पानी आ जाने से स्कूली छात्र छात्राएं स्कूल जाने से वंचित रह जाते हैं।
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इस मार्ग पर पुल बन जायेगा तो लोगों को इससे राहत मिलेगी। उनकी बच्चों को स्कूल लाने ले जाने की टेंशन खत्म हो जाएगी छात्र छात्राएं स्कूली वाहनों से आ जा सकेंगे। गांव के विकास में भी सहायक होगा। ग्रामीणों ने शासन व जन प्रतिनिधियों से नदी पर रपटा या पुल निर्माण कराने की मांग की है।
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इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई इकरार अहमद ने बताया माननगर शाहपुर जमाल मार्ग पर पुल प्रोजेक्ट पर पुल निर्माण व मार्ग निर्माण आदि का प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है, जल्द शासन से स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। शासन से बजट स्वीकृत होते ही मार्ग व पुल निर्माण का कार्य कराया जाएगा।
25 लाख की लागत से बना था रपटा
करीब 19 वर्ष पूर्व वर्ष 2002 में ग्रामीणों की मांग पर लगभग 25 लाख रुपये की अनुमानित राशि से रपटा बनवाया था, किंतु दो वर्ष बाद ही बनैली नदी के तेज प्रवाह के कारण रपटा ध्वस्त होकर पानी मे बह गया। तब से आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने पुल बनवाने की जहमत नहीं उठाई। जबकि मार्ग पर पुल बनवाने के लिए समाजसेवियों ने विभागीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटे लेकिन समस्या जस की तस बनी है।