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ठप पड़ा प्यारी बिटिया पोर्टल
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ठप पड़ा प्यारी बिटिया पोर्टल
बिजनौर। अल्ट्रासाउंड सेंटर की निगरानी के लिए बनाए गए प्यारी बिटिया पोर्टल पर अल्ट्रसाउंड सेंटर की रिपोर्ट अपलोड नहीं हो पा रही है। इससे जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटर पर होने वाली जांच की रिपोर्ट शासन तक नहीं जा पा रही है। अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर ही काम चला रहे हैं।
कन्या भ्रूण जांच और हत्या रोकने के लिए बहुत सख्ती की जा रही है। केंद्र सरकार ने हरियाणा राज्य को पूरे देश में कहीं भी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर औचक निरीक्षण करने के लिए अधिकृत किया है। इसके अलावा जिलास्तर की टीम भी अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच करती है। अल्ट्रासाउंड सेंटर पर होने वाली जांच की भी विशेष निगरानी रखी जाती है। नियम के अनुसार अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जो जांच होती हैं, उसके तीन प्रारूप बनाए जाते हैं। एक प्रारूप सेंटर संचालक खुद रखते हैं, एक स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाता है और एक प्यारी बिटिया पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।
प्यारी बिटिया पोर्टल अल्ट्रासाउंड सेंटर पर होने वाली जांच की निगरानी के लिए बनाया गया है। इसका पालन करने में इतकी सख्ती की जाती है कि अगर कोई अल्ट्रासाउंड सेंटर इस पर हर महीने प्रारूप न प्रेषित करे तो उसके खिलाफ नोटिस जारी कर दिया जाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से ये पोर्टल काम नहीं कर रहा है। पोर्टल पर दी जाने वाली सूचना नहीं दी जा रही हैं। ऐसी स्थिति में अल्ट्रासाउंड सेंटर पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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पकड़ी जाती हैं धांधलेबाजी
प्यारी बिटिया पोर्टल से कई बार धांधलेबाजी पकड़ी जा चुकी है। एक चिकित्सक ने नियमों को ताक पर रखकर अपने नाम 18 अल्ट्रासाउंड सेंटर चला रखे थे। उसके सेंटर अलीगढ़ और एक सेंटर बिजनौर में भी था। मामला सामने आने के बाद सेंटर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था, लेकिन संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
होगी कड़ी कार्रवाई
पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. एसके निगम के अनुसार जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटर की लगातार जांच की जा रही है। जो भी भ्रूूण लिंग की जांच करने की कोशिश करेगा या अनियमितता बरतेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्यारी बिटिया पोर्टल के बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है।
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बिजनौर। अल्ट्रासाउंड सेंटर की निगरानी के लिए बनाए गए प्यारी बिटिया पोर्टल पर अल्ट्रसाउंड सेंटर की रिपोर्ट अपलोड नहीं हो पा रही है। इससे जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटर पर होने वाली जांच की रिपोर्ट शासन तक नहीं जा पा रही है। अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर ही काम चला रहे हैं।
कन्या भ्रूण जांच और हत्या रोकने के लिए बहुत सख्ती की जा रही है। केंद्र सरकार ने हरियाणा राज्य को पूरे देश में कहीं भी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर औचक निरीक्षण करने के लिए अधिकृत किया है। इसके अलावा जिलास्तर की टीम भी अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच करती है। अल्ट्रासाउंड सेंटर पर होने वाली जांच की भी विशेष निगरानी रखी जाती है। नियम के अनुसार अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जो जांच होती हैं, उसके तीन प्रारूप बनाए जाते हैं। एक प्रारूप सेंटर संचालक खुद रखते हैं, एक स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाता है और एक प्यारी बिटिया पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।
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प्यारी बिटिया पोर्टल अल्ट्रासाउंड सेंटर पर होने वाली जांच की निगरानी के लिए बनाया गया है। इसका पालन करने में इतकी सख्ती की जाती है कि अगर कोई अल्ट्रासाउंड सेंटर इस पर हर महीने प्रारूप न प्रेषित करे तो उसके खिलाफ नोटिस जारी कर दिया जाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से ये पोर्टल काम नहीं कर रहा है। पोर्टल पर दी जाने वाली सूचना नहीं दी जा रही हैं। ऐसी स्थिति में अल्ट्रासाउंड सेंटर पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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पकड़ी जाती हैं धांधलेबाजी
प्यारी बिटिया पोर्टल से कई बार धांधलेबाजी पकड़ी जा चुकी है। एक चिकित्सक ने नियमों को ताक पर रखकर अपने नाम 18 अल्ट्रासाउंड सेंटर चला रखे थे। उसके सेंटर अलीगढ़ और एक सेंटर बिजनौर में भी था। मामला सामने आने के बाद सेंटर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था, लेकिन संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
होगी कड़ी कार्रवाई
पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. एसके निगम के अनुसार जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटर की लगातार जांच की जा रही है। जो भी भ्रूूण लिंग की जांच करने की कोशिश करेगा या अनियमितता बरतेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्यारी बिटिया पोर्टल के बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है।