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गंगदासपुर के जंगल में अंधड़ और ओलावृष्टि ने मचाई तबाही
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गंगदासपुर में आंधी और ओलावृष्टि से नुकसान
बिजनौर। सोमवार रात जिले का मौसम भले ही थोड़ी बारिश के बाद साफ हो गया हो, लेकिन गांव गंगदासपुर में तूफान आया और जमकर तबाही मचाई। गांव गंगदासपुर के एक किलोमीटर के क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। तेज आंधी से कई पेड़ टूट गए और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। सुबह गांव वाले जब खेतों में पहुंचे तो उन्हें देखकर यकीन ही नहीं हुआ कि इतना तेज तूफान उनके पास से होकर गुजरा।
सोमवार शाम को हल्की बूंदाबांदी हुई थी। इसके बाद मौसम खुल गया था। बिजनौर के पास बसे गांव गंगदासपुर में मौसम साफ नहीं हुआ और आंधी, ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई। रात भर तेज बिजली कड़कती रही। मंगलवार सुबह गांव वाले जंगल गए तो खेतों में फसल नष्ट हो चुकी थीं। खेतों में खड़े पेड़ बीच से टूटे हुए थे। केवल एक किलोमीटर के एरिया में ही यह तबाही आई थी। यहां तक कि बिजली के भी कई खंभे टूटे थे। किसान शूरवीर सिंह ने बताया कि आंधी से केवल उनके ही 150 से ज्यादा पॉपुलर, यूकेलिप्टस और आम के पेड़ टूटे हैं। जबकि पास के गांव और जिले भर में कहीं ऐसा नहीं हुआ है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी ऐसा नहीं देखा कि एक किलोमीटर के दायरे में ही तबाही हुई हो। उनका कहना है कि अच्छा हुआ तूफान गांव की ओर नहीं आया नहीं तो जानमाल का नुकसान ज्यादा हो सकता था।
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बिजनौर। सोमवार रात जिले का मौसम भले ही थोड़ी बारिश के बाद साफ हो गया हो, लेकिन गांव गंगदासपुर में तूफान आया और जमकर तबाही मचाई। गांव गंगदासपुर के एक किलोमीटर के क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। तेज आंधी से कई पेड़ टूट गए और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। सुबह गांव वाले जब खेतों में पहुंचे तो उन्हें देखकर यकीन ही नहीं हुआ कि इतना तेज तूफान उनके पास से होकर गुजरा।
सोमवार शाम को हल्की बूंदाबांदी हुई थी। इसके बाद मौसम खुल गया था। बिजनौर के पास बसे गांव गंगदासपुर में मौसम साफ नहीं हुआ और आंधी, ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई। रात भर तेज बिजली कड़कती रही। मंगलवार सुबह गांव वाले जंगल गए तो खेतों में फसल नष्ट हो चुकी थीं। खेतों में खड़े पेड़ बीच से टूटे हुए थे। केवल एक किलोमीटर के एरिया में ही यह तबाही आई थी। यहां तक कि बिजली के भी कई खंभे टूटे थे। किसान शूरवीर सिंह ने बताया कि आंधी से केवल उनके ही 150 से ज्यादा पॉपुलर, यूकेलिप्टस और आम के पेड़ टूटे हैं। जबकि पास के गांव और जिले भर में कहीं ऐसा नहीं हुआ है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी ऐसा नहीं देखा कि एक किलोमीटर के दायरे में ही तबाही हुई हो। उनका कहना है कि अच्छा हुआ तूफान गांव की ओर नहीं आया नहीं तो जानमाल का नुकसान ज्यादा हो सकता था।
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