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कोटकादर में कुंडारे लगाने को उमड़ा जनसैलाब
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कोटकादर में कुंडारे लगाने को उमड़ा जनसैलाब
नजीबाबाद/रायपुर सादात। रायपुर सादात के गांव कोटकादर में आसाढ़ माह के प्रत्येक रविवार को लगने वाले मेले में कुंडारे लगाने और पूजन करने को जनसैलाब उमड़ा पड़ा, जिस कारण रायपुर-कोटद्वार मार्ग पर दिनभर जाम का सिलसिला लगा रहा। मंदिर के कपाट बंद होने के बावजूद भी श्रद्धालुओं ने मंदिर के बाहर ही प्रसाद चढ़ाया।
गांव कोटकादर में प्रत्येक वर्ष आसाढ़ माह के प्रत्येक रविवार को कल्याण मल के नाम से मेला लगता है, जिसमें नवविवाहित जोड़े और श्रद्धालु कुंडारा लगाकर प्रसाद चढ़ाते हुए कल्याण मल देवता से मन्नत मांगते है। कोरोना के मद्देनजर मंदिर कमेटी ने इस बार मंदिर के कपाट बंद करने का निर्णय लिया गया था। पहले व दूसरे रविवार को कम संख्या में लोगों ने मेले में पहुंचकर प्रसाद चढ़ाया। लेकिन तीसरे रविवार को मंदिर स्थल पर प्रसाद चढ़ाने जनसैलाब उमड़ पड़ा। मेले से दो किमी दूर तक रोड पर जाम लगा रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर के कपाट बंद होने पर मंदिर के बाहर ही प्रसाद चढ़ाया। दस बजे हुई तेज वर्षा से श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा पाई। तेज वर्षा में भी लोग लगातर प्रसाद चढ़ाते रहे। पुलिस को व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई।
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नजीबाबाद/रायपुर सादात। रायपुर सादात के गांव कोटकादर में आसाढ़ माह के प्रत्येक रविवार को लगने वाले मेले में कुंडारे लगाने और पूजन करने को जनसैलाब उमड़ा पड़ा, जिस कारण रायपुर-कोटद्वार मार्ग पर दिनभर जाम का सिलसिला लगा रहा। मंदिर के कपाट बंद होने के बावजूद भी श्रद्धालुओं ने मंदिर के बाहर ही प्रसाद चढ़ाया।
गांव कोटकादर में प्रत्येक वर्ष आसाढ़ माह के प्रत्येक रविवार को कल्याण मल के नाम से मेला लगता है, जिसमें नवविवाहित जोड़े और श्रद्धालु कुंडारा लगाकर प्रसाद चढ़ाते हुए कल्याण मल देवता से मन्नत मांगते है। कोरोना के मद्देनजर मंदिर कमेटी ने इस बार मंदिर के कपाट बंद करने का निर्णय लिया गया था। पहले व दूसरे रविवार को कम संख्या में लोगों ने मेले में पहुंचकर प्रसाद चढ़ाया। लेकिन तीसरे रविवार को मंदिर स्थल पर प्रसाद चढ़ाने जनसैलाब उमड़ पड़ा। मेले से दो किमी दूर तक रोड पर जाम लगा रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर के कपाट बंद होने पर मंदिर के बाहर ही प्रसाद चढ़ाया। दस बजे हुई तेज वर्षा से श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा पाई। तेज वर्षा में भी लोग लगातर प्रसाद चढ़ाते रहे। पुलिस को व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई।
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