{"_id":"6339e4094a848c18d27ecd73","slug":"crops-will-grow-in-rough-and-barren-land-bijnor-news-mrt6079455120","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor: उबड़-खाबड़ और बंजर जमीन में लहलहाएंगी फसलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor: उबड़-खाबड़ और बंजर जमीन में लहलहाएंगी फसलें
Mon, 03 Oct 2022 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2022 12:48 AM IST
सार
बिजनौर में उबड़-खाबड़ और बंजर जमीन पर फसलें लहलहाएंगी। कृषि भूमि सुधार विभाग प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और पंडित दीनदयाल किसान समृद्धि योजना के तहत इस भूमि को उपजाऊ बनाएगा।
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिजनौर में ढ़ालदार, उबड़-खाबड़ और बंजर जमीन पर फसलें लहलहाएंगी। विभाग ने पिछले वर्ष 284 हेक्टेयर में भूमि को समतल और छोटे छोटे तालाब बनाकर उपजाऊ बनाया, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई। कृषि भूमि सुधार विभाग जमीन को समतल कराएगा और पहाड़ों की तर्ज पर छोटे-छोटे खेत बनाकर मेढ़ लगाई जाएगी। ताकि किसान इस खेती में उपज लेकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर लें।
यह भी पढ़ें: Agniveer Bharti: उम्र की हेराफेरी करने पर भर्ती से निकाले 400 अभ्यर्थी, बुलंदशहर के अभ्यर्थियों ने की गड़बड़ी
इसके लिए इस कार्य में भूमि संरक्षण विभाग अन्य विभागों का सहयोग ले रहा है। जो जमीन चारों ओर से ऊंची है और बीच में गहरी है, उसमें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत तालाब बनाएं जा रहे हैं। पिछले वर्ष 24 तालाबों का निर्माण किया गया। इससे बरसात के पानी एकत्र होने से किसान सिंचाई कर सकते हैं और सिंगाड़ा आदि फसलें भी प्राप्त कर रहे हैं।
विज्ञापन
इस बार जनपद में 350 हेक्टेयर भूमि को सुधार का लक्ष्य मिला है। उबड़-खाबड़ व पथरीली जमीन को सही कर उपजाऊ बनाया जाएगा। इस कार्य में भूमि संरक्षण विभाग अन्य विभागों का सहयोग ले रहा है।
-डॉ. अवधेश मिश्रा, भूमि संरक्षण अधिकारी
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: Agniveer Bharti: उम्र की हेराफेरी करने पर भर्ती से निकाले 400 अभ्यर्थी, बुलंदशहर के अभ्यर्थियों ने की गड़बड़ी
विज्ञापन
इसके लिए इस कार्य में भूमि संरक्षण विभाग अन्य विभागों का सहयोग ले रहा है। जो जमीन चारों ओर से ऊंची है और बीच में गहरी है, उसमें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत तालाब बनाएं जा रहे हैं। पिछले वर्ष 24 तालाबों का निर्माण किया गया। इससे बरसात के पानी एकत्र होने से किसान सिंचाई कर सकते हैं और सिंगाड़ा आदि फसलें भी प्राप्त कर रहे हैं।
विज्ञापन
इस बार जनपद में 350 हेक्टेयर भूमि को सुधार का लक्ष्य मिला है। उबड़-खाबड़ व पथरीली जमीन को सही कर उपजाऊ बनाया जाएगा। इस कार्य में भूमि संरक्षण विभाग अन्य विभागों का सहयोग ले रहा है।
-डॉ. अवधेश मिश्रा, भूमि संरक्षण अधिकारी